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Kurukshetra News: 36वीं अखिल भारतीय फुटबॉल प्रतियोगिता शुरू
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कुरुक्षेत्र। श्रीमद्भागवदगीता वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में अखिल भारतीय फुटबॉल खेलों के उदघाटन
कुरुक्षेत्र। श्रीमद्भगवद गीता वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में 36वीं अखिल भारतीय फुटबॉल प्रतियोगिता बुधवार को शुरू हुई। इनमें हुए अंडर 19 महिला वर्ग के पहले ही मैच में पश्चिमी उत्तर प्रदेश ने पूर्वी उत्तर प्रदेश को 23-20 से हराया। वहीं पुरुष वर्ग में 19 आयु वर्ग में राजस्थान ने जीत दर्ज की। खेलों का उद्घाटन एनआईटी के निदेशक डॉ. बीवी रमना रेड्डी ने बतौर मुख्यातिथि किया जबकि मुख्य वक्ता विद्या भारती उत्तर क्षेत्र के संरक्षक सुरेंद्र अत्री रहे जबकि हरियाणा ओलंपिक एसोसिएशन के अध्यक्ष कैप्टन मीनू बेनीवाल की अध्यक्षता में यह आयोजन हुआ। विद्यालय के पूर्व छात्र श्याम लाल व अंतरराष्ट्रीय वॉलीबॉल खिलाड़ी राज सिंह बतान विशिष्ट अतिथि रहे।
मुख्य वक्ता सुरेंद्र अत्रि ने बताया कि विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान शिक्षा के क्षेत्र में इसलिए आया ताकि शिक्षा देश की संस्कृति के अनुकूल हो। विद्या भारती ने 1952 तक प्राथमिक स्कूल प्रारंभ किए। हमारा लक्ष्य शिक्षा के माध्यम से समाज परिवर्तन करना और शिक्षा के साथ-साथ शारीरिक शिक्षा पर भी जोर देना है। 2006 में हमें एसजीएफआई की ओर से अस्थायी मान्यता दी गई व 2007-2008 में हमें स्थायी मान्यता दी गई। एसजीएफआई की ओर से एक पुरस्कार निर्धारित किया गया जिसे सर्वप्रथम 2010 में विद्या भारती के छात्रों ने ही प्राप्त किया। विद्या भारती के 4000 खिलाड़ी प्रतिवर्ष एसजीएफआई में खेलने जाते हैं।
विद्या भारती की ओर से देश में 13000 विद्यालय व 12000 नि:शुल्क विद्यालय चलाए जाते हैं। 36वीं फुटबॉल अखिल भारतीय प्रतियोगिताओं में 20 प्रांतों से 608 छात्र-छात्राएं आई हुई हैं। मुख्य अतिथि रमना रेड्डी ने गीता का श्लोक प्रस्तुत करते हुए कहा कि हमें कर्म करते रहना चाहिए और फल की इच्छा नहीं करनी चाहिए। हार-जीत से हतोत्साहित न होते हुए खेल को खेलना चाहिए।
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इस दौरान कार्यक्रम के अध्यक्ष कैप्टन जसविंदर मीनू बेनीवाल व प्राचार्य अनिल मदान ने छात्रों से कहा कि हमें खेलों को ईमानदारी से खेलना चाहिए। जब हमें विदेशों में खेलों में स्वर्ण पदक मिलते हैं तो हमारे देश का राष्ट्रगान गाया जाता है। उन्होंने खिलाड़ियों को 2036 में होने वाले ओलंपिक खेलों में अधिक से अधिक स्वर्ण पदक लाने के लिए प्रेरित किया।
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मुख्य वक्ता सुरेंद्र अत्रि ने बताया कि विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान शिक्षा के क्षेत्र में इसलिए आया ताकि शिक्षा देश की संस्कृति के अनुकूल हो। विद्या भारती ने 1952 तक प्राथमिक स्कूल प्रारंभ किए। हमारा लक्ष्य शिक्षा के माध्यम से समाज परिवर्तन करना और शिक्षा के साथ-साथ शारीरिक शिक्षा पर भी जोर देना है। 2006 में हमें एसजीएफआई की ओर से अस्थायी मान्यता दी गई व 2007-2008 में हमें स्थायी मान्यता दी गई। एसजीएफआई की ओर से एक पुरस्कार निर्धारित किया गया जिसे सर्वप्रथम 2010 में विद्या भारती के छात्रों ने ही प्राप्त किया। विद्या भारती के 4000 खिलाड़ी प्रतिवर्ष एसजीएफआई में खेलने जाते हैं।
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विद्या भारती की ओर से देश में 13000 विद्यालय व 12000 नि:शुल्क विद्यालय चलाए जाते हैं। 36वीं फुटबॉल अखिल भारतीय प्रतियोगिताओं में 20 प्रांतों से 608 छात्र-छात्राएं आई हुई हैं। मुख्य अतिथि रमना रेड्डी ने गीता का श्लोक प्रस्तुत करते हुए कहा कि हमें कर्म करते रहना चाहिए और फल की इच्छा नहीं करनी चाहिए। हार-जीत से हतोत्साहित न होते हुए खेल को खेलना चाहिए।
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इस दौरान कार्यक्रम के अध्यक्ष कैप्टन जसविंदर मीनू बेनीवाल व प्राचार्य अनिल मदान ने छात्रों से कहा कि हमें खेलों को ईमानदारी से खेलना चाहिए। जब हमें विदेशों में खेलों में स्वर्ण पदक मिलते हैं तो हमारे देश का राष्ट्रगान गाया जाता है। उन्होंने खिलाड़ियों को 2036 में होने वाले ओलंपिक खेलों में अधिक से अधिक स्वर्ण पदक लाने के लिए प्रेरित किया।

कुरुक्षेत्र। श्रीमद्भागवदगीता वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में अखिल भारतीय फुटबॉल खेलों के उदघाटन