{"_id":"61b9051ca7c4df73f60639ae","slug":"75-pilgrimages-of-48-kos-illuminated-by-five-lakh-lamps-kurukshetra-news-knl92778263","type":"story","status":"publish","title_hn":"48 कोस के 75 तीर्थ पांच लाख दीयों से जगमगाए","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
48 कोस के 75 तीर्थ पांच लाख दीयों से जगमगाए
विज्ञापन
प्रदेश के इतिहास में पहली बार 48 कोस के 75 तीर्थों पर एक साथ करीब पांच लाख दीप जगमगाए। इससे ब्रह्मसरोवर के तट जगमग हो उठे। दीपोत्सव में 40 से ज्यादा धार्मिक और सामाजिक संस्थाओं ने सहयोग किया। यहां पहुंचे राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय और केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री जी. किशन रेड्डी ने इस बार दीपदान की परंपरा निभाई।
अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव के समापन पर मंगलवार को दीपोत्सव से पहले दोपहर 12 बजे वैश्विक गीता पाठ हुआ, जिसमें ऑनलाइन प्रणाली से 55 हजार विद्यार्थी जुड़े और ब्रह्मसरोवर पर 15 स्कूलों के 1155 विद्यार्थियों ने गीता के श्लोकों का उच्चारण किया। इस दौरान ब्रह्मसरोवर गीता की वाणी से गूंज उठा। विद्यार्थियों ने जैसे ही वैश्विक गीता पाठ शुरू किया, उसी समय प्रदेश के सभी जिलों के राजकीय और निजी स्कूलों के 55 हजार से ज्यादा विद्यार्थी और विभिन्न देशों के लोग ऑनलाइन प्रणाली से जुड़े और सभी ने एक सुर में विश्व शांति के लिए पाठ किया। वहीं शाम को महाआरती हुई।
उधर महोत्सव के पावन पर्व पर पवित्र ब्रह्मसरोवर के घाट कला और संस्कृति का संगम बने हुए हैं। इस दृश्य का सुखद अहसास लेने के लिए देश और प्रदेश के कोने-कोने से श्रद्धालु और पर्यटक पहुंच रहे हैं, जो विभिन्न प्रदेशों के वाद्य यंत्रों और लोक नृत्यों के साथ झूम उठते हैं।
विज्ञापन
वहीं हरियाणा पवेलियन के अखाड़े में पहलवानों की कुश्ती, पराठे खाने पर एक लाख का इनाम और बुलेट मोटरसाइकिल तथा हरियाणा के देसी व्यंजन महोत्सव की शोभा बढ़ा रहे हैं। महोत्सव के 13वें दिन सरस और शिल्प मेले का आनंद लेने और खरीदारी करने के लिए बड़ी संख्या में पर्यटक ब्रह्मसरोवर के घाटों पर नजर आए। विदित हो कि विधिवत नौ से 14 दिसंबर तक चलने वाले महोत्सव का मंगलवार को समापन हो गया, लेकिन दो दिसंबर से शुरू हुआ महोत्सव 19 दिसंबर को पूर्णरूप से संपन्न होगा।
विज्ञापन
अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव के समापन पर मंगलवार को दीपोत्सव से पहले दोपहर 12 बजे वैश्विक गीता पाठ हुआ, जिसमें ऑनलाइन प्रणाली से 55 हजार विद्यार्थी जुड़े और ब्रह्मसरोवर पर 15 स्कूलों के 1155 विद्यार्थियों ने गीता के श्लोकों का उच्चारण किया। इस दौरान ब्रह्मसरोवर गीता की वाणी से गूंज उठा। विद्यार्थियों ने जैसे ही वैश्विक गीता पाठ शुरू किया, उसी समय प्रदेश के सभी जिलों के राजकीय और निजी स्कूलों के 55 हजार से ज्यादा विद्यार्थी और विभिन्न देशों के लोग ऑनलाइन प्रणाली से जुड़े और सभी ने एक सुर में विश्व शांति के लिए पाठ किया। वहीं शाम को महाआरती हुई।
विज्ञापन
उधर महोत्सव के पावन पर्व पर पवित्र ब्रह्मसरोवर के घाट कला और संस्कृति का संगम बने हुए हैं। इस दृश्य का सुखद अहसास लेने के लिए देश और प्रदेश के कोने-कोने से श्रद्धालु और पर्यटक पहुंच रहे हैं, जो विभिन्न प्रदेशों के वाद्य यंत्रों और लोक नृत्यों के साथ झूम उठते हैं।
विज्ञापन
वहीं हरियाणा पवेलियन के अखाड़े में पहलवानों की कुश्ती, पराठे खाने पर एक लाख का इनाम और बुलेट मोटरसाइकिल तथा हरियाणा के देसी व्यंजन महोत्सव की शोभा बढ़ा रहे हैं। महोत्सव के 13वें दिन सरस और शिल्प मेले का आनंद लेने और खरीदारी करने के लिए बड़ी संख्या में पर्यटक ब्रह्मसरोवर के घाटों पर नजर आए। विदित हो कि विधिवत नौ से 14 दिसंबर तक चलने वाले महोत्सव का मंगलवार को समापन हो गया, लेकिन दो दिसंबर से शुरू हुआ महोत्सव 19 दिसंबर को पूर्णरूप से संपन्न होगा।