फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Kurukshetra News ›   AI-based disease detection and automated drone spray system developed for farmers

Kurukshetra News: किसानों के लिए एआई आधारित बीमारी पहचान और स्वचालित ड्रोन स्प्रे सिस्टम तैयार

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 11 Jan 2026 01:49 AM IST
विज्ञापन
AI-based disease detection and automated drone spray system developed for farmers
कुरुक्षेत्र। स्वचालित ड्रोन स्प्रे सिस्टम। संवाद
कुरुक्षेत्र। किसानों के कार्य को आसान, सुरक्षित और वैज्ञानिक बनाने के उद्देश्य से कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी टेक्नोलॉजी इंक्यूबेशन सेंटर (कुटिक) से जुड़े युवा उद्यमियों ने एआई आधारित बीमारी पहचान और स्वचालित ड्रोन स्प्रे सिस्टम विकसित किया है। यह तकनीक ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि उत्पादन बढ़ाने, रसायनों की बचत करने और फसल रोगों की पहचान को सरल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
विज्ञापन


उद्यमी हिमांशु ने बताया कि यह एक ऐसा एआई टूल है, जो बिना इंटरनेट पौधों की बीमारियों की पहचान करेगा। यह तकनीक ग्रामीण परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए तैयार की गई है। किसान अपने मोबाइल पर ही फसल की तस्वीर लेकर बीमारी की पहचान और तुरंत विशेषज्ञ सलाह प्राप्त कर सकते हैं।
विज्ञापन

इसके लिए किसान को केवल एक बार ड्रोन उड़ाकर अपने खेत का नक्शा सेव करना होगा। इसके बाद यह ड्रोन खेत की जांच करेगा और बताएगा कि खेत में किस खाद या उर्वरक की जरूरत है। यह तकनीक फसल में रोग लगने के शुरुआती संकेतों को पहचानकर किसानों को तुरंत अलर्ट भेजती है। ऐसे में किसान समय पर उपचार कर पाएंगे और नुकसान होने से पहले बचाया जा सकेगा। उन्होंने बताया कि इसका मुख्य उद्देश्य खेती को सुरक्षित, वैज्ञानिक, कम खर्चीला और अधिक उत्पादनकारी बनाना है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रसायनों की 20-30 प्रतिशत होगी बचत
हिमांशु का कहना है कि एआई संचालित ड्रोन तकनीक आधुनिक कृषि में क्रांतिकारी बदलाव लाने की क्षमता रखती है। यह ड्रोन प्रिसिजन स्प्रेइंग के माध्यम से रसायनों की 20-30 प्रतिशत तक बचत करता है। ड्रोन में लगाया गया एज एआई सिस्टम कीट और रोग की पहचान कर स्प्रे को उसी हिसाब से नियंत्रित करता है। इससे किसान हानिकारक रसायनों के सीधे संपर्क से बच जाते हैं। यह कुछ ही मिनटों में बड़े खेतों को कवर कर सकता है, पूरी तरह स्वचालित है और मानव जोखिम को करीब शून्य कर देता है। सबसे बड़ी बात यह है कि यह तकनीक किफायती, स्थानीय रूप से निर्मित और छोटे-मध्यम किसानों के लिए उपयोग में आसान है।

सतत रूप से उद्यमों का विस्तार हो, कुटिक कर रहा सहयोग
कुटिक समन्वयक लेफ्टिनेंट (डॉ.) अजय जांगड़ा ने बताया कि कुटिक में नव-प्रवेशित स्टार्टअप कृषि नवाचार, स्वास्थ्य प्रौद्योगिकी और पर्यावरण संरक्षण जैसे विविध और उच्च प्रभाव वाले क्षेत्रों में कार्य कर रहे हैं। कुटिक इन स्टार्टअप को मेंटरशिप, आधारभूत संरचना, उद्योग से जुड़ाव और रणनीतिक मार्गदर्शन के रूप में व्यापक सहयोग प्रदान किया जा रहा है, ताकि वे सतत रूप से अपने उद्यमों का विस्तार कर सकें।

कुरुक्षेत्र। स्वचालित ड्रोन स्प्रे सिस्टम। संवाद

कुरुक्षेत्र। स्वचालित ड्रोन स्प्रे सिस्टम। संवाद

कुरुक्षेत्र। स्वचालित ड्रोन स्प्रे सिस्टम। संवाद

कुरुक्षेत्र। स्वचालित ड्रोन स्प्रे सिस्टम। संवाद

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed