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पारदर्शी पंचायतीराज के लिए ऑडिट जरूरी : शर्मा
Updated Sat, 24 Jun 2017 11:11 PM IST
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कुरुक्षेत्र। हरियाणा राज्य के ऑडिट एवं अकाउंटस विभाग के निदेशक राकेश शर्मा ने कहा है कि पारदर्शी पंचायतीराज के लिए ऑडिट जरूरी है। प्रत्येक पंचायत को समय पर ऑडिट करवाना चाहिए ताकि हरियाणा प्रदेश के लोगों को एक ईमानदार, पारदर्शी पंचायतीराज व्यवस्था मिल सकें। वे शनिवार को कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के लोक प्रशासन विभाग की ओर से पंचायत प्रतिनिधियों के लिए चलाए जा रहे तीन माह के सर्टिफिकेट कोर्स मेें बतौर मुख्यातिथि संबोधित कर रहे थे। उन्होंने लेखा परीक्षण विषय पर व्याख्यान प्रस्तुत करते हुए पंचायतीराज के ऑडिट व्यवस्था की पेचिददगियों के बारे में सरपंचों को अवगत करवाया। उन्होंने कहा कि सरपंचों को कम से कम धनराशि अपने पास रखनी चाहिए तथा पंचायत की धनराशि को राष्ट्रीय बैंकों में रखना चाहिए। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि पंचायत की आमदनी, सहायता निधि तथा खर्चों से संबंधित सभी रिकार्ड पारदर्शी, स्पष्ट एवं अप-टू-डेट रखने चाहिए। ऑडिट की भूमिका की चर्चा करते हुए उन्होंने ग्राम सरपंचों से कहा कि वे अपनी पंचायत का ऑडिट स्वयं करवाए, क्योंकि ऐसा करने से उनको वित्तीय रिकार्ड रखने के सिद्धांतों, नियमों एवं तरीकों का व्यहारात्मक ज्ञान मिल पाएगा। उन्होंने ग्राम पंचायतों को सही समय पर मस्ट्रोल जारी करने, रिकार्ड सही रूप में रखने तथा ग्राम पंचायतों के खातों को संचालित करने तथा पैसे के रख-रखाव संबंधित नियमों के बारे में भी जानकारी दी। पंचायत प्रतिनिधियों ने ऑडिट संबंधी सभी समस्याओं पर हुई चर्चा में बढ़चढ़ हिस्सा लिया।
पंचायतीराज एवं ग्रामीण विकास पर करवाए जाने वाले सर्टिफिकेट कोर्स के संयोजक एवं लोक प्रशासन विभाग के प्रोफेसर अजमेर सिंह मलिक ने बताया कि जब पंचायत प्रतिनिधियों के पास सूचना और कौशल दोनों होंगे तभी वे अपने गांव के विकास के बारे में सही निर्णय ले सकेंगे। उन्होंने सरपंचों द्वारा ऑडिट प्रक्रिया जानकारी को बहुत उपयोगी बताया।
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पंचायतीराज एवं ग्रामीण विकास पर करवाए जाने वाले सर्टिफिकेट कोर्स के संयोजक एवं लोक प्रशासन विभाग के प्रोफेसर अजमेर सिंह मलिक ने बताया कि जब पंचायत प्रतिनिधियों के पास सूचना और कौशल दोनों होंगे तभी वे अपने गांव के विकास के बारे में सही निर्णय ले सकेंगे। उन्होंने सरपंचों द्वारा ऑडिट प्रक्रिया जानकारी को बहुत उपयोगी बताया।
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