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सड़कों पर उतरे जाट समाज के लोग व सभा के पदाधिकारी
Updated Tue, 24 Apr 2018 01:16 AM IST
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सड़कों पर उतरे जाट समाज के लोग व सभा के पदाधिकारी
अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र। तीन एकड़ जमीन नाभि कमल मंदिर के हक में चले जाने के बाद शुरू हुआ जाट समाज का आपसी विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। जहां पिछले कुछ दिनों पहले ही इसी माह नई सभा का अंग्रेज सिंह किरमिच के नेतृत्व में गठन कर लिया गया था और पूर्व सभा पर अनेकों आरोप लगाए थे, वहीं सोमवार को पूर्व सभा के पदाधिकारी व समाज के अन्य दर्जनों लोग सड़कों पर उतरे और जिला सचिवालय में भी जमकर रोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि कई दिनों पहले उन्होंने डीसी व एसपी के अलावा केयू थाना में भी शिकायत दी थी, लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। इसी पर रोष जताते हुए उन्होंने सीटीएम को भी शिकायत दी और कहा कि आरोपियों के खिलाफ जल्द कार्रवाई की जाए। वहीं उन्होंने प्रशासन से भी जाट सभा की कार्यकारिणी की अधिकारिक जानकारी ली ओर दावा किया कि इसमें भी पुरानी कार्यकारिणी ही है और वही मान्य है। उन्होंने पहले दी सभा प्रधान राजकुमार की ओर से शिकायत में नई कमेटी को स्वंभू कमेटी करार देते हुए धर्मशाला एवं सभा के बैंक खाते से अवैध रूप से पैसे निकाले जाने, धर्मशाला की जमीन व भवन बेचने की आशंका भी जाहिर की थी। उन्होंने मांग की थी कि कि आरोपियों द्वारा की जा रही इस प्रकार की कार्रवाई पर रोक लगाई जाए और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए।
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि उक्त विषय पर जल्द कानूनी कार्रवाई नहीं की गई तो इसके परिणाम को लेकर जिम्मेदार प्रशासन ही होगा। इस दौरान राजकुुमार के अलावा रामस्वरूप, ओमप्रकाश, जगदीश ढूल, अजमेर सिंह, बलबीर, शमशेर ढूल के अलावा पुरानी कमेटी के कई पदाधिकारी भी मौजूद थे।
लगाए जा रहे आरोप बेबुनियाद : अंग्रेज
नई कमेटी के प्रधान अंग्रेज सिंह का कहना है कि उनकी प्रधानगी में नई कमेटी समाज के लोगों द्वारा ही बनाई गई है और वे समाज व धर्मशाला के हित में ही कार्य कर रहे है। बिना किसी लिखित कार्रवाई के कोई भी कार्य नहीं किया जा रहा है और वे हर कार्य का सुबूत दे सकते है। पूर्व कमेटी के प्रधान ने जनवरी माह में ही इस्तीफा दे दिया था जबकि समाज ने उन्हें चौधरी छोटू राम जयंती तक कार्यभार रखने को कहा था और उसके बाद अभी तक यह कमेटी चलती रही।
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अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र। तीन एकड़ जमीन नाभि कमल मंदिर के हक में चले जाने के बाद शुरू हुआ जाट समाज का आपसी विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। जहां पिछले कुछ दिनों पहले ही इसी माह नई सभा का अंग्रेज सिंह किरमिच के नेतृत्व में गठन कर लिया गया था और पूर्व सभा पर अनेकों आरोप लगाए थे, वहीं सोमवार को पूर्व सभा के पदाधिकारी व समाज के अन्य दर्जनों लोग सड़कों पर उतरे और जिला सचिवालय में भी जमकर रोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि कई दिनों पहले उन्होंने डीसी व एसपी के अलावा केयू थाना में भी शिकायत दी थी, लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। इसी पर रोष जताते हुए उन्होंने सीटीएम को भी शिकायत दी और कहा कि आरोपियों के खिलाफ जल्द कार्रवाई की जाए। वहीं उन्होंने प्रशासन से भी जाट सभा की कार्यकारिणी की अधिकारिक जानकारी ली ओर दावा किया कि इसमें भी पुरानी कार्यकारिणी ही है और वही मान्य है। उन्होंने पहले दी सभा प्रधान राजकुमार की ओर से शिकायत में नई कमेटी को स्वंभू कमेटी करार देते हुए धर्मशाला एवं सभा के बैंक खाते से अवैध रूप से पैसे निकाले जाने, धर्मशाला की जमीन व भवन बेचने की आशंका भी जाहिर की थी। उन्होंने मांग की थी कि कि आरोपियों द्वारा की जा रही इस प्रकार की कार्रवाई पर रोक लगाई जाए और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए।
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि उक्त विषय पर जल्द कानूनी कार्रवाई नहीं की गई तो इसके परिणाम को लेकर जिम्मेदार प्रशासन ही होगा। इस दौरान राजकुुमार के अलावा रामस्वरूप, ओमप्रकाश, जगदीश ढूल, अजमेर सिंह, बलबीर, शमशेर ढूल के अलावा पुरानी कमेटी के कई पदाधिकारी भी मौजूद थे।
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लगाए जा रहे आरोप बेबुनियाद : अंग्रेज
नई कमेटी के प्रधान अंग्रेज सिंह का कहना है कि उनकी प्रधानगी में नई कमेटी समाज के लोगों द्वारा ही बनाई गई है और वे समाज व धर्मशाला के हित में ही कार्य कर रहे है। बिना किसी लिखित कार्रवाई के कोई भी कार्य नहीं किया जा रहा है और वे हर कार्य का सुबूत दे सकते है। पूर्व कमेटी के प्रधान ने जनवरी माह में ही इस्तीफा दे दिया था जबकि समाज ने उन्हें चौधरी छोटू राम जयंती तक कार्यभार रखने को कहा था और उसके बाद अभी तक यह कमेटी चलती रही।
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