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योग दिवस पर टी शर्ट और रिफ्रेशमेंट डकारासन
Updated Thu, 22 Jun 2017 02:51 AM IST
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राजेश शांडिल्य
कुरुक्षेत्र।
अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर प्रशासन, आयुष विभाग, शिक्षा विभाग और खेल विभाग के सहयोग से आयोजित किए गए अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर अलोम विलोम के साथ चर्चा डरारासन और खींचतान की भी रही। योग दिवस में शामिल होने के लिए आए अनेक कई बच्चों की टीशर्ट और रिफ्रेशमेंट कौन डकार गया ? कई बच्चे और शिक्षक जहां इस भेदभाव से गुस्से में दिखे, वहीं इस मामले की जांच की मांग भी उठी। वहीं पता ये भी चला है कि इन हालात के पीछे बड़ा कारण शिक्षा विभाग और आयुष विभाग में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की रिहर्सल के समय से शुरू खींचतान है, जो योग, सेमिनार और कार्यशाला के समापन तक बरकरार रही। इस खींचतान में उक्त दोनों विभागों के अलावा खेल विभाग भी शामिल बताया गया है। योग दिवस के आयोजन में संयुक्त भूमिका के बावजूद अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर लघु सचिवालय के कांफ्रेंस हाल में आयोजित सेमीनार एवं कार्यशाला में इसकी साफ झलक देखने को मिली। इस सेमिनार-कार्यशाला में प्रशासन की ओर से एडीसी धर्मवीर अन्य अधिकारी तथा आयुष विभाग की ओर से डॉ.सुदेश जटियान, पतंजली के प्रतिनिधि और कुछेक चिकित्सकों के अलावा सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि तो मौजूद रहे, मगर खेल विभाग और शिक्षा विभाग ने इस सेमीनार से एकदम दूरी अपनाए रखी। हालांकि सेमीनार में इनकी भागीदारी के लिए बाकायदा घोषणा भी कराई गई थी। हैरत की बात ये रही कि साढ़े 10 बजे से 12:45 बजे तक योग सेमिनार एवं कार्यशाला में मौजूद अधिकारी इस इंतजार में रहे कि शायद शिक्षा विभाग और खेल विभाग भी इस सेमिनार में प्रतिनिधित्व करेगा, मगर यहां इनकी भूमिका गौण रही।
जिला आयुष विभाग अधिकारी डॉ. सुदेश जटियान के मुताबिक बच्चों को टीशर्ट नहीं मिली यह मामला उनके संज्ञान में नहीं आया है। उन्होंने एक दिन पहले ही टीशर्ट और रिफ्रेशमेंट के डिब्बे शिक्षा विभाग और खेल विभाग को वितरण कर दिये थे। उन्होंने बताया कि 1772 टीशर्ट शिक्षा विभाग को दी गई हैं। इनमें यह टीशर्ट संबंधित स्कूल के पीटीआई लेकर गए हैं, जिसकी रिसीविंग डायरी में है।
ये भी बताया जा रहा खींचतान का बड़ा कारण
एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त बताया कि शिक्षा विभाग चाहता था कि सभी टीशर्ट और रिफ्रेशमेंट उन्हें मंगलवार रात को ही हैंडओवर कर दी जाए, ताकि वे अगले दिन ठीक से उनका वितरण कर सके, लेकिन आयुष विभाग इस पर राजी नहीं हुआ और उन्होंने संबंधित स्कूलों की लिस्ट के अनुसार शिक्षकों को बुलाकर इसका वितरण किया। हालांकि खींचतान का एक कारण यह भी बताया गया है कि 19 जून को योग रिहर्सल के दौरान शिक्षा विभाग ने 900 बच्चों को भेजा जाना था, लेकिन रिहर्सल में सिर्फ 109 बच्चे ही हाजिरी हुए थे, यह मामला उच्चाधिकारियों तक पहुंचा था।
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सेमिनार और कार्यशाला की मेल करीब छह बजे मिली: डीईओ
जिला शिक्षा अधिकारी सुमन आर्य ने माना कि बच्चे कुछ ज्यादा आए थे, इसकी वजह से उन्हें टीशर्ट और रिफ्रेशमेंट नहीं मिला। वहीं उन्होंने 19 जून की रिहर्सल में 109 बच्चों की हाजिरी को खारिज करते हुए कहा कि वहां करीब 500 बच्चे गए थे। उन्होंने बताया कि जिला लघु सचिवालय के कांफ्रेंस हाल में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर आयोजित सेमीनार और कार्यशाला की मेल शाम 5 बजकर 56 पर भेजी गई थी, जिसका उन्हें सुबह पता चला।
न किया विश्वास न धन्यवाद
सर्व शिक्षा अभियान के जिला परियोजना संयोजक अरुण आश्री के मुताबिक आयुष विभाग के अधिकारियों में रिफ्रेशमेंट के वितरण में शिक्षा विभाग के प्रति अविश्वास की भावना दिखी। उन्होंने बताया कि सभी स्कूलों कोे शिक्षकों को एक दिन पहले ही बच्चों के लिए टीशर्ट मुहैया करा दी थी। उन्हें लगता है कि इनमें से वे बच्चे नहीं आए, जिन्हें टीशर्ट दी गई थी, जबकि वे बच्चे योग में शामिल हुए, जिन्हें टीशर्ट नहीं मिली। उन्होंने बताया कि 15 से 20 प्रतिशत ज्यादा थी और टीशर्ट ना मिलने में एक बड़ा कारण यह भी रहा। उन्होंने बताया कि शिक्षा विभाग पिछले 10 दिन से योग दिवस के लिए जुटा था, ताकि अधिक से अधिक बच्चे इस कार्यक्रम में शामिल हों, लेकिन आयोजन के समापन के दौरान मंच से जहां अन्य विभागों और संगठनों का धनशिक्षा विभाग और जिला शिक्षा अधिकारी का एक बार धन्यवाद तक नहीं किया।
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कुरुक्षेत्र।
अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर प्रशासन, आयुष विभाग, शिक्षा विभाग और खेल विभाग के सहयोग से आयोजित किए गए अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर अलोम विलोम के साथ चर्चा डरारासन और खींचतान की भी रही। योग दिवस में शामिल होने के लिए आए अनेक कई बच्चों की टीशर्ट और रिफ्रेशमेंट कौन डकार गया ? कई बच्चे और शिक्षक जहां इस भेदभाव से गुस्से में दिखे, वहीं इस मामले की जांच की मांग भी उठी। वहीं पता ये भी चला है कि इन हालात के पीछे बड़ा कारण शिक्षा विभाग और आयुष विभाग में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की रिहर्सल के समय से शुरू खींचतान है, जो योग, सेमिनार और कार्यशाला के समापन तक बरकरार रही। इस खींचतान में उक्त दोनों विभागों के अलावा खेल विभाग भी शामिल बताया गया है। योग दिवस के आयोजन में संयुक्त भूमिका के बावजूद अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर लघु सचिवालय के कांफ्रेंस हाल में आयोजित सेमीनार एवं कार्यशाला में इसकी साफ झलक देखने को मिली। इस सेमिनार-कार्यशाला में प्रशासन की ओर से एडीसी धर्मवीर अन्य अधिकारी तथा आयुष विभाग की ओर से डॉ.सुदेश जटियान, पतंजली के प्रतिनिधि और कुछेक चिकित्सकों के अलावा सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि तो मौजूद रहे, मगर खेल विभाग और शिक्षा विभाग ने इस सेमीनार से एकदम दूरी अपनाए रखी। हालांकि सेमीनार में इनकी भागीदारी के लिए बाकायदा घोषणा भी कराई गई थी। हैरत की बात ये रही कि साढ़े 10 बजे से 12:45 बजे तक योग सेमिनार एवं कार्यशाला में मौजूद अधिकारी इस इंतजार में रहे कि शायद शिक्षा विभाग और खेल विभाग भी इस सेमिनार में प्रतिनिधित्व करेगा, मगर यहां इनकी भूमिका गौण रही।
जिला आयुष विभाग अधिकारी डॉ. सुदेश जटियान के मुताबिक बच्चों को टीशर्ट नहीं मिली यह मामला उनके संज्ञान में नहीं आया है। उन्होंने एक दिन पहले ही टीशर्ट और रिफ्रेशमेंट के डिब्बे शिक्षा विभाग और खेल विभाग को वितरण कर दिये थे। उन्होंने बताया कि 1772 टीशर्ट शिक्षा विभाग को दी गई हैं। इनमें यह टीशर्ट संबंधित स्कूल के पीटीआई लेकर गए हैं, जिसकी रिसीविंग डायरी में है।
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ये भी बताया जा रहा खींचतान का बड़ा कारण
एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त बताया कि शिक्षा विभाग चाहता था कि सभी टीशर्ट और रिफ्रेशमेंट उन्हें मंगलवार रात को ही हैंडओवर कर दी जाए, ताकि वे अगले दिन ठीक से उनका वितरण कर सके, लेकिन आयुष विभाग इस पर राजी नहीं हुआ और उन्होंने संबंधित स्कूलों की लिस्ट के अनुसार शिक्षकों को बुलाकर इसका वितरण किया। हालांकि खींचतान का एक कारण यह भी बताया गया है कि 19 जून को योग रिहर्सल के दौरान शिक्षा विभाग ने 900 बच्चों को भेजा जाना था, लेकिन रिहर्सल में सिर्फ 109 बच्चे ही हाजिरी हुए थे, यह मामला उच्चाधिकारियों तक पहुंचा था।
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जिला शिक्षा अधिकारी सुमन आर्य ने माना कि बच्चे कुछ ज्यादा आए थे, इसकी वजह से उन्हें टीशर्ट और रिफ्रेशमेंट नहीं मिला। वहीं उन्होंने 19 जून की रिहर्सल में 109 बच्चों की हाजिरी को खारिज करते हुए कहा कि वहां करीब 500 बच्चे गए थे। उन्होंने बताया कि जिला लघु सचिवालय के कांफ्रेंस हाल में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर आयोजित सेमीनार और कार्यशाला की मेल शाम 5 बजकर 56 पर भेजी गई थी, जिसका उन्हें सुबह पता चला।
न किया विश्वास न धन्यवाद
सर्व शिक्षा अभियान के जिला परियोजना संयोजक अरुण आश्री के मुताबिक आयुष विभाग के अधिकारियों में रिफ्रेशमेंट के वितरण में शिक्षा विभाग के प्रति अविश्वास की भावना दिखी। उन्होंने बताया कि सभी स्कूलों कोे शिक्षकों को एक दिन पहले ही बच्चों के लिए टीशर्ट मुहैया करा दी थी। उन्हें लगता है कि इनमें से वे बच्चे नहीं आए, जिन्हें टीशर्ट दी गई थी, जबकि वे बच्चे योग में शामिल हुए, जिन्हें टीशर्ट नहीं मिली। उन्होंने बताया कि 15 से 20 प्रतिशत ज्यादा थी और टीशर्ट ना मिलने में एक बड़ा कारण यह भी रहा। उन्होंने बताया कि शिक्षा विभाग पिछले 10 दिन से योग दिवस के लिए जुटा था, ताकि अधिक से अधिक बच्चे इस कार्यक्रम में शामिल हों, लेकिन आयोजन के समापन के दौरान मंच से जहां अन्य विभागों और संगठनों का धनशिक्षा विभाग और जिला शिक्षा अधिकारी का एक बार धन्यवाद तक नहीं किया।