कुरुक्षेत्र। क्षत्रिय सभा में सदस्यता को लेकर सभा और क्षत्रिय संघर्ष समिति के बीच चल रहा विवाद लड़ाई-झगड़े में बदल गया है। मंगलवार को दोनों पक्ष आमने-सामने हो गए। संघर्ष समिति के सदस्यों ने सभा के प्रधान पर जानलेवा हमला करने का आरोप लगाया और पुलिस को शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की। वहीं, समिति ने विधायक सुभाष सुधा पर भी झगड़ा कराने के आरोप लगाए हैं। मामले को बढ़ता देख धर्मशाला में पुलिस फोर्स की तैनाती की गई है और ड्यूटी मजिस्ट्रेट को भी लगाया गया है।
संघर्ष समिति संयोजक मोहन सिंह राणा ने बताया कि सुबह करीब सवा सात बजे वह समिति के सदस्यों के साथ अन्य दिनों की तरह धर्मशाला के गेट पर पहुंचे थे। इस दौरान जब वह धर्मशाला में जाने लगे तो धर्मशाला में मौजूद क्षत्रिय सभा प्रधान ने अपने बेटों और अन्य 8-10 लोगों के साथ मिलकर उन पर लाठी, डंडे और लोहे के रॉड से हमला कर दिया। आरोपी ने धर्मशाला के अंदर आने पर जान से मारने की धमकी दी। हमले में उनको कई जगह चोट भी लगी। वहीं मामले की सूचना पुलिस मौके पर पहुंच गई और दोनों पक्ष को समझाया। वहीं समिति के सचिव तिलकराज राणा ने रोष व्यक्त करते हुए कहा कि पिछले पांच महीनों से संघर्ष समिति के बैनर तले समस्त राजपूत समाज सभा की सदस्यता बहाल कराने को लेकर धरनारत थे। तब 28 जून 2021 को विधायक सुभाष सुधा ने बीच में आकर एक महीने तक सभा की सदस्यता दिलाने का आश्वासन दिया था, मगर पांच महीने बीत जाने के बाद विधायक अपने वादे से मुकर गए और क्षत्रिय सभा ने चुनाव कराने का प्रस्ताव रजिस्ट्रार को सौंप दिया। आरोप लगाया कि राजपूत समाज के बीच लड़ाई झगड़ा का सारा उत्तरदायित्व क्षत्रिय सभा के साथ थानेसर विधायक सुभाष सुधा का भी है।