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प्लेट फार्म बनकर तैयार, छह माह बीत जाने के बाद भी नहीं है गाड़ियों का ठहराव
Updated Sun, 03 Jun 2018 12:06 AM IST
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नरेंद्र शर्मा
कुरुक्षेत्र।
छह माह पहले दो नए प्लेटफार्म बनकर तैयार हो चुके हैं, लेकिन कुरुक्षेत्र रेलवे जंक्शन से आवागमन करने वाली तमाम ट्रेनों का ठहराव तीन प्लेटफार्मों पर हो रहा है। इस दौरान सबसे ज्यादा परेशानी रेल यात्रियों को तब होती है, जब मुख्य ट्रेनों के आवागमन के दौरान भारी भीड़भाड़ के दौरान ट्रेनों में चढ़ना-उतरना होता है। इन हालात में चोरीचकारी के अलावा भागमभाग की स्थिति में दुर्घटना होने का अंदेशा बना रहता है। यह स्थिति विशेषकर बुजुर्गों, दिव्यांगों, बच्चों और महिलाओं के लिये घातक साबित हो सकती है।
इन दिनों छुट्टियों की वजह से स्टेशन पर आम दिनों से ज्यादा भीड़ है। इन हालात से धर्मनगरी में मु्ख्य अवसरों पर अधिक संख्या में आने वाले श्रद्धालु भी दोचार होते हैं। अब यात्री यह सवाल उठा रहे हैं कि छह महीने पहले बनकर तैयार हुए प्लेटफार्म को अब तक उपयोग में लाना क्यों आरंभ नहीं किया। यात्रियों में गुस्सा है कि जनता के गाढे़ खून पसीने की कमाई में से की जाने वाली टेक्स की वसूली से सरकार ऐसे कार्य कराती है, लेकिन निर्माण के बाद किसी बड़े नेता के हाथों ऐसी जगहों का उद्घाटन कराने की लालसा में तैयार की गई सुविधाओं से महीनों-महीनों तक वंचित रखा जाता है। इधर यात्रियों का यह भी कहना है कि यदि यह प्लेटफार्म यात्रियों की सुविधा के लिये अभी सेवाओं में नहीं दिया जा सकता तो इसकी जगह उन ट्रेनों को खड़ा किया ही जा सकता है,जोकि एक या उससे भी अधिक घंटों तक प्लेटफार्म नंबर-1, 2 और तीन पर खड़ी रहती हैं। बता दें कि कुरुक्षेत्र रेलवे जंक्शन से प्रतिदिन 3000 से अधिक रेल यात्री टिकट लेकर यात्रा करते हैं।
घंटों खड़ी रहती हैं यह ट्रेनें
पलवल-दिल्ली सवार 64461 व 64483 रेल का 22 बजकर 25 मिनट से 22 बजकर 55 मिनट तक रेलवे स्टेशन पर ठहराव होता है। 74074 ऊना एक्सप्रेस का साढ़े 11 बजे से लेकर साढ़े 12 बजे तक ठहराव होता है। 11902 मथुुरा एक्सप्रेस का 12 बजकर 40 मिनट से लेकर 2 बजकर 55 मिनट तक ठहराव होता है। 19718 जयपुर-चंडीगढ एक्सप्रेस का 2 बजकर 30 मिनट से लेकर 3 बजे तक ठहराव होता है। वहीं यात्रियों का कहना है कि कुरुक्षेत्र से जींद जाने वाली 54042, 54047 व 54048 ये ट्रेनें काफी समय तक रेलवे ट्रैक पर ही खड़ी रहती है। अंबाला पैसेंजर सुबह पांच बजे से लेकर 5 बजकर 50 मिनट तक खड़ी रहती है।
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रेल गाड़ियों का ठहराव नवंबर तक हो जाएगा शुरू : एसएन गुप्ता
स्टेशन अधीक्षक एसएन गुप्ता ने कहा कि प्लेट फार्म नंबर चार व पांच पर पैनल का काम चला हुआ है, जो नवंबर तक पूरा होगा। पैनलों का काम पूरा होने के बाद ही प्लेट फार्मों पर रेल गाड़ियों का ठहराव होना शुरू हो जाएगा। बताया ये भी जा रहा है कि जानबूझ कर कुछ व्यवस्थाओं को जुटाने में ढील बरती जा रही है, ताकि गीता जयंती-2018 के दौरान पहुंचने वाले किसी बड़े राजनेता के हाथों इन सुविधाओं को हरी झंडी दी जा सके।
सुबह और शाम के समय होती है भीड़ : दीपक
यात्री दीपक ने बताया कि सभी ट्रेनें एक, दो व तीन नंबर प्लेट फार्म पर रुकने के कारण रोजाना सुबह व शाम को रेलवे जंक्शन पर काफी भीड़ हो जाती है। जिसकी वजह से यात्रियों को बहुत सारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। कई बार यात्री चोटिल भी हो चुके है।
यात्रियों को होती है परेशानी : अंकित
अंकित का कहना है कि कई ट्रेनें ऐसी है जो घंटों तक प्लेट फार्मों को घेरे रहती है। इसकी वजह से यात्रियों को काफी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। रेलवे मंत्रालय को चाहिए कि जल्दी ही दूसरे प्लेट फार्मों को भी सुचारु रूप से चलाए। ताकि यात्रियों को किसी प्रकार की परेशानियों का सामना न करना पड़े।
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कुरुक्षेत्र।
छह माह पहले दो नए प्लेटफार्म बनकर तैयार हो चुके हैं, लेकिन कुरुक्षेत्र रेलवे जंक्शन से आवागमन करने वाली तमाम ट्रेनों का ठहराव तीन प्लेटफार्मों पर हो रहा है। इस दौरान सबसे ज्यादा परेशानी रेल यात्रियों को तब होती है, जब मुख्य ट्रेनों के आवागमन के दौरान भारी भीड़भाड़ के दौरान ट्रेनों में चढ़ना-उतरना होता है। इन हालात में चोरीचकारी के अलावा भागमभाग की स्थिति में दुर्घटना होने का अंदेशा बना रहता है। यह स्थिति विशेषकर बुजुर्गों, दिव्यांगों, बच्चों और महिलाओं के लिये घातक साबित हो सकती है।
इन दिनों छुट्टियों की वजह से स्टेशन पर आम दिनों से ज्यादा भीड़ है। इन हालात से धर्मनगरी में मु्ख्य अवसरों पर अधिक संख्या में आने वाले श्रद्धालु भी दोचार होते हैं। अब यात्री यह सवाल उठा रहे हैं कि छह महीने पहले बनकर तैयार हुए प्लेटफार्म को अब तक उपयोग में लाना क्यों आरंभ नहीं किया। यात्रियों में गुस्सा है कि जनता के गाढे़ खून पसीने की कमाई में से की जाने वाली टेक्स की वसूली से सरकार ऐसे कार्य कराती है, लेकिन निर्माण के बाद किसी बड़े नेता के हाथों ऐसी जगहों का उद्घाटन कराने की लालसा में तैयार की गई सुविधाओं से महीनों-महीनों तक वंचित रखा जाता है। इधर यात्रियों का यह भी कहना है कि यदि यह प्लेटफार्म यात्रियों की सुविधा के लिये अभी सेवाओं में नहीं दिया जा सकता तो इसकी जगह उन ट्रेनों को खड़ा किया ही जा सकता है,जोकि एक या उससे भी अधिक घंटों तक प्लेटफार्म नंबर-1, 2 और तीन पर खड़ी रहती हैं। बता दें कि कुरुक्षेत्र रेलवे जंक्शन से प्रतिदिन 3000 से अधिक रेल यात्री टिकट लेकर यात्रा करते हैं।
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घंटों खड़ी रहती हैं यह ट्रेनें
पलवल-दिल्ली सवार 64461 व 64483 रेल का 22 बजकर 25 मिनट से 22 बजकर 55 मिनट तक रेलवे स्टेशन पर ठहराव होता है। 74074 ऊना एक्सप्रेस का साढ़े 11 बजे से लेकर साढ़े 12 बजे तक ठहराव होता है। 11902 मथुुरा एक्सप्रेस का 12 बजकर 40 मिनट से लेकर 2 बजकर 55 मिनट तक ठहराव होता है। 19718 जयपुर-चंडीगढ एक्सप्रेस का 2 बजकर 30 मिनट से लेकर 3 बजे तक ठहराव होता है। वहीं यात्रियों का कहना है कि कुरुक्षेत्र से जींद जाने वाली 54042, 54047 व 54048 ये ट्रेनें काफी समय तक रेलवे ट्रैक पर ही खड़ी रहती है। अंबाला पैसेंजर सुबह पांच बजे से लेकर 5 बजकर 50 मिनट तक खड़ी रहती है।
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रेल गाड़ियों का ठहराव नवंबर तक हो जाएगा शुरू : एसएन गुप्ता
स्टेशन अधीक्षक एसएन गुप्ता ने कहा कि प्लेट फार्म नंबर चार व पांच पर पैनल का काम चला हुआ है, जो नवंबर तक पूरा होगा। पैनलों का काम पूरा होने के बाद ही प्लेट फार्मों पर रेल गाड़ियों का ठहराव होना शुरू हो जाएगा। बताया ये भी जा रहा है कि जानबूझ कर कुछ व्यवस्थाओं को जुटाने में ढील बरती जा रही है, ताकि गीता जयंती-2018 के दौरान पहुंचने वाले किसी बड़े राजनेता के हाथों इन सुविधाओं को हरी झंडी दी जा सके।
सुबह और शाम के समय होती है भीड़ : दीपक
यात्री दीपक ने बताया कि सभी ट्रेनें एक, दो व तीन नंबर प्लेट फार्म पर रुकने के कारण रोजाना सुबह व शाम को रेलवे जंक्शन पर काफी भीड़ हो जाती है। जिसकी वजह से यात्रियों को बहुत सारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। कई बार यात्री चोटिल भी हो चुके है।
यात्रियों को होती है परेशानी : अंकित
अंकित का कहना है कि कई ट्रेनें ऐसी है जो घंटों तक प्लेट फार्मों को घेरे रहती है। इसकी वजह से यात्रियों को काफी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। रेलवे मंत्रालय को चाहिए कि जल्दी ही दूसरे प्लेट फार्मों को भी सुचारु रूप से चलाए। ताकि यात्रियों को किसी प्रकार की परेशानियों का सामना न करना पड़े।