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गेहूं का उठान न होने से आढ़ती, किसान परेशान
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थानेसर अनाज मंडी में रखे गेहूं के कट्टे। संवाद
- फोटो : Kurukshetra
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संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। जिले में गेहूं की खरीद का कार्य लगभग पूरा हो चुका है। अब सिर्फ इक्का दुक्का किसान ही गेहूं बेचने के लिए आ रहे हैं। वहीं मंडी से उठान न होने पर आढ़ती बेहद परेशान है। थानेसर आढ़ती उठान को लेकर उनसे नजराना मांगने का आरोप लगा रहे हैं।
आढ़तियों का कहना है कि मांग पूरी न होने पर दुकान के सामने पडे़ गेहूं का उठान नहीं किया जा रहा है। थानेसर मंडी के पूर्व प्रधान दौलत राम बंसल ने बताया कि मंडी से खरीद का कार्य पूरा हो चुका है। अब उनके सामने उठान की समस्या आ गई है। आरोप लगाया कि आढ़तियों से नजराने की मांग की जा रही है। मांग पूरी न होने पर उठान नहीं किया जा रहा है। इससे आढ़ती और किसान दोनों ही परेशान है। उठान न होने से किसान को उसकी फसल का भुगतान नहीं हो रहा है, क्योंकि एजेंसियों के गोदाम में गेहूं उतरने के बाद ही भुगतान किया जा रहा है।
कहा कि गेहूं खुले आसमान के नीचे पड़ा हुआ है, जिससे आढ़ती को गेहूं के चोरी होने का डर भी सता रही है। वहीं धूप में नमी कम होने गेहूं का वजन भी कम हो रहा है। इसका सीधा नुकसान संबंधित आढ़तियों को उठाना पड़ेगा। अगर प्रशासन ने उनकी समस्या का शीघ्र समाधान नहीं किया तो इसके खिलाफ बैठक कर रणनीति बनाई जाएगी।
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जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक केके गोयल ने बताया कि किसी भी आढ़ती को नजराना देने की जरूरत नहीं है। मंडी से व्यवस्था के अनुसार उठान कार्य किया जा रहा है। थानेसर मंडी में मात्र 80 हजार बैग की शेष है। शीघ्र ही उनका उठान कर लिया जाएगा। कोई नजराना मांगता तो उसकी शिकायत विभाग से करें।
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कुरुक्षेत्र। जिले में गेहूं की खरीद का कार्य लगभग पूरा हो चुका है। अब सिर्फ इक्का दुक्का किसान ही गेहूं बेचने के लिए आ रहे हैं। वहीं मंडी से उठान न होने पर आढ़ती बेहद परेशान है। थानेसर आढ़ती उठान को लेकर उनसे नजराना मांगने का आरोप लगा रहे हैं।
आढ़तियों का कहना है कि मांग पूरी न होने पर दुकान के सामने पडे़ गेहूं का उठान नहीं किया जा रहा है। थानेसर मंडी के पूर्व प्रधान दौलत राम बंसल ने बताया कि मंडी से खरीद का कार्य पूरा हो चुका है। अब उनके सामने उठान की समस्या आ गई है। आरोप लगाया कि आढ़तियों से नजराने की मांग की जा रही है। मांग पूरी न होने पर उठान नहीं किया जा रहा है। इससे आढ़ती और किसान दोनों ही परेशान है। उठान न होने से किसान को उसकी फसल का भुगतान नहीं हो रहा है, क्योंकि एजेंसियों के गोदाम में गेहूं उतरने के बाद ही भुगतान किया जा रहा है।
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कहा कि गेहूं खुले आसमान के नीचे पड़ा हुआ है, जिससे आढ़ती को गेहूं के चोरी होने का डर भी सता रही है। वहीं धूप में नमी कम होने गेहूं का वजन भी कम हो रहा है। इसका सीधा नुकसान संबंधित आढ़तियों को उठाना पड़ेगा। अगर प्रशासन ने उनकी समस्या का शीघ्र समाधान नहीं किया तो इसके खिलाफ बैठक कर रणनीति बनाई जाएगी।
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जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक केके गोयल ने बताया कि किसी भी आढ़ती को नजराना देने की जरूरत नहीं है। मंडी से व्यवस्था के अनुसार उठान कार्य किया जा रहा है। थानेसर मंडी में मात्र 80 हजार बैग की शेष है। शीघ्र ही उनका उठान कर लिया जाएगा। कोई नजराना मांगता तो उसकी शिकायत विभाग से करें।