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केयू प्रशासन के खिलाफ कुंटिया ने खोला मोर्चा

Fri, 07 Sep 2018 01:09 AM IST
Updated Fri, 07 Sep 2018 01:09 AM IST
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केयू प्रशासन के खिलाफ कुंटिया ने खोला मोर्चा
अमर उजाला ब्यूरो
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कुरुक्षेत्र। केयू प्रशासन द्वारा 1350 कर्मचारियों का वेतन में कटौती करने एवं कुुंटिया पदाधिकारियों सहित 17 कर्मचारियों के खिलाफ कोर्ट केस दायर होने के बाद कुंटिया ने भी कोर्ट का दरवाजा खटखटाने का ऐलान कर दिया है। कुंटिया महासचिव नीलकंठ शर्मा ने कहा कि प्रति माह कर्मचारियों के वेतन में से जो पीएफ और एनपीएस की राशि कटती है, उसे प्रशासन 7 तारीख तक पीएफ खाते में डालता है, लेकिन पिछले 6 महीनों में कर्मचारियों के पीएफ और एनपीएस की राशि पीएफ खाते में न डालकर उसका दुरुपयोग किया जा रहा है। कुंटिया अब इसके लिए सभी जरूरी दस्तावेज इकट्ठा कर रही है। जल्द ही कुंटिया केयू अधिकारियों के खिलाफ केस दर्ज कराएगी। वहीं वीरवार को कुंटिया प्रधान रामकुमार गुर्जर, महासचिव नीलकंठ सहित 17 कर्मचारी नेताओं को सिविल कोर्ट में पेश होना था, जिसे उन्होंने अपील दायर करके शुक्रवार 7 सितंबर को पेश होने की अनुमति ले ली है। अब दोनों पक्षों के बीच शुक्रवार को सिविल कोर्ट में बहस का दौर चलने की पूरी-पूरी संभावना है। हड़ताल का नेतृत्व कर रहे कुंटिया प्रधान रामकुमार गुर्जर ने कहा कि कुलपति ने कुंटिया के अस्तित्व को मानने से इंकार कर दिया है। इसलिए उन्होंने जो केस किया उसमें कुंटिया के नेताओं को स्वयंभू की संज्ञा दी गई। उन्होंने कहा कि कुलपति के कार्यकाल में कुंटिया के दो चुनाव हो चुके हैं। यूनिवर्सिटी कर्मचारियों से संबंधित अधिकतम कमेटियों में कुंटिया के प्रधान एवं महासचिव सदस्य होते हैं, जिसके नोटिफिकेशन यूनिवर्सिटी प्रशासन द्वारा निकाले जाते हैं। इस मौके पर पूर्व प्रधान सुनील कक्कड़ एवं प्रेस सचिव मनीष बालदा ने कहा कि यूनिवर्सिटी प्रशासन जब तक कर्मचारियों का बकाया एरियर, सहायक कुलसचिव के प्रमोशन वरिष्ठता के आधार पर और चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों की प्रमोशन नहीं करता तब तक हड़ताल जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि अब केयू प्रशासन को देखना है कि वह इस हड़ताल को कब तक चलाना चाहते हैं। कुंटिया का अपना रूख बिल्कुल साफ है। प्रशासन चाहे जितनी दमनकारी नीतियां अपना ले, लेकिन कुंटिया इस बार आर-पार की लड़ाई लड़ रही है। इस मौके पर पूर्व प्रधान डॉ. बाबूराम गुप्ता एवं मान सिंह, पूर्व महासाचिव भारत भूषण, दीपक शर्मा, अनिल लोहाट, मनीष बालदा, गुरमेल संधु, नरेंद्र वर्मा, सतीश शर्मा, दलबीर मान, संत कुमार, संदीप जढौला, रामफल, भूषण चैहान, विष्णु नाथ, कृष्ण पाण्डे व राजक सहित सैंकड़ों कर्मचारी मौजूद रहे।
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