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Kurukshetra News: कार का शीशा तोड़ने पर हुए विवाद में हमले के आरोपी को जमानत
सार
कुरुक्षेत्र में गढ़ी रोडान गांव में कार का शीशा तोड़ने पर हुए हमले के आरोपी विक्रम को जिला सत्र न्यायाधीश ने 50 हजार के मुचलके पर जमानत दी। समझौते और लंबी हिरासत के आधार पर यह निर्णय लिया गया।
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विस्तार
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कुरुक्षेत्र। जिला सत्र न्यायाधीश दिनेश कुमार मित्तल ने गांव गढ़ी रोडान में कार का शीशा तोड़ने पर हुए विवाद के बाद हमला करने के आरोपी विक्रम (24) को 50 हजार के निजी मुचलके पर नियमित जमानत दे दी। यह मामला 16 मार्च का है जिसमें भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 109, 115(2), 126(2), 351(3), 3(5) के तहत आरोप लगाए गए थे।
17 मार्च को पुलिस को दी शिकायत में शिकायतकर्ता सुरेश कुमार ने बताया कि वह अपनी कार में गली में बैठे थे। उसी समय आरोपी बाबू राम ने अपनी बुग्गी से कार को टक्कर मार दी जिससे चालक की तरफ का शीशा टूट गया। सुरेश के धैर्य रखने की सलाह देने पर बाबू राम और उनके परिवार के सदस्य जिसमें विक्रम, ऋषिपाल और रणधीर शामिल थे। उन्होंने सुरेश, उनके पिता मांगे राम, भाई सुरेंद्र, बेटे सुधांशु और मां पर हमला कर दिया। मेडिकल में मांगे राम की चोटें जीवन के लिए खतरनाक पाई गईं जबकि सुरेश और सुधांशु बेहोश हो गए। बाबू राम ने सुरेश के माथे पर तंगली से वार किया और अन्य ने ईंट-पत्थर फेंके। घायलों को जिला नागरिक अस्पताल ले जाया गया, जहां से उन्हें पीजीआई चंडीगढ़ रेफर किया गया। जांच में सीसीटीवी फुटेज और मेडिकल-लिगल रिपोर्ट प्राप्त हुई। बाबू राम से तंगली, रणधीर से लाठी और विक्रम व ऋषिपाल से ईंट के टुकड़े बरामद किए गए।
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विक्रम के वकील ने तर्क दिया कि वह निर्दोष है और उसे झूठा फंसाया गया। मांगे राम की गंभीर चोटें विक्रम से नहीं जोड़ी गई और ईंट की बरामदगी झूठी है। सह-आरोपियों बाबू राम, ऋषिपाल और रणधीर को तीन सितंबर को समझौते के आधार पर जमानत मिल चुकी है और विक्रम का मामला समान है। शिकायतकर्ता सुरेश ने शपथ-पत्र में कहा कि आरोपी उनके परिवार के सदस्य हैं और पंचायत में समझौता हो गया है। जांच पूरी हो चुकी है और मुकदमा लंबा चलेगा।
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लोक अभियोजक चंदर मोहन ने याचिका का विरोध किया लेकिन शिकायतकर्ता के वकील ने समझौते की पुष्टि की। न्यायाधीश ने समझौते व सह-आरोपियों की जमानत और विक्रम की लंबी हिरासत 23 जून को देखते हुए जमानत मंजूर की। विक्रम को 50 हजार रुपये के मुचलके और समान राशि की जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया गया।