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अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव की गीता प्रश्न माला के सूत्र में बंधे देश-विदेश के 64427 प्रतिभागी
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कुरुक्षेत्र। अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव में देश-विदेश के 64 हजार 427 लोग गीता प्रश्न माला के सूत्र में बंधे। इस बार गीता प्रश्नमाला की प्रतियोगिता में प्रतिभागियों का आंकड़ा 50 हजार पार कर गया। यह गीता प्रश्न माला गीता ग्रंथ के 18 अध्यायों के आधार पर 18 दिन तक चली। इसमें ऑटोमेटिक कंप्यूटराइज्ड प्रणाली से कुल 180 विजेता घोषित किए गए।
गीता प्रश्न माला में 64 हजार 427 प्रतिभागियों ने प्रतिभाग किया। इनमें से 15018 आम लोग और 46 हजार 741 प्रतिभागी विद्यार्थी थे। इसके अलावा कुछ विदेशी प्रतिभागियों ने भी प्रश्नोत्तरी में भाग लिया। उपायुक्त मुकुल कुमार ने कहा कि गीता प्रश्न माला का उद्देश्य श्रीमद्भागवत गीता का ज्यादा से ज्यादा प्रचार-प्रसार करना है। प्रशासन का प्रयास रहा है कि गीता प्रश्न माला के प्रश्नों से ही गीता के बारे में जानकारी और ज्ञान प्राप्त हो। श्रीमद्भागवद्गीता का जो स्वरूप हमें प्रेरित करता है, वह हमारी समस्याओं का निवारण दिखाता है। उन्होंने बताया कि गीता प्रश्न माला में हर रोज पांच विजेता पब्लिक श्रेणी में पांच विजेता स्टूडेंट केटेगरी में 18 दिनों में कुल 180 विजेता निकाले गए। सभी विजेता ऑटोमेटिक कंप्यूटराइज तरीके से सभी टॉप स्कोरर में से निकाले गए है। गीता प्रश्न माला में जिन प्रतियोगियों ने अपने मित्र बंधु परिवारजनों को प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए प्रेरित किया व स्कूल के अध्यापकों ने अपने बच्चों को प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए प्रेरित किया ऐसे बहुत से प्रतियोगिताओं मैं से टॉप टेन प्रतियोगिताओं का चुनाव किया गया। सभी टॉप-10 मोटिवेटरों को एक हजार रुपये और प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। इसी कड़ी में गीता प्रश्न माला के समापन पर टॉप-25 विजेता पब्लिक कैटेगरी और टॉप-25 विजेता स्टूडेंट कैटेगरी में निकाले गए। सभी टॉपर को एक-एक हजार रुपये का इनाम और इनसाइक्लोपीडिया ऑफ गीता की उपाधि भी दी जाएगी। एनआईसी अधिकारी विनोद सिंगला ने कहा कि सभी प्रतिभागी जिन्होंने गीता प्रश्न माला में भाग लिया है, उनको डिजिटल फॉर्म में सर्टिफिकेट ऑफ पार्टिसिपेशन उपलब्ध रहेगा। इसके अलावा जिन प्रतिभागियों ने 50 फीसदी से अधिक सही उत्तर दिए है, उनको सर्टिफिकेट ऑफ एप्रिशिएसन डिजिटल फॉर्म उनके अकाउंट लॉगिन में उपलब्ध रहेगा।
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गीता प्रश्न माला में 64 हजार 427 प्रतिभागियों ने प्रतिभाग किया। इनमें से 15018 आम लोग और 46 हजार 741 प्रतिभागी विद्यार्थी थे। इसके अलावा कुछ विदेशी प्रतिभागियों ने भी प्रश्नोत्तरी में भाग लिया। उपायुक्त मुकुल कुमार ने कहा कि गीता प्रश्न माला का उद्देश्य श्रीमद्भागवत गीता का ज्यादा से ज्यादा प्रचार-प्रसार करना है। प्रशासन का प्रयास रहा है कि गीता प्रश्न माला के प्रश्नों से ही गीता के बारे में जानकारी और ज्ञान प्राप्त हो। श्रीमद्भागवद्गीता का जो स्वरूप हमें प्रेरित करता है, वह हमारी समस्याओं का निवारण दिखाता है। उन्होंने बताया कि गीता प्रश्न माला में हर रोज पांच विजेता पब्लिक श्रेणी में पांच विजेता स्टूडेंट केटेगरी में 18 दिनों में कुल 180 विजेता निकाले गए। सभी विजेता ऑटोमेटिक कंप्यूटराइज तरीके से सभी टॉप स्कोरर में से निकाले गए है। गीता प्रश्न माला में जिन प्रतियोगियों ने अपने मित्र बंधु परिवारजनों को प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए प्रेरित किया व स्कूल के अध्यापकों ने अपने बच्चों को प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए प्रेरित किया ऐसे बहुत से प्रतियोगिताओं मैं से टॉप टेन प्रतियोगिताओं का चुनाव किया गया। सभी टॉप-10 मोटिवेटरों को एक हजार रुपये और प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। इसी कड़ी में गीता प्रश्न माला के समापन पर टॉप-25 विजेता पब्लिक कैटेगरी और टॉप-25 विजेता स्टूडेंट कैटेगरी में निकाले गए। सभी टॉपर को एक-एक हजार रुपये का इनाम और इनसाइक्लोपीडिया ऑफ गीता की उपाधि भी दी जाएगी। एनआईसी अधिकारी विनोद सिंगला ने कहा कि सभी प्रतिभागी जिन्होंने गीता प्रश्न माला में भाग लिया है, उनको डिजिटल फॉर्म में सर्टिफिकेट ऑफ पार्टिसिपेशन उपलब्ध रहेगा। इसके अलावा जिन प्रतिभागियों ने 50 फीसदी से अधिक सही उत्तर दिए है, उनको सर्टिफिकेट ऑफ एप्रिशिएसन डिजिटल फॉर्म उनके अकाउंट लॉगिन में उपलब्ध रहेगा।
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