{"_id":"5aeca2f34f1c1b05418b8191","slug":"21525457651-kurukshetra-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"थाने में जांचधिकारी पर जानलेवा हमला करने वाला दोषी करार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
थाने में जांचधिकारी पर जानलेवा हमला करने वाला दोषी करार
Updated Fri, 04 May 2018 11:44 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कुरुक्षेत्र।
पिहोवा सरस्वती पुलिस चौकी में जांच अधिकारी पर सुए से जानलेवा हमला करने वाले आरोपी को कोर्ट ने दोषी करार दिया है। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश राकेश सिंह ने दोषी तरुण वालिया को दो साल कैद और 32 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। इस बारे में जानकारी देते हुए उप न्यायवादी मेनपाल ने बताया कि 13 जुलाई 2016 को सरस्वती चौकी में तैनात सहायक उप निरीक्षक धर्मपाल के साथ मारपीट के एक मुकदमे की तफ्तीश अपनी चौकी में ही बैठकर कर रहे थे। जब एएसआई ने इस मामले के आरोपी प्रदीप गुर्जर व तरुण वालिया को गिरफ्तार किया और इनके हस्ताक्षर करवाने लगा तो आरोपी ने मेज पर रखे सुआ से एएसआई धर्मपाल पर हमला कर दिया था। यह सुआ दाहिनी आंख के पास लगा। इसके बाद दूसरा वार उसने एएसआई के सिर के पीछे किया तथा कई वार कंधे पर किये थे। इसके बाद हमलावर ने भागने का प्रयास किया, लेकिन शोर सुनकर अन्य पुलिस कर्मचारियों ने आरोपी को पकड़ लिया। पुलिस ने आरोपी तरुण वालिया के खिलाफ पुलिस कर्मचारी पर जानलेवा हमला करने, सरकारी ड्यूटी में बाधा डालने सहित कई धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उसे हिरासत में ले लिया । यह मामला अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश राकेश सिंह की अदालत में विचाराधीन था। अदालत ने आरोपी तरुण वालिया को मामले का दोषी मानते हुऐ उसे धारा 186 आई पी सी में 2 महीने की सजा व 200 रुपये जुर्माना , धारा 224 के तहत 1 साल की सजा व 1 हजार रुपये जुर्माना , धारा 332 में 2 साल की कैद व 1 हजार रुपये जुर्माना, धारा 353 में 1 साल की सजा व 1 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। जुर्माना ना भरने की सूरत में 1 महीने की अतिरिक्त सजा काटनी होगी। सभी सजाएं एक साथ चलेंगी।
विज्ञापन
पिहोवा सरस्वती पुलिस चौकी में जांच अधिकारी पर सुए से जानलेवा हमला करने वाले आरोपी को कोर्ट ने दोषी करार दिया है। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश राकेश सिंह ने दोषी तरुण वालिया को दो साल कैद और 32 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। इस बारे में जानकारी देते हुए उप न्यायवादी मेनपाल ने बताया कि 13 जुलाई 2016 को सरस्वती चौकी में तैनात सहायक उप निरीक्षक धर्मपाल के साथ मारपीट के एक मुकदमे की तफ्तीश अपनी चौकी में ही बैठकर कर रहे थे। जब एएसआई ने इस मामले के आरोपी प्रदीप गुर्जर व तरुण वालिया को गिरफ्तार किया और इनके हस्ताक्षर करवाने लगा तो आरोपी ने मेज पर रखे सुआ से एएसआई धर्मपाल पर हमला कर दिया था। यह सुआ दाहिनी आंख के पास लगा। इसके बाद दूसरा वार उसने एएसआई के सिर के पीछे किया तथा कई वार कंधे पर किये थे। इसके बाद हमलावर ने भागने का प्रयास किया, लेकिन शोर सुनकर अन्य पुलिस कर्मचारियों ने आरोपी को पकड़ लिया। पुलिस ने आरोपी तरुण वालिया के खिलाफ पुलिस कर्मचारी पर जानलेवा हमला करने, सरकारी ड्यूटी में बाधा डालने सहित कई धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उसे हिरासत में ले लिया । यह मामला अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश राकेश सिंह की अदालत में विचाराधीन था। अदालत ने आरोपी तरुण वालिया को मामले का दोषी मानते हुऐ उसे धारा 186 आई पी सी में 2 महीने की सजा व 200 रुपये जुर्माना , धारा 224 के तहत 1 साल की सजा व 1 हजार रुपये जुर्माना , धारा 332 में 2 साल की कैद व 1 हजार रुपये जुर्माना, धारा 353 में 1 साल की सजा व 1 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। जुर्माना ना भरने की सूरत में 1 महीने की अतिरिक्त सजा काटनी होगी। सभी सजाएं एक साथ चलेंगी।