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आढ़तियों ने की हड़ताल, अनाज मंडियों में ठप रहा कारोबार
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अपनी मांगों को लेकर सोमवार को जिले भर के आढ़ती हड़ताल पर रहे। इसके चलते अनाज मंडियों में कारोबार पूरी तरह से ठप रहा। न धान की खरीद हुई तो न ही अन्य कार्य किए गए, जिससे किसानों की परेशानी और बढ़ गई है। उधर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर उतरे आढ़ती दिन भर सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर मार्केट कमेटी कार्यालयों पर धरना देकर रोष जताते रहे।
अनाज मंडियों में आढ़ती पहले से ही घोषित हड़ताल के चलते सुबह ही अपनी-अपनी मंडियों में एकत्रित होने लगे। आढ़ती एसोसिएशन ने एकजुटता दिखाते हुए पहले अनाज मंडियों में रोष मार्च निकाला। इसके बाद नारेबाजी करते हुए मार्केट कमेटी सचिव कार्यालय के समक्ष धरना शुरू कर दिया। इस दौरान मंडियों में पूरा कार्य ठप रखा गया। आढ़तियों ने ऐलान किया है कि सरकार ने उनकी मांगें नहीं मानी तो वे मंगलवार को विधायकों के आवास का घेराव करेंगे तो बुधवार को करनाल में मुख्यमंत्री आवास का घेराव किया जाएगा। जहां प्रदेश भर के आढ़ती जुटेंगे। उधर आढ़तियों की हड़ताल का असर मंडियों में धान लेकर आए किसानों पर भी दिखाई दिया। किसानों के समक्ष अब और भी परेशानी खड़ी हो गई है। इस दौरान राजबीर, अरविंद्र बसंल, दौलतराम, जगतार सिंह, शेर सिंह, अंग्रेज सिंह, लाला बीरभान, रमेश मिर्जापुर सुरेश खानपुर शीशपाल, हंसराज, मेहर सिंह सहित अन्य आढ़ती भी शामिल रहे।
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आगे भी बढ़ाया जा सकता है आंदोलन : माया राम
आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान माया राम, दौलत राम बंसल व अंग्रेज सिंह ने आढ़तियों को संबोधित करते हुए कहा कि आढ़ती अपनी मांगों को लेकर लगातार सरकार को अवगत करवा रहे हैं। 10 सितंबर को गोहाना में रैली भी की गई। अब तीन दिन का आंदोलन है, लेकिन सरकार अभी भी अड़ी रही तो आंदोलन आगे भी बढ़ाया जा सकता है, लेकिन इस बार आढ़ती झुकेंगे नहीं।
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ये रही मुख्य मांगें
आढ़तियों ने नारेबाजी करते हुए मांग की कि किसानों की फसल का भुगतान उनकी इच्छा के अनुसार किया जाए, ई-प्रणाली बंद की जाए और आढ़त ढाई प्रतिशत की जाए। ये मांगें आढ़ती ही नहीं किसानों के भी हित में है और सरकार को ये पूरी करनी ही चाहिए।
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मजबूरन घर ले जाना पड़ेगा धान : जयचंद
गांव भवानी खेड़ा के किसान जयचंद का कहना था कि वह सुबह अपनी धान लेकर अनाज मंडी में आया था, लेकिन आढ़ती अनिश्चितकाल पर हड़ताल पर चले जाने के कारण उसकी धान की खरीद नहीं हो रही है। पहले सरकार ने खरीद शुरू नहीं और अब ये हालात बन गए है। अब उन्हें मजबूरन धान को वापिस घर ले जाना पड़ेगा।
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दो दिन से नहीं बिका धान: सतपाल
गांव बाहदुरपुर से धान लेकर मंडी में आए किसान सतपाल सिंह का कहना है कि वह रविवार रात को अपना धान लेकर अनाज मंडी में आया था, लेकिन बिक नहीं पाया। अब आढ़तियों ने हड़ताल कर दी है, जिसके चलते अब उनके सामने और भी समस्या खड़ी हो गई। बदलते मौसम में किसानों को धान में नुकसान की आशंका बनी हुई है।
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अनाज मंडियों में आढ़ती पहले से ही घोषित हड़ताल के चलते सुबह ही अपनी-अपनी मंडियों में एकत्रित होने लगे। आढ़ती एसोसिएशन ने एकजुटता दिखाते हुए पहले अनाज मंडियों में रोष मार्च निकाला। इसके बाद नारेबाजी करते हुए मार्केट कमेटी सचिव कार्यालय के समक्ष धरना शुरू कर दिया। इस दौरान मंडियों में पूरा कार्य ठप रखा गया। आढ़तियों ने ऐलान किया है कि सरकार ने उनकी मांगें नहीं मानी तो वे मंगलवार को विधायकों के आवास का घेराव करेंगे तो बुधवार को करनाल में मुख्यमंत्री आवास का घेराव किया जाएगा। जहां प्रदेश भर के आढ़ती जुटेंगे। उधर आढ़तियों की हड़ताल का असर मंडियों में धान लेकर आए किसानों पर भी दिखाई दिया। किसानों के समक्ष अब और भी परेशानी खड़ी हो गई है। इस दौरान राजबीर, अरविंद्र बसंल, दौलतराम, जगतार सिंह, शेर सिंह, अंग्रेज सिंह, लाला बीरभान, रमेश मिर्जापुर सुरेश खानपुर शीशपाल, हंसराज, मेहर सिंह सहित अन्य आढ़ती भी शामिल रहे।
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आगे भी बढ़ाया जा सकता है आंदोलन : माया राम
आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान माया राम, दौलत राम बंसल व अंग्रेज सिंह ने आढ़तियों को संबोधित करते हुए कहा कि आढ़ती अपनी मांगों को लेकर लगातार सरकार को अवगत करवा रहे हैं। 10 सितंबर को गोहाना में रैली भी की गई। अब तीन दिन का आंदोलन है, लेकिन सरकार अभी भी अड़ी रही तो आंदोलन आगे भी बढ़ाया जा सकता है, लेकिन इस बार आढ़ती झुकेंगे नहीं।
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ये रही मुख्य मांगें
आढ़तियों ने नारेबाजी करते हुए मांग की कि किसानों की फसल का भुगतान उनकी इच्छा के अनुसार किया जाए, ई-प्रणाली बंद की जाए और आढ़त ढाई प्रतिशत की जाए। ये मांगें आढ़ती ही नहीं किसानों के भी हित में है और सरकार को ये पूरी करनी ही चाहिए।
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मजबूरन घर ले जाना पड़ेगा धान : जयचंद
गांव भवानी खेड़ा के किसान जयचंद का कहना था कि वह सुबह अपनी धान लेकर अनाज मंडी में आया था, लेकिन आढ़ती अनिश्चितकाल पर हड़ताल पर चले जाने के कारण उसकी धान की खरीद नहीं हो रही है। पहले सरकार ने खरीद शुरू नहीं और अब ये हालात बन गए है। अब उन्हें मजबूरन धान को वापिस घर ले जाना पड़ेगा।
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दो दिन से नहीं बिका धान: सतपाल
गांव बाहदुरपुर से धान लेकर मंडी में आए किसान सतपाल सिंह का कहना है कि वह रविवार रात को अपना धान लेकर अनाज मंडी में आया था, लेकिन बिक नहीं पाया। अब आढ़तियों ने हड़ताल कर दी है, जिसके चलते अब उनके सामने और भी समस्या खड़ी हो गई। बदलते मौसम में किसानों को धान में नुकसान की आशंका बनी हुई है।