कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय की आंतरिक शिकायत समिति की ओर से शोधार्थियों के लिए यौन उत्पीड़न की रोकथाम विषय पर डॉ. आरके सदन में कार्यक्रम आयोजित किया गया। मुख्य वक्ता प्रो. मंजुला चौधरी ने कहा कि कार्यस्थल और सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षित वातावरण बनाना सभी की नैतिक और सामूहिक जिम्मेदारी है। उत्पीड़न की स्थिति में चुप रहने के बजाय आवाज उठाना बहुत जरूरी है।
आंतरिक शिकायत समिति की अध्यक्ष प्रो. सुनीता सिरोहा ने कहा कि विश्वविद्यालय में समावेशी और उत्पीड़न-मुक्त वातावरण को बढ़ावा देने के लिए समिति प्रतिबद्ध है। इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम समाज में सकारात्मक सोच विकसित करने और यौन उत्पीड़न जैसी सामाजिक बुराइयों को रोकने में सहायक सिद्ध होंगे। इस मौके पर आईसीसी के सदस्यों में प्रो. विनीता ढींगरा, डॉ. अनिल, प्रो. अनीता भटनागर सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।