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आढ़ती बोले, नहीं दिया नजराना तो आज तक गेहूं का एक ट्रक भी नहीं किया गया उठान
Updated Tue, 01 May 2018 01:09 AM IST
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उठान न होने पर आढ़तियों ने रोया दुखड़ा, अधिकारी करते रहे एजेंसियों को फोन
अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र। हमने नजराने का एक भी रुपये नहीं दिया है। यही कारण है कि हमारे प्रतिष्ठान से गेहूं के एक भी ट्रक का उठान नहीं किया गया। पूरा सीजन बीत चुका है, लेकिन आज तक कोई उठान करने नहीं पहुंचा है। जो आढ़ती नजराना दे रहे हैं वहां से हर रोज गेहूं उठाया जा रहा है। यह दुखड़ा कई आढ़तियों ने मार्केट कमेटी के अधिकारियों के समक्ष रोया। इस पर अधिकारियों ने संबंधित एजेंसियों के अधिकारियों को फोन मिलाए। हालांकि इन अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि जल्द ही उठान कर लिया जाएगा तो वहीं उठान एजेंसियों ने नजराना लिए जाने से स्पष्ट इंकार कर दिया। इस पर अधिकारियों ने आढ़तियों से शपथ पत्र देने की मांग की, लेकिन वे देर शाम तक भी शपथ पत्र नहीं दे पाए, लेकिन चेतावनी दी कि उठान नहीं किया गया तो वे कार्यालय पर प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे।
उधर मंडी में उठान में तेजी न आने से समस्या गहराई हुई है। भले ही मंडी में गेहूं की आवक कम हो गई है, लेकिन उठान में गति न होने से मंडी अभी भी जाम है। बता दें कि चार दिन पहले भी एसडीएम को कई आढ़ती मिले थे, जहां उन्होंने उठान की आड़ में नजराना लिए जाने के आरोप लगाए थे। उस समय भी एसडीएम प्रद्युमन सिंह ने उन्हें शपथ पत्र देने को कहा था। शपथ पत्र मिलते ही एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए थे, लेकिन कोई भी आढ़ती शपथ पत्र नहीं दे पाया था। उससे पहले राज्यमंत्री कर्ण देव कंबोज के समक्ष भी नजराना लिए जाने का मामला उठा था। उन्होंने भी जांच के आदेश दिए थे। इस जांच में कोई आढ़ती शपथ पत्र देने को तैयार नहीं हुआ।
उधर आढ़ती एसोसिएशन के पूर्व प्रधान बलविंद्र सिंह व दौलत राम बंसल का कहना है कि उन्होंने अपने निजी वाहनों से ही गेहूं का उठान कराया है जबकि उठान एजेंसियों ने उन्होंने पूरी तरह दरकिनार किया हुआ है। इस बारे में अधिकारियों को भी अनेकों बार अवगत कराया जा चुका है, लेकिन कोई अधिकारी इसे गंभीरता से नहीं ले रहा है।
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दूसरे दिन भी रोष जताते रहे आढ़ती, नहीं की गई गेहूं की खरीद
कुरुक्षेत्र/लाडवा। प्रदेश सरकार द्वारा गेहूं खरीद का भुगतान सीधे किसानों के खाते में करने के विरोध में दूसरे दिन भी आढ़तियों में गहरा रोष बना रहा और मंडियों में गेहूं की खरीद ठप रही, जिससे किसानों को समस्या का सामना करना पड़ा तो वहीं कई जगहों पर आढ़तियों ने दूसरे दिन भी धरना दिया और सरकार के विरोध में प्रदर्शन किया। थानेसर मार्केट कमेटी के समक्ष दोपहर के समय आढ़ती एकत्रित हुए, जहां उन्होंने रोष जताया तो वहीं अधिकारियों को भी सरकार द्वारा जारी किए गए आदेश वापस लिए जाने की मांग की। लाडवा में धरने को संबोधित करते हुए अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन लाडवा के प्रधान बिमलेश गर्ग ने कहा कि जब तक सरकार अपना फैसला वापस नहीं लेती उनका धरना प्रदर्शन जारी रहेगा। हरियाणा अनाजमंडी आढ़ती एसोसिएशन के प्रदेशाध्यक्ष अशोक गुप्ता ने कहा कि हरियाणा सरकार आढ़तियों को उजाड़ने का काम कर रही हैं। उन्होंने कहा कि सरकार के सीधे किसानों के खाते में भुगतान के फैसले से न तो किसान ही खुश है और नही आढ़ती खुश हैं। उन्होंने सरकार से मांग करते हुए कहा कि वह अपना नोटिफिकेशन तुरंत वापस लें। वहीं हलका विधायक पवन सैनी धरने पर पहुंचे और आढ़तियों की समस्याओं को सुना। उन्होंने कहा कि यह केंद्र सरकार की योजना है कि किसानों को उनकी फसलों की कीमत ऑनलाइन उनके बैंक खातों में जाए, परंतु वह आढ़तियों की मर्जी के खिलाफ कोई काम नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि वह मुख्यमंत्री के समक्ष उनकी समस्या रखकर समाधान करवाने का प्रयास करेंगे।
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अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र। हमने नजराने का एक भी रुपये नहीं दिया है। यही कारण है कि हमारे प्रतिष्ठान से गेहूं के एक भी ट्रक का उठान नहीं किया गया। पूरा सीजन बीत चुका है, लेकिन आज तक कोई उठान करने नहीं पहुंचा है। जो आढ़ती नजराना दे रहे हैं वहां से हर रोज गेहूं उठाया जा रहा है। यह दुखड़ा कई आढ़तियों ने मार्केट कमेटी के अधिकारियों के समक्ष रोया। इस पर अधिकारियों ने संबंधित एजेंसियों के अधिकारियों को फोन मिलाए। हालांकि इन अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि जल्द ही उठान कर लिया जाएगा तो वहीं उठान एजेंसियों ने नजराना लिए जाने से स्पष्ट इंकार कर दिया। इस पर अधिकारियों ने आढ़तियों से शपथ पत्र देने की मांग की, लेकिन वे देर शाम तक भी शपथ पत्र नहीं दे पाए, लेकिन चेतावनी दी कि उठान नहीं किया गया तो वे कार्यालय पर प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे।
उधर मंडी में उठान में तेजी न आने से समस्या गहराई हुई है। भले ही मंडी में गेहूं की आवक कम हो गई है, लेकिन उठान में गति न होने से मंडी अभी भी जाम है। बता दें कि चार दिन पहले भी एसडीएम को कई आढ़ती मिले थे, जहां उन्होंने उठान की आड़ में नजराना लिए जाने के आरोप लगाए थे। उस समय भी एसडीएम प्रद्युमन सिंह ने उन्हें शपथ पत्र देने को कहा था। शपथ पत्र मिलते ही एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए थे, लेकिन कोई भी आढ़ती शपथ पत्र नहीं दे पाया था। उससे पहले राज्यमंत्री कर्ण देव कंबोज के समक्ष भी नजराना लिए जाने का मामला उठा था। उन्होंने भी जांच के आदेश दिए थे। इस जांच में कोई आढ़ती शपथ पत्र देने को तैयार नहीं हुआ।
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उधर आढ़ती एसोसिएशन के पूर्व प्रधान बलविंद्र सिंह व दौलत राम बंसल का कहना है कि उन्होंने अपने निजी वाहनों से ही गेहूं का उठान कराया है जबकि उठान एजेंसियों ने उन्होंने पूरी तरह दरकिनार किया हुआ है। इस बारे में अधिकारियों को भी अनेकों बार अवगत कराया जा चुका है, लेकिन कोई अधिकारी इसे गंभीरता से नहीं ले रहा है।
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दूसरे दिन भी रोष जताते रहे आढ़ती, नहीं की गई गेहूं की खरीद
कुरुक्षेत्र/लाडवा। प्रदेश सरकार द्वारा गेहूं खरीद का भुगतान सीधे किसानों के खाते में करने के विरोध में दूसरे दिन भी आढ़तियों में गहरा रोष बना रहा और मंडियों में गेहूं की खरीद ठप रही, जिससे किसानों को समस्या का सामना करना पड़ा तो वहीं कई जगहों पर आढ़तियों ने दूसरे दिन भी धरना दिया और सरकार के विरोध में प्रदर्शन किया। थानेसर मार्केट कमेटी के समक्ष दोपहर के समय आढ़ती एकत्रित हुए, जहां उन्होंने रोष जताया तो वहीं अधिकारियों को भी सरकार द्वारा जारी किए गए आदेश वापस लिए जाने की मांग की। लाडवा में धरने को संबोधित करते हुए अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन लाडवा के प्रधान बिमलेश गर्ग ने कहा कि जब तक सरकार अपना फैसला वापस नहीं लेती उनका धरना प्रदर्शन जारी रहेगा। हरियाणा अनाजमंडी आढ़ती एसोसिएशन के प्रदेशाध्यक्ष अशोक गुप्ता ने कहा कि हरियाणा सरकार आढ़तियों को उजाड़ने का काम कर रही हैं। उन्होंने कहा कि सरकार के सीधे किसानों के खाते में भुगतान के फैसले से न तो किसान ही खुश है और नही आढ़ती खुश हैं। उन्होंने सरकार से मांग करते हुए कहा कि वह अपना नोटिफिकेशन तुरंत वापस लें। वहीं हलका विधायक पवन सैनी धरने पर पहुंचे और आढ़तियों की समस्याओं को सुना। उन्होंने कहा कि यह केंद्र सरकार की योजना है कि किसानों को उनकी फसलों की कीमत ऑनलाइन उनके बैंक खातों में जाए, परंतु वह आढ़तियों की मर्जी के खिलाफ कोई काम नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि वह मुख्यमंत्री के समक्ष उनकी समस्या रखकर समाधान करवाने का प्रयास करेंगे।