संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। रत्नावली महोत्सव में शनिवार को दूसरे दिन आर के सदन में हरियाणवी लोकगीत से लोगों पुराने समय में ले जाया गया और आखिर में विलुप्त होती संस्कृति को चेताया। लोकगीतों पर छात्राओं ने शानदार प्रस्तुति दी, जिससे दर्शक थिरकने को मजबूर हो गए। प्रतियोगिता में 13 कॉलेजों के प्रतिभागियों ने भाग लिया। आर्य कॉलेज पानीपत ने पहना, चौधरी ईश्वर सिंह कन्या महाविद्यालय ढांड ने दूसरा, नेशनल कॉलेज सिरसा ने तीसरा, डीबीजी गवर्नमेंट कॉलेज पानीपत ने चौथा, केएम गवर्नमेंट कॉलेज नरवाना ने पांचवां स्थान हासिल किया।
आरके सदन में लोकगीत गूंजते ही दर्शकों का हाव भाव प्रतिभागी के समान बदलता नजर आया। दर्शकों से बात की गई तो बताया कि यह गीत हम रात भर नानी, दादी से शादी ब्याह में नींद की कुर्बानी देकर तालियों व ढोल मंजीरे के साथ सुनते व नाचते थे। प्रतिभागियों का कहना हैं कि हमारी आवाज को हरियाणवी संस्कृति से एक नई छवि से रूबरू होने को मिला। मंच संचालन विधि विभाग की छात्राओं प्रियंका व खुशी ने किया। निर्णायक मंडल की भूमिका निभाते हुए शिव कुमार, प्रवीन कादयान, ईश्वर सिंह लांबा ने परिणाम में निष्पक्षता कायम रखी।