फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Kurukshetra News ›   आसाराम सरीखे धर्म के ठेकेदार रखे हुए धर्मनगरी की भूमि पर नजर

आसाराम सरीखे धर्म के ठेकेदार रखे हुए धर्मनगरी की भूमि पर नजर

Thu, 26 Apr 2018 01:28 AM IST
Updated Thu, 26 Apr 2018 01:28 AM IST
विज्ञापन
आसाराम सरीखे धर्म के ठेकेदार रखे हुए धर्मनगरी की भूमि पर नजर
पौराणिक तीर्थ के पास आसाराम ने करवा रखा है अवैध निर्माण
विज्ञापन

अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र।
आसाराम सरीखे धर्म के ठेकेदारों की नजर कुरुक्षेत्र की जमीन पर है। इसके लिए काफी हद तक कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड भी जिम्मेदार है। क्योंकि के डीबी के कंधों पर ऐसे तीर्थों के जीर्णोद्धार और संरक्षण का जिम्मा है। लेकिन आसाराम सरीखे कई धर्म के ठेकेदार कब्जे कर रहे हैं। आसाराम को बुधवार को सजा होने पर संभवत: भविष्य में उन्हें 450 आश्रमों का संचालन जेल में ही बैठकर करना पड़े। उन्हीं आश्रमों में से एक आश्रम यहां पर 13 साल पहले बनने शुरू हुआ था, जो निर्माण शुरू होते ही विवादों में फंस गया था। दरअसल, तब पर्यावरण डॉ. जेएस यादव ने स्थानीय लोगों की मदद से उनके इस आश्रम के खिलाफ झंडा बुलंद किया था, लेकिन धन, बल और राजनीतिक प्रभाव के चलते आसाराम की मनमानी पर अंकुश नहीं लग सका। नतीजन प्राची तीर्थ की देखरेख के अभाव में आसाराम की संस्था ने अपने निर्माणाधीन आश्रम के लिए न केवल सैनी कॉलोनी की सड़क पर कब्जा कर इसे बंद कर दिया, बल्कि एक गेट प्राची तीर्थ की ओर बना दिया।
आसाराम की संस्था इस आश्रम की भूमि के आसपास कब्जा कर कमरे, पार्क और सत्संग स्थल के अलावा फेंसिंग और दीवारों का निर्माण करा चुकी है, लेकिन पांच साल पहले आसाराम के जेल जाने के बाद यहां सन्नाट छाया है। रविवार या सालभर में किसी खास मौके को छोड़कर आश्रम के मेन गेट पर ताला लगा रहता है। विदित रहे कि 24 दिसंबर 2013 को आसाराम का बेटे नारायण साईं को पुलिस ने कुरुक्षेत्र से ही गिरफ्तार किया था।
विज्ञापन

राष्ट्रीयकृत बैंक अधिकारी हैं कुरुक्षेत्र का अध्यक्ष
आश्रम के आसपास रहने वाले लोगों के अनुसार कुरुक्षेत्र में आसाराम की संस्था का अध्यक्ष एक राष्ट्रीयकृत बैंक का आधिकारी राजेश पाहवा है, जोकि परिवार के साथ रविवार को यहां सत्संग में आता है। उन्होंने ही आश्रम के निकट रहने वाली कौशल्या नाम की एक महिला को इसकी देखरेख का जिम्मा सौंपा है। जब पाहवा से आश्रम के बारे में संपर्क किया गया तो उन्होंने कहा कि संस्था की प्रवक्ता नीलम दूबे ने किसी से भी बात करने से मना किया है। यदि कोई भी जानकारी लेनी है तो वहीं देने के लिए अधिकृत हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

कॉलोनीवासी बोले-आसाराम की संस्था ने किया कब्जा
प्राची तीर्थ से सटी सैनी कॉलोनी वासी जयभगवान सैनी, रामपाल और कुछ महिलाओं ने आरोप लगाया कि आसाराम की संस्था ने उनकी कॉलोनी की एक सड़क पर भी कब्जा किया हुआ है। इसको लेकर करीब एक दशक पहले ज्ञापन भी दिए थे, लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। न ही प्राचीन तीर्थ के आसपास कब्जे को छुड़वाने के लिए केडीबी आगे आया। लोगों ने मांग की कि अगर केडीबी राजस्व रिकार्ड के अनुसार निशानदेही कराए तो तीर्थ का काफी हिस्सा आश्रम द्वारा कब्जा किया हुआ मिलेगा।
ऋषि वशिष्ठ को सरस्वती ने बहाया तो बना प्राचीन तीर्थ
तीर्थ पुरोहित विनोद पंचोली प्राची तीर्थ पर सरस्वती पूर्व वाहिनी है। इस तीर्थ का उल्लेख वामन पुराण और महाभारत के अलावा अन्य कई धर्मग्रंथों में मिलता है। इस तीर्थ के पीछे जो प्रसंग मिलता है उसमें राजा विश्वामित्र द्वारा ऋषि वरिष्ठ की तपस्या को भंग करने का षड्यंत्र को बताया जाता है।

निशानदेही कराने के बाद होगा जीर्णोद्धार: मानद सचिव
कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड के मानद सचिव मदनमोहन छाबड़ा के मुताबिक उन्होंने हाल ही में पदभार संभाला है। यह मामला अभी उनके संज्ञान में आया है। उन्होंने कहा कि केडीबी के संपदा अधिकारी को जल्द पौराणिक प्राची तीर्थ की निशानदेही कराने के निर्देश दिए जाएंगे। यदि राजस्व रिकार्ड में दर्ज प्राची तीर्थ के हिस्से पर कब्जा मिला तो उसे छुड़वाकर तीर्थ के जीर्णोद्धार की प्रपोजल भी तैयार की जाएगी। वहीं तीर्थ की ओर खोले गए रास्ते को भी बंद कराया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed