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Kurukshetra News: सरस्वती नदी पर बनेगी छह किमी लंबी दीवार
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संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। सरस्वती नदी पर झांसा रोड से पिपली तक करीब छह किलोमीटर लंबी दीवार बनाई जाएगी, जिस पर 30 करोड़ का बजट खर्च होगा। अन्य जीर्णोद्धार भी किया जाएगा, जिसके बाद नदी की क्षमता 200 से बढ़कर 500 क्यूसिक तक हो जाएगी।
सरस्वती हेरिटेज विकास बोर्ड के उपाध्यक्ष धुमन सिंह किरमच ने सोमवार को मुख्यमंत्री कार्यालय के प्रभारी कैलाश सैनी, जिला अध्यक्ष तिजेंद्र गोल्डी, मां भद्रकाली शक्तिपीठ के मुख्य पुजारी सतपाल के साथ सरस्वती नदी के जीर्णोद्धार का शुभारंभ किया।
धुमन सिंह ने कहा कि सरस्वती हमारे शहर कुरुक्षेत्र की जीवन धारा है। इस नदी की एक साइड पक्की बनी हुई है, जबकि दूसरी साइड कच्ची थी। जो कई प्रकार की समस्याओं का कारण बनी हुई थी। उन्होंने बताया कि कच्ची वॉल वाली साइड समय-समय पर टूट जाती थी। पिछले तीन वर्षों से सरस्वती में पानी छोड़ा गया था। कई जगहों पर रास्ता भी काफी कम रहता है। जिस वजह से इसकी क्षमता भी कम रहती थी।
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उन्होंने कहा कि शुरू से ही सरस्वती यहां से बहती रही है। ऐसा मानना है कि भगवान श्री कृष्ण ने सरस्वती के किनारे पर ही गीता का उपदेश दिया था। ग्रंथों में भी इस बात का वर्णन आता है।
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कुरुक्षेत्र। सरस्वती नदी पर झांसा रोड से पिपली तक करीब छह किलोमीटर लंबी दीवार बनाई जाएगी, जिस पर 30 करोड़ का बजट खर्च होगा। अन्य जीर्णोद्धार भी किया जाएगा, जिसके बाद नदी की क्षमता 200 से बढ़कर 500 क्यूसिक तक हो जाएगी।
सरस्वती हेरिटेज विकास बोर्ड के उपाध्यक्ष धुमन सिंह किरमच ने सोमवार को मुख्यमंत्री कार्यालय के प्रभारी कैलाश सैनी, जिला अध्यक्ष तिजेंद्र गोल्डी, मां भद्रकाली शक्तिपीठ के मुख्य पुजारी सतपाल के साथ सरस्वती नदी के जीर्णोद्धार का शुभारंभ किया।
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धुमन सिंह ने कहा कि सरस्वती हमारे शहर कुरुक्षेत्र की जीवन धारा है। इस नदी की एक साइड पक्की बनी हुई है, जबकि दूसरी साइड कच्ची थी। जो कई प्रकार की समस्याओं का कारण बनी हुई थी। उन्होंने बताया कि कच्ची वॉल वाली साइड समय-समय पर टूट जाती थी। पिछले तीन वर्षों से सरस्वती में पानी छोड़ा गया था। कई जगहों पर रास्ता भी काफी कम रहता है। जिस वजह से इसकी क्षमता भी कम रहती थी।
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उन्होंने कहा कि शुरू से ही सरस्वती यहां से बहती रही है। ऐसा मानना है कि भगवान श्री कृष्ण ने सरस्वती के किनारे पर ही गीता का उपदेश दिया था। ग्रंथों में भी इस बात का वर्णन आता है।