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Kurukshetra News: आशा कर्मियों ने जिला सचिवालय से सांसद आवास तक निकाला रोष मार्च
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कुरुक्षेत्र। विभिन्न मांगों के लिए आशा वर्कर यूनियन की हड़ताल वीरवार को 17वें दिन भी जारी रही। इस दौरान न केवल जिला सचिवालय से सांसद नायब सिंह सैनी के आवास तक रोष मार्च निकाला। उन्होंने नारेबाजी करते हुए ज्ञापन भी सौंपा। चेतावनी दी कि उनकी मांगें जल्द पूरी नहीं की गई तो अनिश्चितकालीन हड़ताल कर दी जाएगी।
रोष जताते हुए आशा कर्मी सांसद आवास पर पहुंची तो वहां भी घंटा भर तक धरना दिया और नारेबाजी भी की। इस दौरान सांसद मौजूद न होने के चलते उनके प्रतिनिधि ने आश्वासन दिया कि वे इन मांगों को केंद्र व राज्य सरकार के सामने रखेंगे और इन्हें पूरा कराएं जाने का प्रयास किया जाएगा । यूनियन की जिला प्रधान ने बताया कि राज्य की 20 हजार आशा कर्मी हड़ताल पर हैं । स्वास्थ्य विभाग का काम बुरी तरह से प्रभावित हो रहा है, लेकिन सरकार को इसकी कोई चिंता नहीं है ।
उन्होंनें कहा कि मुख्यमंत्री मानते हैं कि यह केंद्र की परियोजना है, केंद्र ही वेतन बढ़ा सकता है । लेकिन कर्मी राज्य की जनता की सेवा में लगे हुए हैं और राज्य सरकार अपनी जिम्मेदारी से नहीं बच सकती है। उन्होंने मांग करते हुए कहा कि सभी आशा कर्मियों को नियमित कर्मचारी का दर्जा मिले, न्यूनतम वेतन 26 हजार किया जाए और मानदेय को प्रोत्साहन के साथ जोड़ा जाना चाहिए। अगर सरकार इन मांगों को पूरा नहीं करती है तो 28 अगस्त को आशाकर्मी विधानसभा का घेराव करने के लिए पंचकूला कूच करेगी और हड़ताल अनिश्चितकालीन कर दी जाएगी। प्रदर्शन में आशा वर्कर यूनियन की जिला उपप्रधान मनजीत, कोषाध्यक्ष उषा, सुखविंद्र, अनीता, नीलम, अनीता, रेखा आदि मौजूद रही ।
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रोष जताते हुए आशा कर्मी सांसद आवास पर पहुंची तो वहां भी घंटा भर तक धरना दिया और नारेबाजी भी की। इस दौरान सांसद मौजूद न होने के चलते उनके प्रतिनिधि ने आश्वासन दिया कि वे इन मांगों को केंद्र व राज्य सरकार के सामने रखेंगे और इन्हें पूरा कराएं जाने का प्रयास किया जाएगा । यूनियन की जिला प्रधान ने बताया कि राज्य की 20 हजार आशा कर्मी हड़ताल पर हैं । स्वास्थ्य विभाग का काम बुरी तरह से प्रभावित हो रहा है, लेकिन सरकार को इसकी कोई चिंता नहीं है ।
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उन्होंनें कहा कि मुख्यमंत्री मानते हैं कि यह केंद्र की परियोजना है, केंद्र ही वेतन बढ़ा सकता है । लेकिन कर्मी राज्य की जनता की सेवा में लगे हुए हैं और राज्य सरकार अपनी जिम्मेदारी से नहीं बच सकती है। उन्होंने मांग करते हुए कहा कि सभी आशा कर्मियों को नियमित कर्मचारी का दर्जा मिले, न्यूनतम वेतन 26 हजार किया जाए और मानदेय को प्रोत्साहन के साथ जोड़ा जाना चाहिए। अगर सरकार इन मांगों को पूरा नहीं करती है तो 28 अगस्त को आशाकर्मी विधानसभा का घेराव करने के लिए पंचकूला कूच करेगी और हड़ताल अनिश्चितकालीन कर दी जाएगी। प्रदर्शन में आशा वर्कर यूनियन की जिला उपप्रधान मनजीत, कोषाध्यक्ष उषा, सुखविंद्र, अनीता, नीलम, अनीता, रेखा आदि मौजूद रही ।
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