{"_id":"6a0a3498b1629d45630329fe","slug":"a-person-convicted-of-marijuana-smuggling-was-sentenced-to-time-already-served-in-prison-and-released-after-paying-a-fine-kurukshetra-news-c-45-1-kur1001-155006-2026-05-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kurukshetra News: अदालत से \n\nगांजा तस्करी के दोषी को पहले से जेल में बिताए समय की सुनाई सजा, जुर्माना भरने पर रिहाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kurukshetra News: अदालत से गांजा तस्करी के दोषी को पहले से जेल में बिताए समय की सुनाई सजा, जुर्माना भरने पर रिहाई
Mon, 18 May 2026 03:05 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
Updated Mon, 18 May 2026 03:05 AM IST
विज्ञापन
कुरुक्षेत्र। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश एवं एनडीपीएस एक्ट मामलों की न्यायाधीश अमित साहरावत की फास्ट ट्रैक विशेष अदालत ने गांजा बरामदगी मामले में आरोपी राजू को दोषी करार दिया है। अदालत ने राजू को जेल में बिताए समय को उसकी सजा मानते हुए पांच हजार रुपये जुर्माना भी लगाया। जुर्माना अदा करने के बाद दोषी को रिहा करने के आदेश दिए गए।
मामला थाना कृष्णा गेट में दो जून 2022 को दर्ज प्राथमिकी से संबंधित है। सुनवाई के दौरान राजू ने अदालत को बताया कि वह गरीब व्यक्ति है और उसके परिवार में एक नाबालिग बेटी और वृद्ध माता-पिता हैं। उसने कहा कि परिवार की जिम्मेदारी उसी पर है और उसके अलावा कोई अन्य कमाने वाला सदस्य नहीं है। इस आधार पर उसने अदालत से नरमी बरतने और न्यूनतम सजा देने की प्रार्थना की। वहीं पुलिस पक्ष की ओर से पेश लोक अभियोजक विकास सिंह ने अदालत से कहा कि दोषी के कब्जे से एक किलो 700 ग्राम गांजा बरामद हुआ था, इसलिए उसे किसी प्रकार की राहत नहीं दी जानी चाहिए और कानून के तहत अधिकतम सजा दी जानी चाहिए। अदालत ने मामले की परिस्थितियों, दोषी की आयु, अपराध की प्रकृति और दो जून 2022 से 17 अगस्त 2022 तक हिरासत में बिताई अवधि को ध्यान में रखते हुए दोषी को पहले से भुगती गई सजा तक सीमित रखा। दोषी पर पांच हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। आदेश में कहा गया कि जुर्माना अदा नहीं करने की स्थिति में दोषी को एक माह का कठोर कारावास भुगतना होगा। संवाद
विज्ञापन
मामला थाना कृष्णा गेट में दो जून 2022 को दर्ज प्राथमिकी से संबंधित है। सुनवाई के दौरान राजू ने अदालत को बताया कि वह गरीब व्यक्ति है और उसके परिवार में एक नाबालिग बेटी और वृद्ध माता-पिता हैं। उसने कहा कि परिवार की जिम्मेदारी उसी पर है और उसके अलावा कोई अन्य कमाने वाला सदस्य नहीं है। इस आधार पर उसने अदालत से नरमी बरतने और न्यूनतम सजा देने की प्रार्थना की। वहीं पुलिस पक्ष की ओर से पेश लोक अभियोजक विकास सिंह ने अदालत से कहा कि दोषी के कब्जे से एक किलो 700 ग्राम गांजा बरामद हुआ था, इसलिए उसे किसी प्रकार की राहत नहीं दी जानी चाहिए और कानून के तहत अधिकतम सजा दी जानी चाहिए। अदालत ने मामले की परिस्थितियों, दोषी की आयु, अपराध की प्रकृति और दो जून 2022 से 17 अगस्त 2022 तक हिरासत में बिताई अवधि को ध्यान में रखते हुए दोषी को पहले से भुगती गई सजा तक सीमित रखा। दोषी पर पांच हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। आदेश में कहा गया कि जुर्माना अदा नहीं करने की स्थिति में दोषी को एक माह का कठोर कारावास भुगतना होगा। संवाद
विज्ञापन