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Kurukshetra News: योग, शिक्षा और अनुशासन का संगम बना आचार्या दक्षता वर्ग
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कुरुक्षेत्र। योग करती शिक्षिकाएं। स्वयं
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कुरुक्षेत्र। गीता कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में शनिवार को आचार्या दक्षता वर्ग का आयोजन किया गया। इसका आरंभ गीत, स्मरण, एकात्मकता मंत्र और एकात्मकता स्तोत्र के श्लोकों का उच्चारण कर किया गया। विद्यालय की आचार्या सोनिया की ओर से शरीर के विभिन्न अंगों को स्वस्थ रखने और मन की एकाग्रता बढ़ाने के लिए आसन, योग व प्राणायाम करवाए गए। वहीं विद्यालय की प्राचार्या सुमन बाला ने वंदना सत्र का शुभारंभ किया।
बौद्धिक सत्र में प्राथमिक विभाग की आचार्या रेखा ने शिक्षा पद्धति पर बोलते हुए कहा कि शिक्षा पद्धति सीखने की प्रक्रिया को आसान बनाती है। इस पद्धति से शिक्षार्थी सफल बनते हैं। शिक्षक और शिक्षार्थी मिलकर शिक्षा को प्रभावी बनाते हैं। शिक्षा मार्ग दिखाती है और शिक्षार्थी उस मार्ग पर चलकर लक्ष्य प्राप्त करता है।
आचार्या अनीता की ओर से समता में गण विभाग, प्रतिसर, पूर्व सर, वामा अर्धवृत्त और दक्षिण अर्धवृत्त की आज्ञाओं का अभ्यास करवाया गया। शिक्षण सत्र में लता की ओर से संस्कृत वंदना का हिंदी में अनुवाद करवाया गया। उन्होंने सरल शब्दों और रुचिपूर्ण ढंग से वंदना को समझाया। नीलम ने प्रेरणादायक कहानी सुनाई। आचार्य पिंकी ने आचार्या दक्षता वर्ग की समीक्षा की।
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बौद्धिक सत्र में प्राथमिक विभाग की आचार्या रेखा ने शिक्षा पद्धति पर बोलते हुए कहा कि शिक्षा पद्धति सीखने की प्रक्रिया को आसान बनाती है। इस पद्धति से शिक्षार्थी सफल बनते हैं। शिक्षक और शिक्षार्थी मिलकर शिक्षा को प्रभावी बनाते हैं। शिक्षा मार्ग दिखाती है और शिक्षार्थी उस मार्ग पर चलकर लक्ष्य प्राप्त करता है।
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आचार्या अनीता की ओर से समता में गण विभाग, प्रतिसर, पूर्व सर, वामा अर्धवृत्त और दक्षिण अर्धवृत्त की आज्ञाओं का अभ्यास करवाया गया। शिक्षण सत्र में लता की ओर से संस्कृत वंदना का हिंदी में अनुवाद करवाया गया। उन्होंने सरल शब्दों और रुचिपूर्ण ढंग से वंदना को समझाया। नीलम ने प्रेरणादायक कहानी सुनाई। आचार्य पिंकी ने आचार्या दक्षता वर्ग की समीक्षा की।

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