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जब नौकरी नहीं देनी है तो खुदकुशी की अनुमति दें
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शुगर मिल के बाहर परिजनों के साथ धरना देती परमजीत कौर व बबली रानी। संवाद
- फोटो : Kurukshetra
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संवाद न्यूज एजेंसी
शाहाबाद। एक्सग्रेसिया पॉलिसी के तहत नौकरी न मिले पर शाहाबाद निवासी परमजीत कौर एवं लाडवा निवासी बबली रानी अपने परिवार सहित शुगर मिल के बाहर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गई हैं। धरना स्थल पर दोनों ने नौकरी न देने खुदकुशी करने की अनुमति देने का बैनर लगाया है।
परमजीत कौर व बबली रानी ने बताया कि प्रशासन मृत कर्मचारियों के आश्रितों का शोषण कर रहा है। कहा कि या तो उन्हें उनका हक दिया जाए या फिर खुदकुशी करने की अनुमति दी जाए। महिलाओं का कहना है कि उनके पति शाहाबाद शुगर मिल में नौकरी करते थे और उनकी मृत्यु के बाद उन्होंने नियमानुसार शाहाबाद शुगर मिल में एक्सग्रेसिया के तहत अपने पुत्रों को नौकरी लगवाने के लिए आवेदन किया था, लेकिन काफी समय बीत जाने के बाद आज तक कोई जवाब नहीं आया।
इस संदर्भ में शुगर मिल फेडरेशन, उपायुक्त व शाहाबाद शुगर मिल में कई बार पत्राचार किया, लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई। शाहाबाद निवासी परमजीत कौर ने बताया कि उनके पति की मृत्यु फरवरी 2017 में हुई थी। उसके बाद उन्हें अपना परिवार का पालन पोषण करने में बड़ी परेशानी उठानी पड़ी, इसलिए उन्होंने एक्सग्रेसिया पॉलिसी के तहत नौकरी पाने के लिए शुगर मिल में आवेदन किया था।
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लाडवा निवासी बबली ने बताया कि उनके पति की मृत्यु सितंबर 2020 में हुई थी और उन्होंने भी इस पॉलिसी के तहत शाहाबाद शुगर मिल में अपने पुत्र को नौकरी पर लगवाने के लिए आवेदन किया था। वे उच्चाधिकारियों व मिल अधिकारियों के चक्कर लगाकर थक चुकी हैं। परेशान होकर न्याय पाने के लिए वह शुगर मिल गेट के बाहर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठना पड़ा। उन्होंने कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होंगी धरना जारी रहेगा।
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शाहाबाद। एक्सग्रेसिया पॉलिसी के तहत नौकरी न मिले पर शाहाबाद निवासी परमजीत कौर एवं लाडवा निवासी बबली रानी अपने परिवार सहित शुगर मिल के बाहर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गई हैं। धरना स्थल पर दोनों ने नौकरी न देने खुदकुशी करने की अनुमति देने का बैनर लगाया है।
परमजीत कौर व बबली रानी ने बताया कि प्रशासन मृत कर्मचारियों के आश्रितों का शोषण कर रहा है। कहा कि या तो उन्हें उनका हक दिया जाए या फिर खुदकुशी करने की अनुमति दी जाए। महिलाओं का कहना है कि उनके पति शाहाबाद शुगर मिल में नौकरी करते थे और उनकी मृत्यु के बाद उन्होंने नियमानुसार शाहाबाद शुगर मिल में एक्सग्रेसिया के तहत अपने पुत्रों को नौकरी लगवाने के लिए आवेदन किया था, लेकिन काफी समय बीत जाने के बाद आज तक कोई जवाब नहीं आया।
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इस संदर्भ में शुगर मिल फेडरेशन, उपायुक्त व शाहाबाद शुगर मिल में कई बार पत्राचार किया, लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई। शाहाबाद निवासी परमजीत कौर ने बताया कि उनके पति की मृत्यु फरवरी 2017 में हुई थी। उसके बाद उन्हें अपना परिवार का पालन पोषण करने में बड़ी परेशानी उठानी पड़ी, इसलिए उन्होंने एक्सग्रेसिया पॉलिसी के तहत नौकरी पाने के लिए शुगर मिल में आवेदन किया था।
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लाडवा निवासी बबली ने बताया कि उनके पति की मृत्यु सितंबर 2020 में हुई थी और उन्होंने भी इस पॉलिसी के तहत शाहाबाद शुगर मिल में अपने पुत्र को नौकरी पर लगवाने के लिए आवेदन किया था। वे उच्चाधिकारियों व मिल अधिकारियों के चक्कर लगाकर थक चुकी हैं। परेशान होकर न्याय पाने के लिए वह शुगर मिल गेट के बाहर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठना पड़ा। उन्होंने कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होंगी धरना जारी रहेगा।