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Kurukshetra News: अवैध कॉलोनियों के नियमितीकरण के लिए 14 जुलाई तक करना होगा आवेदन
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कुरुक्षेत्र। नगर परिषद की सीमा के बाहर बसायीं गई अवैध कॉलोनियों को नियमित करवाने के लिए 14 जुलाई तक नगर योजनाकार विभाग में आवेदन किया जा सकता है। प्रदेश सरकार ने अवैध काॅलोनियों के लिए एक नई पॉलिसी बनाई है। जिसमें कुछ शुल्क जमा करवा कर कॉलोनी को नियमित करवाया जा सकता है। इस पॉलिसी की आखिरी तारीख 14 जुलाई तक बढ़ा दी गई है। इसके लिए प्रॉपर्टी डीलर, रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन या पांच से ज्यादा कॉलोनी वासी जिला नगर योजनाकार कार्यालय में आवेदन कर सकते हैं।
डीटीपी अरविंद्र ढुल ने कहा कि सरकार द्वारा खाली जगह का विकास शुल्क 10 प्रतिशत से घटाकर आठ प्रतिशत कर दिया गया है। बने हुए निर्माणों का विकास शुल्क पांच प्रतिशत ही रखा गया है। इसके अतिरिक्त रिहायशी क्षेत्र से दूर स्थित काॅलोनियों का न्यूनतम क्षेत्र दो एकड़ निर्धारित किया गया है। रिहायशी क्षेत्र के साथ लगती काॅलोनियों का कोई भी न्यूनतम एरिया निर्धारित नहीं किया गया है। जिन काॅलोनियों में व्यावसायिक क्षेत्र चार प्रतिशत से अधिक हैं, उनमें विकास शुल्क रिहायशी क्षेत्र से तीन गुना अधिक लिया जाएगा। आवेदन में काटे गए प्लाॅटों व उनके मालिकों की सूची, काॅलोनी का सजरा बेस्ड सर्वे प्लान, गूगल सेटेलाइट व कॉलोनी की डिमार्केशन एफडीपी 2021 मैप पर स्थान को मार्क किया होना चाहिए। कंपनी का लेआउट प्लान, इसमें बनाए गये मकानों व खाली भूखंडों की सूची, काॅलोनी में मौजूदा सुविधाएं आदि का विवरण होना जरूरी है। इसके साथ-साथ काॅलोनी में सड़क, पानी, बिजली, सीवरेज आदि की भी पूरी जानकारी जमा करवानी होगी।
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डीटीपी अरविंद्र ढुल ने कहा कि सरकार द्वारा खाली जगह का विकास शुल्क 10 प्रतिशत से घटाकर आठ प्रतिशत कर दिया गया है। बने हुए निर्माणों का विकास शुल्क पांच प्रतिशत ही रखा गया है। इसके अतिरिक्त रिहायशी क्षेत्र से दूर स्थित काॅलोनियों का न्यूनतम क्षेत्र दो एकड़ निर्धारित किया गया है। रिहायशी क्षेत्र के साथ लगती काॅलोनियों का कोई भी न्यूनतम एरिया निर्धारित नहीं किया गया है। जिन काॅलोनियों में व्यावसायिक क्षेत्र चार प्रतिशत से अधिक हैं, उनमें विकास शुल्क रिहायशी क्षेत्र से तीन गुना अधिक लिया जाएगा। आवेदन में काटे गए प्लाॅटों व उनके मालिकों की सूची, काॅलोनी का सजरा बेस्ड सर्वे प्लान, गूगल सेटेलाइट व कॉलोनी की डिमार्केशन एफडीपी 2021 मैप पर स्थान को मार्क किया होना चाहिए। कंपनी का लेआउट प्लान, इसमें बनाए गये मकानों व खाली भूखंडों की सूची, काॅलोनी में मौजूदा सुविधाएं आदि का विवरण होना जरूरी है। इसके साथ-साथ काॅलोनी में सड़क, पानी, बिजली, सीवरेज आदि की भी पूरी जानकारी जमा करवानी होगी।
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