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एनएचएम कर्मियों ने 10वें भीख मांगकर सरकार के खिलाफ जताया रोष
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एनएचएम कर्मियों ने भीख मांगकर जताया रोष
अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र। लंबित पड़ी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे एनएचएम कर्मियों ने वीरवार को भी दसवें दिन हड़ताल जारी रखी। हड़ताली कर्मियों ने सड़कों पर भीख मांग सरकार के खिलाफ रोष जताया। सुबह ही बारिश के बावजूद कर्मचारी अस्पताल परिसर में डटे रहे और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। एनएचएम के समर्थन में स्टाफ नर्स कर्मचारी संघ ने भी समर्थन दे दिया। जबकि अब तक कई संस्थाएं उनके समर्थन में उतर चुकी हैं। दूसरी ओर इस हड़ताल से सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह से बेहाल हो चुकी है। मरीजों को दर-दर भटकने को मजबूर होना पड़ रहा है। स्टाफ नर्स कर्मचारी संघ की जिला अध्यक्ष गुरजिंद्र कौर ने कहा कि एनएचएम कर्मचारियों की न्यायोचित मांगों को सरकार द्वारा जल्दी से जल्दी माना जाना चाहिए। एनएचएम कर्मचारियों पर भी स्वास्थ्य सेवाएं देने का दारोम्दार रहता है। इसलिए सरकार को चाहिए कि उनकी मांगे मानी जाए। वहीं एनएचएम कर्मी संगठन की राज्य पदाधिकारी कुलविंदर कौर ने कहा कि जब तक उनकी मांगे नहीं मानी जाएंगी तब तक वे हड़ताल पर रहेंगे। सरकार उनकी अनदेखी कर रही है, जिसे कर्मचारी कभी भी बर्दाश्त नहीं करेंगे। वहीं दूसरी ओर एंबुलेंस चालकों के हड़ताल पर जाने की वजह से निजी एंबुलेंस चालकों की चांदी हो गई है मगर मरीजों को एंबुलेंस लेने के लिए अपनी जेब ढीली करनी पड़ रही है। मरीजों को पीजीआइ और दूसरे संस्थान तक जाने के लिए निजी एंबुलेंस लेनी पड़ रही है।
अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र। लंबित पड़ी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे एनएचएम कर्मियों ने वीरवार को भी दसवें दिन हड़ताल जारी रखी। हड़ताली कर्मियों ने सड़कों पर भीख मांग सरकार के खिलाफ रोष जताया। सुबह ही बारिश के बावजूद कर्मचारी अस्पताल परिसर में डटे रहे और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। एनएचएम के समर्थन में स्टाफ नर्स कर्मचारी संघ ने भी समर्थन दे दिया। जबकि अब तक कई संस्थाएं उनके समर्थन में उतर चुकी हैं। दूसरी ओर इस हड़ताल से सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह से बेहाल हो चुकी है। मरीजों को दर-दर भटकने को मजबूर होना पड़ रहा है। स्टाफ नर्स कर्मचारी संघ की जिला अध्यक्ष गुरजिंद्र कौर ने कहा कि एनएचएम कर्मचारियों की न्यायोचित मांगों को सरकार द्वारा जल्दी से जल्दी माना जाना चाहिए। एनएचएम कर्मचारियों पर भी स्वास्थ्य सेवाएं देने का दारोम्दार रहता है। इसलिए सरकार को चाहिए कि उनकी मांगे मानी जाए। वहीं एनएचएम कर्मी संगठन की राज्य पदाधिकारी कुलविंदर कौर ने कहा कि जब तक उनकी मांगे नहीं मानी जाएंगी तब तक वे हड़ताल पर रहेंगे। सरकार उनकी अनदेखी कर रही है, जिसे कर्मचारी कभी भी बर्दाश्त नहीं करेंगे। वहीं दूसरी ओर एंबुलेंस चालकों के हड़ताल पर जाने की वजह से निजी एंबुलेंस चालकों की चांदी हो गई है मगर मरीजों को एंबुलेंस लेने के लिए अपनी जेब ढीली करनी पड़ रही है। मरीजों को पीजीआइ और दूसरे संस्थान तक जाने के लिए निजी एंबुलेंस लेनी पड़ रही है।