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Kurukshetra News: आचार्य बलराम शाण्डिल्य की पुण्यतिथि को प्रेरणा दिवस के रूप में मनाया
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कुरुक्षेत्र। संस्कृत वेद विद्यालय के संस्थापक आचार्य बलराम शांडिल्य की पुण्य स्मृति में वेद विद्यालय की ओर से विशाल श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में सैकड़ों की संख्या में वेद विद्यालय के पूर्व छात्र, अभिभावक, ब्राह्मण तीर्थोद्धार सभा के पदाधिकारी, संत वेदपाठशालाओं के आचार्य, वेदपाठी एवं संस्कृत भाषा के विद्वान शामिल हुए।
कार्यक्रम का शुभारंभ पवित्र वैदिक यज्ञ से किया गया, मुख्यातिथि स्वामी सीताराम जी ने यज्ञ में पूर्णाहुति प्रदान की। मातृभूमि सेवा मिशन के संचालक डॉ. श्रीप्रकाश मिश्र ने सभी मंचस्थ अतिथियों का परिचय करवाया। आचार्य नरेश कौशिक ने सभी अतिथियों को श्रीफल एवं स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया।
सभा के संरक्षक एवं सुप्रसिद्ध समाजसेवी जयनारायण शर्मा ने आचार्य बलराम शांडिल्य के विशिष्ट कार्यों का उल्लेख किया और कहा कि प्रतिवर्ष आचार्य बलराम शाण्डिल्य की पुण्य तिथि प्रेरणा दिवस के रूप में मनाई जाएगी और वेद विद्यालय में नवनिर्मित सभागार को शाण्डिल्य सभागार के नाम से जाना जाएगा।
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सभा के प्रधान महासचिव रामपाल शर्मा ने स्व. आचार्य बलराम शांडिल्य को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि आचार्य शांडिल्य ने सनातन संस्कृति को संजोये रखने के उद्देश्य से यह वेद पाठशाला शुरू की थी। उन्हीं के पदचिन्हों पर चलते अब आचार्य नरेश कौशिक इस वेदपाठशाला का संचालन कर रहे हैं।
संस्कृत विभाग के पूर्वाध्यक्ष डॉ. ललित कुमार गौड़ ने वैदिक संस्कृति एवं कर्मकांड पर विशिष्ट व्याख्यान प्रदान किया। मुख्यातिथि यमुनानगर के सुप्रसिद्ध संत स्वामी सीताराम ने डेढ़ लाख रुपये की राशि वेद विद्यालय को प्रदान की। इस अवसर पर संस्कृत के मूर्धन्य विद्वान हरिदेव शास्त्री को विशिष्ट सम्मान प्रदान किया गया। ब्राह्मण सभा के प्रदेश अध्यक्ष रोहित गौतम ने कहा कि हम वेद विद्यालय की हर प्रकार से सहायता करने के लिए तैयार हैं। भागवताचार्य शुकदेव ने आचार्य बलराम शाण्डिल्य की स्मृति को चिरस्थायी बताते हुए वेदपाठी ब्राह्मणों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इस अवसर पर डॉ. रामनिवास शर्मा, सतीश कौशिक, कौमलांशु शाण्डिल्य, प्रेमनारायण अवस्थी, आचार्य गिरिराज, नितिन भारद्वाज, गौरीशंकर, जितेन्द्र, रोहित, प्रिंस, संदीप, शक्तीमान इत्यादि गणमान्य जन उपस्थित रहे।
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कार्यक्रम का शुभारंभ पवित्र वैदिक यज्ञ से किया गया, मुख्यातिथि स्वामी सीताराम जी ने यज्ञ में पूर्णाहुति प्रदान की। मातृभूमि सेवा मिशन के संचालक डॉ. श्रीप्रकाश मिश्र ने सभी मंचस्थ अतिथियों का परिचय करवाया। आचार्य नरेश कौशिक ने सभी अतिथियों को श्रीफल एवं स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया।
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सभा के संरक्षक एवं सुप्रसिद्ध समाजसेवी जयनारायण शर्मा ने आचार्य बलराम शांडिल्य के विशिष्ट कार्यों का उल्लेख किया और कहा कि प्रतिवर्ष आचार्य बलराम शाण्डिल्य की पुण्य तिथि प्रेरणा दिवस के रूप में मनाई जाएगी और वेद विद्यालय में नवनिर्मित सभागार को शाण्डिल्य सभागार के नाम से जाना जाएगा।
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सभा के प्रधान महासचिव रामपाल शर्मा ने स्व. आचार्य बलराम शांडिल्य को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि आचार्य शांडिल्य ने सनातन संस्कृति को संजोये रखने के उद्देश्य से यह वेद पाठशाला शुरू की थी। उन्हीं के पदचिन्हों पर चलते अब आचार्य नरेश कौशिक इस वेदपाठशाला का संचालन कर रहे हैं।
संस्कृत विभाग के पूर्वाध्यक्ष डॉ. ललित कुमार गौड़ ने वैदिक संस्कृति एवं कर्मकांड पर विशिष्ट व्याख्यान प्रदान किया। मुख्यातिथि यमुनानगर के सुप्रसिद्ध संत स्वामी सीताराम ने डेढ़ लाख रुपये की राशि वेद विद्यालय को प्रदान की। इस अवसर पर संस्कृत के मूर्धन्य विद्वान हरिदेव शास्त्री को विशिष्ट सम्मान प्रदान किया गया। ब्राह्मण सभा के प्रदेश अध्यक्ष रोहित गौतम ने कहा कि हम वेद विद्यालय की हर प्रकार से सहायता करने के लिए तैयार हैं। भागवताचार्य शुकदेव ने आचार्य बलराम शाण्डिल्य की स्मृति को चिरस्थायी बताते हुए वेदपाठी ब्राह्मणों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इस अवसर पर डॉ. रामनिवास शर्मा, सतीश कौशिक, कौमलांशु शाण्डिल्य, प्रेमनारायण अवस्थी, आचार्य गिरिराज, नितिन भारद्वाज, गौरीशंकर, जितेन्द्र, रोहित, प्रिंस, संदीप, शक्तीमान इत्यादि गणमान्य जन उपस्थित रहे।