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Kurukshetra News: अस्पताल में नवजात बच्चों के नहीं बन रहे आधार कार्ड
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कुरुक्षेत्र। अभिभावकों को नवजात का आधार कार्ड बनवाने में पीड़ा झेलनी पड़ रही है। करीब छह माह से जिला अस्पताल में नवजात बच्चों के आधार कार्ड नहीं बन रहे। वहीं अब सामान्य लोगों के आधार कार्ड बनने भी बंद हो गए हैं। सप्ताहभर से आधार केंद्र पर ताला लटका हुआ है।
आधार के लिए जच्चा-बच्चा को जिला अस्पताल से लघु सचिवालय तक करीब तीन किलोमीटर तक की दूरी तय करनी पड़ रही है। ऐसे में नवजात शिशु व बच्चे की मां के स्वास्थ्य को भी खतरा हो सकता है। आधार कार्ड के लिए बच्चे के माता-पिता के फिंगर प्रिंट लगते हैं।
जिला अस्पताल परिसर में स्थित जिस कमरे को आधार कार्ड बनाने के लिए अलॉट किया गया था। अब उस पर मरीजों को ताला लटका मिलता है। करीब छह माह से यहां नवजात शिशुओं के आधार कार्ड नहीं बन रहे।
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मशीन खराब होने का हवाला देकर कमरे के गेट पर नोटिस भी चस्पा हुआ है। सचिवालय में आधार कार्ड बनवाने के लिए कहा जा रहा है।
सरल केंद्रों व अन्य ऑनलाइन कैफे पर आवेदन करवाने के लिए लोगों को 50 से 60 रुपये देने पड़ रहे हैं जबकि जिला अस्पताल में नवजात का आधार नि:शुल्क बनता था।
आधार कार्ड के बिना जन्म प्रमाणपत्र बनवाने में भी आ रही समस्या : शिशुओं के आधार कार्ड नहीं बनने से अभिभावकों को बच्चे के जन्म प्रमाणपत्र बनवाने में भी समस्या आ रही है। बच्चे के नामकरण के बाद जन्म प्रमाणपत्र के लिए आवेदन शुरू हो जाता है। अभिभावकों ने कहा कि बच्चों के आधार कार्ड और जन्म प्रमाणपत्र के लिए कई बार चक्कर काट चुके हैं लेकिन जिला अस्पताल में लंबे समय से नवजात शिशुओं के आधार कार्ड नहीं बन रहे।
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आधार के लिए जच्चा-बच्चा को जिला अस्पताल से लघु सचिवालय तक करीब तीन किलोमीटर तक की दूरी तय करनी पड़ रही है। ऐसे में नवजात शिशु व बच्चे की मां के स्वास्थ्य को भी खतरा हो सकता है। आधार कार्ड के लिए बच्चे के माता-पिता के फिंगर प्रिंट लगते हैं।
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जिला अस्पताल परिसर में स्थित जिस कमरे को आधार कार्ड बनाने के लिए अलॉट किया गया था। अब उस पर मरीजों को ताला लटका मिलता है। करीब छह माह से यहां नवजात शिशुओं के आधार कार्ड नहीं बन रहे।
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मशीन खराब होने का हवाला देकर कमरे के गेट पर नोटिस भी चस्पा हुआ है। सचिवालय में आधार कार्ड बनवाने के लिए कहा जा रहा है।
सरल केंद्रों व अन्य ऑनलाइन कैफे पर आवेदन करवाने के लिए लोगों को 50 से 60 रुपये देने पड़ रहे हैं जबकि जिला अस्पताल में नवजात का आधार नि:शुल्क बनता था।
आधार कार्ड के बिना जन्म प्रमाणपत्र बनवाने में भी आ रही समस्या : शिशुओं के आधार कार्ड नहीं बनने से अभिभावकों को बच्चे के जन्म प्रमाणपत्र बनवाने में भी समस्या आ रही है। बच्चे के नामकरण के बाद जन्म प्रमाणपत्र के लिए आवेदन शुरू हो जाता है। अभिभावकों ने कहा कि बच्चों के आधार कार्ड और जन्म प्रमाणपत्र के लिए कई बार चक्कर काट चुके हैं लेकिन जिला अस्पताल में लंबे समय से नवजात शिशुओं के आधार कार्ड नहीं बन रहे।