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यूपी के किसानों की गेहूं पर रोक व किसानों को सीधे भुगतान पर उखड़े आढ़ती
Updated Sun, 29 Apr 2018 11:44 PM IST
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यूपी के किसानों के गेहूं पर रोक और किसानों को सीधे भुगतान पर उखड़े आढ़ती
अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र/शाहाबाद। जिलाभर के आढ़ती यूपी के किसानों के गेहूं पर रोक लगाने और सरकार द्वारा पैसे का भुगतान सीधे किसानों को करने का विरोध करते हुए रविवार को हड़ताल पर रहे। कुरुक्षेत्र, पिपली, लाडवा, शाहाबाद , पिहोवा के अलावा अन्य मंडियों में खरीद नहीं की गई। सरकार के खिलाफ धरना-प्रदर्शन भी किए तो शाहाबाद में कृषि मंत्री ओपी धनखड़ का पुतला भी फूंका। अनाज मंडी एसोसिएशन के प्रधान स्वर्ण जीत सिंह बिट्टू कालड़ा ने कहा कि आढ़ती सरकार द्वारा किसानों का डायरेक्ट पेमेंट का भी विरोध करते हैं। यूपी के किसानों का गेहूं हर वर्ष बिकने के लिए मंडी में आता है, लेकिन इस बार सरकार ने वहां का गेहूं खरीदने पर रोक लगा दी है। उन्होंने कहा कि यह फैसला किसान और आढ़ती विरोधी है। सरकार इस निर्णय को तत्काल वापस लें। उन्होंने कहा कि अगर सरकार ने निर्णय को वापस नहीं लिया तो हड़ताल के साथ आंदोलन का रास्ता चुनने को मजबूर होंगे। कालड़ा ने कहा कि राज्यमंत्री कर्णदेव कंबोज अनाज मंडी में आए थे तो कहा था कि आढ़ती और किसान का संबंध पारिवारिक है। आढ़ती किसान के लिए एटीएम होता है। किसान जब मर्जी आढ़ती से पैसे ले सकता है, लेकिन कुछ दिनों बाद ही सरकार ने यह निर्णय लेकर आढ़तियों से विश्वासघात किया है। इस अवसर पर त्रिलोचन हांडा, राजकुमार बुद्धिराजा, रवि गाबा, संजय बत्तरा, घनश्याम दास गुप्ता, सुशील गर्ग, रघुबीर बंसल, कर्णबीर सिंह नरवाल, रणबीर सिंह, अनिल कुमार गर्ग, प्रवीन राणा, सुदेश कुमार औजला, दलजीत सिंह चौधरी मौजूद रहे।
एक हजार क्विंटल गेहूं पहुंचा, नहीं हुई खरीद
नई अनाज मंडी में रविवार को एक हजार क्विंटल गेहूं पहुंचा, लेकिन हड़ताल की वजह से खरीद नहीं हो सकी। वहीं खाद्य एवं पूर्ति अधिकारी की ओर से भी किसानों की आईडी जांच के बाद गेहूं खरीद व सीधे भुगतान को लेकर पत्र जारी कर मार्केट कमेटी प्रशासन को भी निर्देश दे दिए गए हैं। मार्केट कमेटी सचिव राहुल मियों का कहना है कि इन निर्देशों से सभी आढ़तियों को अवगत करवा दिया गया है।
सीधे भुगतान से किसानों के शोषण पर लगेगी रोक : भाकियू
शाहाबाद । सरकार द्वारा पैसे का भुगतान सीधे किसानों के खाते में करने का भाकियू ने स्वागत व समर्थन किया है। भाकियू प्रवक्ता राकेश बैंस ने कहा कि यह सरकार का सराहनीय कदम है। इससे मंडियों में हो रहे किसानों के शोषण पर रोक लगेगी। उन्होंने कहा कि डायरेक्ट पेमेंट से किसानों से अवैध रूप से काटे जा रहे खर्चों पर भी पाबंदी लगेगी। किसानों को आर्थिक राहत मिलेगी। उन्होंने कहा कि यूपी और राजस्थान में भी भाजपा की सरकारें हैं। यदि वहां के किसान हरियाणा में अपनी फसल बेचते हैं तो इसका सीधा अर्थ है कि केंद्र की भाजपा सरकार किसान के प्रति गंभीर नहीं है, क्योंकि गेहूं की खरीद केंद्र व राज्य सरकार के माध्यम से करती है।
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अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र/शाहाबाद। जिलाभर के आढ़ती यूपी के किसानों के गेहूं पर रोक लगाने और सरकार द्वारा पैसे का भुगतान सीधे किसानों को करने का विरोध करते हुए रविवार को हड़ताल पर रहे। कुरुक्षेत्र, पिपली, लाडवा, शाहाबाद , पिहोवा के अलावा अन्य मंडियों में खरीद नहीं की गई। सरकार के खिलाफ धरना-प्रदर्शन भी किए तो शाहाबाद में कृषि मंत्री ओपी धनखड़ का पुतला भी फूंका। अनाज मंडी एसोसिएशन के प्रधान स्वर्ण जीत सिंह बिट्टू कालड़ा ने कहा कि आढ़ती सरकार द्वारा किसानों का डायरेक्ट पेमेंट का भी विरोध करते हैं। यूपी के किसानों का गेहूं हर वर्ष बिकने के लिए मंडी में आता है, लेकिन इस बार सरकार ने वहां का गेहूं खरीदने पर रोक लगा दी है। उन्होंने कहा कि यह फैसला किसान और आढ़ती विरोधी है। सरकार इस निर्णय को तत्काल वापस लें। उन्होंने कहा कि अगर सरकार ने निर्णय को वापस नहीं लिया तो हड़ताल के साथ आंदोलन का रास्ता चुनने को मजबूर होंगे। कालड़ा ने कहा कि राज्यमंत्री कर्णदेव कंबोज अनाज मंडी में आए थे तो कहा था कि आढ़ती और किसान का संबंध पारिवारिक है। आढ़ती किसान के लिए एटीएम होता है। किसान जब मर्जी आढ़ती से पैसे ले सकता है, लेकिन कुछ दिनों बाद ही सरकार ने यह निर्णय लेकर आढ़तियों से विश्वासघात किया है। इस अवसर पर त्रिलोचन हांडा, राजकुमार बुद्धिराजा, रवि गाबा, संजय बत्तरा, घनश्याम दास गुप्ता, सुशील गर्ग, रघुबीर बंसल, कर्णबीर सिंह नरवाल, रणबीर सिंह, अनिल कुमार गर्ग, प्रवीन राणा, सुदेश कुमार औजला, दलजीत सिंह चौधरी मौजूद रहे।
एक हजार क्विंटल गेहूं पहुंचा, नहीं हुई खरीद
नई अनाज मंडी में रविवार को एक हजार क्विंटल गेहूं पहुंचा, लेकिन हड़ताल की वजह से खरीद नहीं हो सकी। वहीं खाद्य एवं पूर्ति अधिकारी की ओर से भी किसानों की आईडी जांच के बाद गेहूं खरीद व सीधे भुगतान को लेकर पत्र जारी कर मार्केट कमेटी प्रशासन को भी निर्देश दे दिए गए हैं। मार्केट कमेटी सचिव राहुल मियों का कहना है कि इन निर्देशों से सभी आढ़तियों को अवगत करवा दिया गया है।
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सीधे भुगतान से किसानों के शोषण पर लगेगी रोक : भाकियू
शाहाबाद । सरकार द्वारा पैसे का भुगतान सीधे किसानों के खाते में करने का भाकियू ने स्वागत व समर्थन किया है। भाकियू प्रवक्ता राकेश बैंस ने कहा कि यह सरकार का सराहनीय कदम है। इससे मंडियों में हो रहे किसानों के शोषण पर रोक लगेगी। उन्होंने कहा कि डायरेक्ट पेमेंट से किसानों से अवैध रूप से काटे जा रहे खर्चों पर भी पाबंदी लगेगी। किसानों को आर्थिक राहत मिलेगी। उन्होंने कहा कि यूपी और राजस्थान में भी भाजपा की सरकारें हैं। यदि वहां के किसान हरियाणा में अपनी फसल बेचते हैं तो इसका सीधा अर्थ है कि केंद्र की भाजपा सरकार किसान के प्रति गंभीर नहीं है, क्योंकि गेहूं की खरीद केंद्र व राज्य सरकार के माध्यम से करती है।
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