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आखिरकार 3581 अतिथि अध्यापकों को दिखा दिया घर का रास्ता

Fri, 01 Apr 2016 12:54 AM IST
अमर उजाला/ब्यूरो/कुरुक्षेत्र
अमर उजाला/ब्यूरो/कुरुक्षेत्र Updated Fri, 01 Apr 2016 12:54 AM IST
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आखिरकार वही हुआ, जिसका डर था। प्रदेशभर के 3581 अतिथि अध्यापकों को विभाग ने घर का रास्ता दिखा दिया। उन्हें वीरवार को दोपहर बाद तय तिथि अनुसार रिलीव कर दिया गया, जिसके साथ ही इन अध्यापकों से लेकर उनके परिजनों व रिश्तेदारों में भी मायूसी छा गई। प्रदेशभर के सरकारी स्कूलों में लगे अतिथि अध्यापकों में 31 मार्च को हटाए जाने की तय तिथि को लेकर हड़बड़ाहट मची हुई थी। हालांकि उन्हें सरकार की ओर से कुछ रास्ता निकाले जाने की उम्मीद थी और लगातार सरकार से बातचीत भी अध्यापकों की चली हुई थी, लेकिन इसी बीच हटाए जाने की आंशका भी बनी रही। निर्धारित समय के अनुसार वीरवार को सुबह तक भी जब सरकार की ओर से कोई साकारात्मक जवाब नहीं आया तो इन अध्यापकों के चेहरे मुरझाने लगे थे और दोपहर के समय जिला शिक्षा अधिकारियों को विभाग के निदेशालय की ओर से उन्हें सेवा से मुक्त किए जाने का संदेश दिया गया। इसके बाद जिला शिक्षा अधिकारियों की ओर से सभी खंड शिक्षा अधिकारियों और स्कूल मुखियाओं को पत्र जारी कर निर्देश दे दिए कि सभी री-ज्वाईन करवाए गए अतिथि अध्यापकों को दोपहर बाद सेवा से मुक्त किया जाए और इस संबंध में कार्रवाई कर रिपोर्ट विभाग को भेजी जाए। यह आदेश स्कूलों में आते ही अध्यापकों की स्कूलों से रवानगी आंरभ हो गई और इसी के साथ ही उनके परिवार में भी मायूसी छा गई। पूर्व की हुड्डा सरकार में वर्ष 2005 से भर्ती होने शुरू हुए यह अध्यापक कई वर्षों से स्कूलों में बच्चों को पढ़ा रहे थे। इसी बीच ही शिक्षा विभाग ने एसएस, मैथ व हिंदी विषयों के 3581 अध्यापकों को सरप्लस घोषित कर दिया था, जिसके चलते ही उन्हें पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के आदेश पर हटा दिया था। कई माह तक घर रहने के बाद वर्तमान प्रदेश सरकार ने इन अध्यापकों को पिछले वर्ष 27 नवंबर को री-ज्वाईन करवा दिया था, जिसके लिए हाईकोर्ट से भी 31 मार्च तक का समय ले लिया गया था। कुरुक्षेत्र जिला में लगभग 200 अध्यापकों ने री-ज्वाईन किया था। जैसे ही प्रदेशभर में इन अध्यापकों को रिज्वाईन करवाया गया था तो उसी समय ही उन्हें शिक्षा विभाग ने यह भी अवगत करवा दिया था कि उन्हें बच्चों को पढ़ाने के लिए 31 मार्च 2016 तक का समय दिया जाएगा। उधर रिलीव हुए कई अतिथि अध्यापकों ने बताया कि उनके आज चुल्हा नहीं जला है और पूरा परिवार सदमे जैसी हालत में है। 
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पिहोवा ब्लॉक के हैं सबसे अधिक अतिथि अध्यापक
री-ज्वाईन के बाद वीरवार को सेवा से मुक्त किए गए मैथ, एसएस व हिंदी विषयों के इन अध्यापकों में जिला के पिहोवा ब्लॉक में सबसे अधिक लगभग 75 अतिथि अध्यापक है जबकि इसके बाद शाहबाद में 53, लाडवा में 34, थानेसर में 20 व बाबैन में 18 अध्यापक शामिल हैं।     
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सरकार कर सकती थी पक्के : राजेश शर्मा
हरियाणा अतिथि अध्यापक संघ के प्रदेश प्रवक्ता राजेश शर्मा का कहना है कि आज प्रदेश सरकार ने 3581 अतिथि अध्यापकों के घर चुल्हा बुझा दिया है। अध्यापकों को आज अंतिम दिन तक भी सरकार से उम्मीद थी, लेकिन अध्यापकों को घर का रास्ता दिखा दिया गया। उन्होंने बताया कि अगर सरकार चाहती तो पूर्व की सरकार द्वारा बनाई गई 10 वर्षीय पॉलिसी के अनुसार सभी अतिथि अध्यापकों को पक्का कर सकती थी, लेकिन वर्तमान सरकार भी केवल राजनीतिक ब्यानबाजी तक ही सिमित रही। उन्होंने कहा कि यूपी में लगभग पौने दो लाख शिक्षा मित्रों को स्थाई किया गया है तो वहीं हिमाचल प्रदेश सरकार ने भी 5 वर्ष की सेवा के आधार पर शिक्षकों को नियमित किया है। जबकि दिल्ली की केजरीवाल सरकार भी अस्थाई अध्यापकों को नियमित किए जाने का निर्णय ले चुकी है। 
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सभी री-ज्वाईन अतिथि अध्यापकों की सेवाएं समाप्त : डीईओ
जिला शिक्षा अधिकारी सुमन आर्य का कहना है कि री-ज्वाईन करने वाले सभी अतिथि अध्यापकों की सेवाएं दोपहर बाद समाप्त कर दी गई। इसके लिए सभी अधिकारियों को पत्र भेज दिया गया था, जिसके बाद कार्रवाई कर संबंधित अधिकारियों ने उन्हें रिपोर्ट भी भेज दी है। इन अध्यापकों को ज्वाईन करवाए जाने के समय ही 31 मार्च तक रखे जाने के निर्देश थे। इन निर्देशों से सभी अध्यापकों को अवगत करवा दिया था।
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