{"_id":"5c1bebe7bdec2256b1109630","slug":"61545333735-kurukshetra-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"कुंटिया चुनाव को लेकर फंसा पेंच, केयू प्रशासन एवं कुंटिया आमने-सामने","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कुंटिया चुनाव को लेकर फंसा पेंच, केयू प्रशासन एवं कुंटिया आमने-सामने
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमर उजाला ब्यूूरो
कुरुक्षेत्र। केयू गैर शिक्षक कर्मचारी संघ के चुनाव को लेकर प्रशासन और कुंटिया एक बार फिर आमने-सामने आते दिख रहे हैं। अधिकारियों ने कुंटिया प्रधान के नाम पत्र जारी कर 3 जनवरी को होने वाले चुनाव को वर्किंग डे में न कराने के निर्देश दिए हैं। केयू प्रशासन के इस फैसले से कर्मचारियों में रोष पनपने लगा है। कर्मचारी नेताओं का कहना है कि प्रतिवर्ष केयू प्रशासन ही कुंटिया का चुनाव कराता आया है, लेकिन इस बार प्रशासन कुंटिया का चुनाव कराने में अड़ियल रवैया अपना रहा है। कहा जा रहा है कि केयू के कम्युनिटी सेंटर में चुनाव कराने का प्रस्ताव भी पास हुआ था। प्रशासन ने अब चुनाव के लिए कुंटिया को इंफ्रास्ट्रक्चर और चुनाव अधिकारी उपलब्ध कराने से मना कर दिया। कुंटिया इलेक्शन के लिए चुनाव अधिकारी की नियुक्ति करने के लिए संगठन ने सर्वकर्मचारी संघ से संपर्क साधा था। कुंटिया की हुई जनरल बॉडी की बैठक में लोक प्रशासन विभाग के प्रो. अजमेर मलिक को चुनाव के लिए अधिकारी बनाया गया था। इसके बाद एसकेएस के राज्य ऑडिटर सतीश सेठी को कुंटिया का चुनाव अधिकारी नियुक्त किया है। उनकी देखरेख में अब तीन जनवरी को कुंटिया का चुनाव होगा। इस चुनाव में 1370 कर्मचारी मतदान करेंगे। हालांकि केयू प्रशासन ने कुंटिया प्रधान रामकुमार गुर्जर के नाम पत्र जारी करते हुए वर्किंग डे के दौरान चुनाव न कराने के निर्देश दे दिए हैं। कारण ये कि कुंटिया वर्किंग डे में चुनाव होने से यूनिवर्सिटी के कामकाज में बाधा उत्पन्न होगी। लिहाजा, कुंटिया को रजिस्ट्रार समितियों में पंजीकृत किए जाने के बाद अब इनका चुनाव भी रजिस्ट्रार समिति ही करा सकती है।
नॉन टीचिंग क्लब में होगा कुंटिया का चुनाव
निवर्तमान महासचिव नीलकंठ शर्मा का कहना है कि केयू प्रशासन जानबूझ कर कुंटिया चुनाव में अड़चन लगा रहा है। हर साल केयू प्रशासन ही कुंटिया का चुनाव कराता रहा है, लेकिन इस बार केयू प्रशासन ने चुनाव अधिकारी एवं इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध कराने से मना कर दिया। अब कुंटिया का चुनाव तीन दिसंबर को केयू स्थित नॉन टीचिंग क्लब में होगा।
विज्ञापन
कुरुक्षेत्र। केयू गैर शिक्षक कर्मचारी संघ के चुनाव को लेकर प्रशासन और कुंटिया एक बार फिर आमने-सामने आते दिख रहे हैं। अधिकारियों ने कुंटिया प्रधान के नाम पत्र जारी कर 3 जनवरी को होने वाले चुनाव को वर्किंग डे में न कराने के निर्देश दिए हैं। केयू प्रशासन के इस फैसले से कर्मचारियों में रोष पनपने लगा है। कर्मचारी नेताओं का कहना है कि प्रतिवर्ष केयू प्रशासन ही कुंटिया का चुनाव कराता आया है, लेकिन इस बार प्रशासन कुंटिया का चुनाव कराने में अड़ियल रवैया अपना रहा है। कहा जा रहा है कि केयू के कम्युनिटी सेंटर में चुनाव कराने का प्रस्ताव भी पास हुआ था। प्रशासन ने अब चुनाव के लिए कुंटिया को इंफ्रास्ट्रक्चर और चुनाव अधिकारी उपलब्ध कराने से मना कर दिया। कुंटिया इलेक्शन के लिए चुनाव अधिकारी की नियुक्ति करने के लिए संगठन ने सर्वकर्मचारी संघ से संपर्क साधा था। कुंटिया की हुई जनरल बॉडी की बैठक में लोक प्रशासन विभाग के प्रो. अजमेर मलिक को चुनाव के लिए अधिकारी बनाया गया था। इसके बाद एसकेएस के राज्य ऑडिटर सतीश सेठी को कुंटिया का चुनाव अधिकारी नियुक्त किया है। उनकी देखरेख में अब तीन जनवरी को कुंटिया का चुनाव होगा। इस चुनाव में 1370 कर्मचारी मतदान करेंगे। हालांकि केयू प्रशासन ने कुंटिया प्रधान रामकुमार गुर्जर के नाम पत्र जारी करते हुए वर्किंग डे के दौरान चुनाव न कराने के निर्देश दे दिए हैं। कारण ये कि कुंटिया वर्किंग डे में चुनाव होने से यूनिवर्सिटी के कामकाज में बाधा उत्पन्न होगी। लिहाजा, कुंटिया को रजिस्ट्रार समितियों में पंजीकृत किए जाने के बाद अब इनका चुनाव भी रजिस्ट्रार समिति ही करा सकती है।
नॉन टीचिंग क्लब में होगा कुंटिया का चुनाव
निवर्तमान महासचिव नीलकंठ शर्मा का कहना है कि केयू प्रशासन जानबूझ कर कुंटिया चुनाव में अड़चन लगा रहा है। हर साल केयू प्रशासन ही कुंटिया का चुनाव कराता रहा है, लेकिन इस बार केयू प्रशासन ने चुनाव अधिकारी एवं इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध कराने से मना कर दिया। अब कुंटिया का चुनाव तीन दिसंबर को केयू स्थित नॉन टीचिंग क्लब में होगा।
विज्ञापन