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Kurukshetra News: मांगों के समर्थन में सड़कों पर उतरी आशा कर्मी
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कुरुक्षेत्र। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर बड़ी संख्या में महिलाएं सड़कों पर उतर आई और जमकर रोष प्रदर्शन किया। सीआईटीयू के आह्वान पर किए गए इस प्रदर्शन में आशा वर्कर बड़ी संख्या में शामिल रही, जिन्होंने पहले ताज पार्क में बैठक की, जिसके बाद रोष मार्च निकालते हुए जिला सचिवालय पहुंची और जिला उपायुक्त को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।प्रदर्शन की अध्यक्षता मनजीत ने की जबकि कुशमलता ने मंच का संचालन किया।
उषा, सुषमा, अनिता, भीम सिंह सैनी, रौशन लाल फौजी, महावीर प्रसाद दहिया, भारत बराड छात्र नेता केयूके, सीटू की जिला प्रधान रानी देवी व जिला सचिव अनिल कुमार ने संबोधित करते हुए केंद्र व राज्य सरकार की महिला विरोधी नीतियों की घोर आलोचना की और महिलाओं को बराबरी के अधिकार देने की मांग की।
ज्ञापन के माध्यम से मांग की गई कि हिंसा से पीड़ित महिलाओं के पुनर्वास के लिए बजट का उचित प्रावधान किया जाए, जस्टिस वर्मा समिति की सिफारिश को लागू किया जाए, निर्भया फंड के लिए आवंटन बढ़ाया जाए ,सभी कार्य स्थलों और शैक्षणिक संस्थानों में यौन उत्पीड़न को रोकने के लिए किए गए प्रावधान का सख्ती से क्रियान्वयन किया जाए, महिलाओं के साथ होने वाले साइबर अपराधों के खिलाफ विशेष कानून बनाया जाए , इज्जत के नाम पर होने वाली हत्याओं एवं अपराधों के खिलाफ सक्त कानून बनाया जाए, सभी के लिए नौकरियां सुनिश्चित की जाए ,मनरेगा में प्रतिदिन 600 के हिसाब से 200 दिन का काम सुनिश्चित किया जाए, रोजगार गारंटी कानून को शहरी क्षेत्र में भी लागू किया जाए तथा महिलाओं के लिए ऐसे काम सरजीत किए जाएं, जिन्हें महिलाएं आसानी से कर पाए।
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उषा, सुषमा, अनिता, भीम सिंह सैनी, रौशन लाल फौजी, महावीर प्रसाद दहिया, भारत बराड छात्र नेता केयूके, सीटू की जिला प्रधान रानी देवी व जिला सचिव अनिल कुमार ने संबोधित करते हुए केंद्र व राज्य सरकार की महिला विरोधी नीतियों की घोर आलोचना की और महिलाओं को बराबरी के अधिकार देने की मांग की।
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ज्ञापन के माध्यम से मांग की गई कि हिंसा से पीड़ित महिलाओं के पुनर्वास के लिए बजट का उचित प्रावधान किया जाए, जस्टिस वर्मा समिति की सिफारिश को लागू किया जाए, निर्भया फंड के लिए आवंटन बढ़ाया जाए ,सभी कार्य स्थलों और शैक्षणिक संस्थानों में यौन उत्पीड़न को रोकने के लिए किए गए प्रावधान का सख्ती से क्रियान्वयन किया जाए, महिलाओं के साथ होने वाले साइबर अपराधों के खिलाफ विशेष कानून बनाया जाए , इज्जत के नाम पर होने वाली हत्याओं एवं अपराधों के खिलाफ सक्त कानून बनाया जाए, सभी के लिए नौकरियां सुनिश्चित की जाए ,मनरेगा में प्रतिदिन 600 के हिसाब से 200 दिन का काम सुनिश्चित किया जाए, रोजगार गारंटी कानून को शहरी क्षेत्र में भी लागू किया जाए तथा महिलाओं के लिए ऐसे काम सरजीत किए जाएं, जिन्हें महिलाएं आसानी से कर पाए।
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