फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Kurukshetra News ›   Ajmer Singh is inspiring youth for yoga with knowledge.

Kurukshetra News: ज्ञान के साथ योग के लिए युवाओं को प्रेरित कर रहे अजमेर सिंह

Tue, 12 Mar 2024 01:00 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र Updated Tue, 12 Mar 2024 01:00 PM IST
विज्ञापन
Ajmer Singh is inspiring youth for yoga with knowledge.
राजरानी
विज्ञापन

कुरुक्षेत्र। कुछ कर गुजरने का जज्बा हो तो उम्र भी आड़े नहीं आ सकती। फिर भले ही कड़ी मेहनत ही क्यों न करनी हो। ऐसा ही जज्बा करनाल के सेक्टर नौ के रहने वाले अजमेर सिंह आर्य का है। जिनकी उम्र भले ही 70 की है लेकिन जज्बा आज भी 18 साल के युवा जैसा है। एमए फाइनल की पढ़ाई कर रहे अजमेर सिंह का लक्ष्य नेट क्वालीफाई व पीएचडी कर शिक्षक बनने का है, ताकि युवाओं में वे ज्ञान के साथ योग के प्रति प्रेरित कर उनके स्वास्थ्य को भी बेहतर बना सके।
उन्होंने दूसरों का जीवन संवारने की ठानी तो वे कुरुक्षेत्र विवि के छात्र बन गए। न केवल वे कुवि के शारीरिक शिक्षा विभाग में योग में स्नातकोत्तर की पढ़ाई कर रहे हैं बल्कि दूसरे विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणा बने हुए हैं। लगातार हाजिरी से लेकर अनुशासन व पढ़ाई के जज्बे को देख विश्वविद्यालय के शिक्षक से लेकर अधिकारी भी हैरान है। मूल रूप से कैथल के रसीना वासी अजमेर सिंह आर्य का स्कूली शिक्षा से ही योग में रुझान था और वे पतंजलि के भी राज्य प्रभारी रह चुके हैं, जिस दौरान उन्होंने आयुर्वेद के बारे में भी बहुत सीखा। उनके आयुर्वेदिक ज्ञान और योग को लोगों तक पहुंचाने के लिए उन्होंने एमए योग की डिग्री करने की ठानी।
विज्ञापन


बाक्स
... जब पत्नी बोली, इतनी उम्र में डिग्री का क्या करोगे
अजमेर सिंह के मुताबिक विवि में दाखिला लेने पर बच्चों और पत्नी ने विरोध किया कि इस उम्र में डिग्री लेकर क्या करोगे ओर करनाल से कुरुक्षेत्र रोजाना कैसे जाओगे, लेकिन उनके जुनून और जज्बे ने उनको अपने पक्ष में किया और अब वह एमए चौथे सेमेस्टर में है। वे पीएचडी की शिक्षा भी योग में लेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन

बॉक्स
कक्षा लगाने करनाल से पहुंच जाते हैं सुबह छह बजे
विभागाध्यक्ष प्रो. डॉ. अरविंद मलिक ने बताया कि अजमेर सिंह एमए योग के फाइनल सेमेस्टर का छात्र है, जोकि वृहद अवस्था में भी दूसरे विद्यार्थियों के अंतर में नियमित करनाल से छह बजे कक्षा के लिए हाजिर रहते हैं। इनके कक्षा में उपस्थित होने से शिक्षक की गैर मौजूदगी में भी कक्षा में अनुशासन बना रहता है। वे प्रत्येक कार्यक्रम में भागीदारी करते हैं।



बॉक्स
-----
दामाद डीआईजी और बेटा सरस्वती मिल का प्रबंधक
---
अजमेर के दो बेटे और दो बेटियां है। बड़ा बेटा अश्वनी आर्य सरस्वती शुगर मिल यमुनानगर का प्रबंधक है और छोटा बेटा शक्ति आर्य एक्सपोर्ट मैट कंपनी का संचालक है। दोनों बेटियां गृहिणी है, बड़ा दामाद अशोक कुमार क्राइम डीआईजी के पद पर पंचकूला तैनात है और छोटा दामाद रमनीक चौधरी एचडीएफसी बैंक में मैनेजर है।
बॉक्स
----
समय का क्षण भी न करे व्यर्थ : अजमेर
----
अजमेर सिंह का कहना है कि वृहद अवस्था में भी व्यक्ति को समय का क्षण भी व्यर्थ नहीं करना चाहिए। मौत का इंतजार करने की बजाए अपने अधूरे रह चुके शौक को पूरा करना चाहिए। किसी भी सृजनात्मक कार्य में समय बिताना चाहिए, जिससे मन और शरीर का भी विकास होता रहे।
बॉक्स
-----
शिक्षा के बलबूते पर हासिल किए मुकाम
-----
अजमेर सिंह ने बताया कि स्कूली शिक्षा पूंडरी से हासिल की और उन्होंने भी एग्रीकल्चर में ही अपनी स्नातक की डिग्री हासिल करने के बाद एडीओ के पद पर 1971 से लेकर 2006 तक कार्य किया। सेवानिवृत पश्चात उन्होंने इफको कंपनी में सिनियर एरिया मैनेजर के पद पर कार्य किया और उसके बाद भी खाद बीज का करोबार भी किया। वे अनपढ़ किसान के बेटे थे, लेकिन अपने बेटे और बेटियों को दोनों को बराबर शिक्षा दिलाई और वे अच्छे पद पर अपने-अपने क्षेत्र में कार्य कर रहे हैं।

बॉक्स
-----
फिर से खुद को महसूस करता हूं जवान
-----
अजमेर का कहना है कि विवि में दाखिला लेने के बाद इस उम्र में कॉलेज की यादें ताजे हो गई है। युवाओं के साथ शिक्षा ग्रहण कर उनसे निरंतर सीख रहे हैं। वे फिर से अपनी जवानी के दिनों में लौट गए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed