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अमृतपाल सिंह केस : पपलप्रीत के इरादे नहीं भांप पाई बलजीत कौर, धर्म की आड़ में लिया झांसे में
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शाहाबाद/कुरुक्षेत्र। अमृतपाल को पनाह देने के आरोप के चलते अब मामूमाजरा की बलजीत कौर पुलिस से लेकर हर जांच एजेंसी के निशाने पर आ गई है। परिवार भले ही उसे बेकसूर बता रहा है, लेकिन यह जांच के बाद ही स्पष्ट होगा। फिलहाल बलजीत कौर को पंजाब पुलिस ने तीन दिन के रिमांड पर लिया हुआ है और उससे अमृतपाल सिंह व पपलप्रीत के मूवमेंट के बारे में पूछताछ जारी है।
बताया जा रहा है कि बलजीत कौर का अमृतपाल सिंह से सीधा कोई संपर्क नहीं था बल्कि वह महिला के परिचित पपलप्रीत सिंह के साथ अचानक शाहाबाद पहुंचा था। बलजीत कौर हिसार से एमबीए तक की पढ़ाई कर चुकी है, लेकिन वह पपलप्रीत के इरादे को भांप नहीं पाई। जब पपलप्रीत ने बलजीत कौर को कॉल की तो यही कहा कि वह घर आ रहा है। कोई दूसरा व्यक्ति साथ होने का जिक्र उसने नहीं किया। रात को नौ बजकर 40 मिनट पर डोर बेल बजी तो पिता गुरनाम सिंह ने गेट खोला। बाहर पपलप्रीत के साथ एक और व्यक्ति था, जो बाद में अमृतपाल निकला।
परिवार का दावा है कि बलजीत कौर आध्यात्मिक है और धार्मिक मंचों पर ही पपलप्रीत के संपर्क में आई थी। उसने कभी भी किसान आंदोलन में भागीदारी नहीं की है। वहीं गांव मामू माजरा के ही वरिष्ठ किसान नेता जसबीर सिंह मामू माजरा ने भी दावा किया कि बलजीत कौर का किसान आंदोलन व संगठन से कोई वास्ता नहीं रहा है। बलजीत कौर अविवाहित है। जब परिजन करीब दस साल पहले उसकी शादी की योजना बना रहे थे तो उसी दौरान मां की मृत्यु हो गई थी। ऐसे में वह शादी नहीं कर सकी, उसने हिसार से एमबीए करने के बाद एक तकनीकी कोर्स भी किया। ग्रामीणों का कहना है कि बलजीत कौर शाहाबाद में ही किसी आइलेट सेंटर के साथ काम करने लगी थी। भाई हरजिंद्र डीसी कार्यालय में क्लर्क के पद पर है, इससे पूर्व वह एसआई के तौर पर चयनित हुआ था, लेकिन भर्ती रद्द हो गई थी। पिता गुरनाम सिंह करीब 72 वर्ष के हैं, जो डेयरी का काम संभालते हैं। करीब छह माह पहले वे गांव मामू माजरा से शाहाबाद में रहने लगे थे और वहीं बने मकान की ऊपरी मंजिल का निर्माण करवा रहे थे। बलजीत कौर खुद को व्यस्त रखने के लिए गुरुद्वारों में पाठ भी करती थी।
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बलजीत ने पाठ के लिए मांगा गुटका साहिब
शुक्रवार को बलजीत कौर के साथ उसके भाई हरजिंद्र सिंह व अन्य ग्रामीणों से मोबाइल पर बातचीत हुई, तो उसने बताया कि उसे कोई परेशानी नहीं है। उसने पाठ करने के लिए गुटका साहिब दिए जाने की मांग की, जिस पर परिजनों ने जालंधर एसपी से गुहार लगाई तो उन्होंने बलजीत को गुटका साहिब दिलाने का आश्वासन दिया। भाई हरजिंद्र की बलजीत कौर से बातचीत एसपी कुरुक्षेत्र एसएस भौरिया के जरिए ही संभव हो सकी। बलजीत कौर के खिलाफ आईपीसी की धारा 212 व 216 के तहत मामला दर्ज किया गया है। हरजिंद्र सिंह के मुताबिक एसपी सुरेंद्र सिंह भौरिया को जालंधर के एसपी ने बताया कि परिवार किसी भी समय यहां आकर बलजीत कौर की जमानत करवा सकता है।
पपलप्रीत ने कॉल कर कहा था, घर आ रहा हूं
शुक्रवार को बलजीत कौर का भाई हरजिंद्र भी मीडिया के सामने आया और बताया कि पपलप्रीत को ही उसकी बहन जानती थी। धार्मिक आयोजनों के दौरान बलजीत कौर करी ढाई साल पहले पपलप्रीत से मिली थी। वह अभी तक चार से पांच बार उनके घर भी आ चुका है। यहां गाड़ी खड़ी कर वह कई बार दिल्ली भी जाता था। धार्मिक विचारों के चलते ही उसने कई ऐतिहासिक गुरुद्वारों की वीडियो भी पपलप्रीत के लिए बनाई थी। पपलप्रीत ने पहले उसे कॉल कर घर आने की बात की थी। हरजिंद्र के मुताबिक अगले दिन वह ड्यूटी चला गया और लौटा तो पता चला कि अमृतपाल व पपलप्रीत घर आए थे और फिर निकल गए। जिसके बाद उसने एसडीएम के मार्फत डीसी के समक्ष पेश होकर अमृतपाल के घर पर रुकने की बात बताई थी।
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बताया जा रहा है कि बलजीत कौर का अमृतपाल सिंह से सीधा कोई संपर्क नहीं था बल्कि वह महिला के परिचित पपलप्रीत सिंह के साथ अचानक शाहाबाद पहुंचा था। बलजीत कौर हिसार से एमबीए तक की पढ़ाई कर चुकी है, लेकिन वह पपलप्रीत के इरादे को भांप नहीं पाई। जब पपलप्रीत ने बलजीत कौर को कॉल की तो यही कहा कि वह घर आ रहा है। कोई दूसरा व्यक्ति साथ होने का जिक्र उसने नहीं किया। रात को नौ बजकर 40 मिनट पर डोर बेल बजी तो पिता गुरनाम सिंह ने गेट खोला। बाहर पपलप्रीत के साथ एक और व्यक्ति था, जो बाद में अमृतपाल निकला।
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परिवार का दावा है कि बलजीत कौर आध्यात्मिक है और धार्मिक मंचों पर ही पपलप्रीत के संपर्क में आई थी। उसने कभी भी किसान आंदोलन में भागीदारी नहीं की है। वहीं गांव मामू माजरा के ही वरिष्ठ किसान नेता जसबीर सिंह मामू माजरा ने भी दावा किया कि बलजीत कौर का किसान आंदोलन व संगठन से कोई वास्ता नहीं रहा है। बलजीत कौर अविवाहित है। जब परिजन करीब दस साल पहले उसकी शादी की योजना बना रहे थे तो उसी दौरान मां की मृत्यु हो गई थी। ऐसे में वह शादी नहीं कर सकी, उसने हिसार से एमबीए करने के बाद एक तकनीकी कोर्स भी किया। ग्रामीणों का कहना है कि बलजीत कौर शाहाबाद में ही किसी आइलेट सेंटर के साथ काम करने लगी थी। भाई हरजिंद्र डीसी कार्यालय में क्लर्क के पद पर है, इससे पूर्व वह एसआई के तौर पर चयनित हुआ था, लेकिन भर्ती रद्द हो गई थी। पिता गुरनाम सिंह करीब 72 वर्ष के हैं, जो डेयरी का काम संभालते हैं। करीब छह माह पहले वे गांव मामू माजरा से शाहाबाद में रहने लगे थे और वहीं बने मकान की ऊपरी मंजिल का निर्माण करवा रहे थे। बलजीत कौर खुद को व्यस्त रखने के लिए गुरुद्वारों में पाठ भी करती थी।
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बलजीत ने पाठ के लिए मांगा गुटका साहिब
शुक्रवार को बलजीत कौर के साथ उसके भाई हरजिंद्र सिंह व अन्य ग्रामीणों से मोबाइल पर बातचीत हुई, तो उसने बताया कि उसे कोई परेशानी नहीं है। उसने पाठ करने के लिए गुटका साहिब दिए जाने की मांग की, जिस पर परिजनों ने जालंधर एसपी से गुहार लगाई तो उन्होंने बलजीत को गुटका साहिब दिलाने का आश्वासन दिया। भाई हरजिंद्र की बलजीत कौर से बातचीत एसपी कुरुक्षेत्र एसएस भौरिया के जरिए ही संभव हो सकी। बलजीत कौर के खिलाफ आईपीसी की धारा 212 व 216 के तहत मामला दर्ज किया गया है। हरजिंद्र सिंह के मुताबिक एसपी सुरेंद्र सिंह भौरिया को जालंधर के एसपी ने बताया कि परिवार किसी भी समय यहां आकर बलजीत कौर की जमानत करवा सकता है।
पपलप्रीत ने कॉल कर कहा था, घर आ रहा हूं
शुक्रवार को बलजीत कौर का भाई हरजिंद्र भी मीडिया के सामने आया और बताया कि पपलप्रीत को ही उसकी बहन जानती थी। धार्मिक आयोजनों के दौरान बलजीत कौर करी ढाई साल पहले पपलप्रीत से मिली थी। वह अभी तक चार से पांच बार उनके घर भी आ चुका है। यहां गाड़ी खड़ी कर वह कई बार दिल्ली भी जाता था। धार्मिक विचारों के चलते ही उसने कई ऐतिहासिक गुरुद्वारों की वीडियो भी पपलप्रीत के लिए बनाई थी। पपलप्रीत ने पहले उसे कॉल कर घर आने की बात की थी। हरजिंद्र के मुताबिक अगले दिन वह ड्यूटी चला गया और लौटा तो पता चला कि अमृतपाल व पपलप्रीत घर आए थे और फिर निकल गए। जिसके बाद उसने एसडीएम के मार्फत डीसी के समक्ष पेश होकर अमृतपाल के घर पर रुकने की बात बताई थी।