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Kurukshetra News: पूर्व छात्रों ने पांच दशकों के रिश्ते को किया सशक्त
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कुरुक्षेत्र। राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) कुरुक्षेत्र ने 1976-81 बैच के पूर्व छात्रों का स्वर्ण जयंती समारोह हुआ। यह आयोजन संस्थान और उसके पूर्व छात्रों के बीच पांच दशकों से चले आ रहे मजबूत और भावनात्मक संबंधों का प्रतीक बना, इसमें देश-विदेश से करीब 120 पूर्व छात्र अपने परिवार के सदस्यों सहित संस्थान में पहुंचे।
पूर्व छात्रों के लिए संस्थान परिसर में तीन दिवसीय विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें पुनर्मिलन, स्मृतियों के साझा क्षण और मातृसंस्थान के प्रति योगदान की भावना को केंद्र में रखा गया। कार्यक्रम में संजीव वर्मा, जेके घई, वेद प्रकाश, संजय वर्मा, कर्नल खन्ना, डीपी सांगवान, नरेश नंदवानी, एचएस सोढ़ी, सुनील प्रकाश, कर्नल दलाल, रजनीश गर्ग, श्याम लाल मित्तल, राजीव प्रभाकर सहित अन्य पूर्व छात्र मौजूद रहे।
अपने प्रवास के दौरान पूर्व छात्रों ने संस्थान के विभिन्न विभागों, प्रयोगशालाओं एवं प्रमुख सुविधाओं का भ्रमण किया। उन्होंने संस्थान प्रशासन, संकाय सदस्यों और वर्तमान विद्यार्थियों के साथ संवाद कर वर्षों में हुई शैक्षणिक, अधोसंरचनात्मक और अनुसंधान संबंधी प्रगति को करीब से देखा। यह अनुभव उनके लिए गर्व और आत्मीयता से भरा रहा।
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सांस्कृतिक और आध्यात्मिक अनुभव के तहत पूर्व छात्रों ने भगवद् गीता की पावन जन्मस्थली ज्योतिसर का भ्रमण किया, इसके पश्चात ब्रह्मसरोवर में सायंकालीन आरती में सहभागिता कर आध्यात्मिक शांति और सांस्कृतिक जुड़ाव का अनुभव प्राप्त किया।
कार्यक्रम के दौरान आयोजित गाला नाइट में पूर्व छात्रों और उनके जीवनसाथियों ने पुरानी यादें ताजा कीं, अनुभव साझा किए और आजीवन मित्रता व संस्थान से अपने गहरे संबंधों का उत्सव मनाया। संस्थान के निदेशक प्रो. बीवी रमना रेड्डी ने कहा कि ऐसे प्रयास संस्थागत उत्कृष्टता, अनुसंधान और नवाचार को नई दिशा देते हैं। डीन छात्र कल्याण प्रो. प्रतिभा अग्रवाल और डॉ. दीक्षित गर्ग ने भी इसे वर्तमान छात्रों के लिए प्रेरणास्रोत बताया।
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पूर्व छात्रों के लिए संस्थान परिसर में तीन दिवसीय विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें पुनर्मिलन, स्मृतियों के साझा क्षण और मातृसंस्थान के प्रति योगदान की भावना को केंद्र में रखा गया। कार्यक्रम में संजीव वर्मा, जेके घई, वेद प्रकाश, संजय वर्मा, कर्नल खन्ना, डीपी सांगवान, नरेश नंदवानी, एचएस सोढ़ी, सुनील प्रकाश, कर्नल दलाल, रजनीश गर्ग, श्याम लाल मित्तल, राजीव प्रभाकर सहित अन्य पूर्व छात्र मौजूद रहे।
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अपने प्रवास के दौरान पूर्व छात्रों ने संस्थान के विभिन्न विभागों, प्रयोगशालाओं एवं प्रमुख सुविधाओं का भ्रमण किया। उन्होंने संस्थान प्रशासन, संकाय सदस्यों और वर्तमान विद्यार्थियों के साथ संवाद कर वर्षों में हुई शैक्षणिक, अधोसंरचनात्मक और अनुसंधान संबंधी प्रगति को करीब से देखा। यह अनुभव उनके लिए गर्व और आत्मीयता से भरा रहा।
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सांस्कृतिक और आध्यात्मिक अनुभव के तहत पूर्व छात्रों ने भगवद् गीता की पावन जन्मस्थली ज्योतिसर का भ्रमण किया, इसके पश्चात ब्रह्मसरोवर में सायंकालीन आरती में सहभागिता कर आध्यात्मिक शांति और सांस्कृतिक जुड़ाव का अनुभव प्राप्त किया।
कार्यक्रम के दौरान आयोजित गाला नाइट में पूर्व छात्रों और उनके जीवनसाथियों ने पुरानी यादें ताजा कीं, अनुभव साझा किए और आजीवन मित्रता व संस्थान से अपने गहरे संबंधों का उत्सव मनाया। संस्थान के निदेशक प्रो. बीवी रमना रेड्डी ने कहा कि ऐसे प्रयास संस्थागत उत्कृष्टता, अनुसंधान और नवाचार को नई दिशा देते हैं। डीन छात्र कल्याण प्रो. प्रतिभा अग्रवाल और डॉ. दीक्षित गर्ग ने भी इसे वर्तमान छात्रों के लिए प्रेरणास्रोत बताया।