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सोमवती अमावस पर स्नान व तर्पण के लिए श्रद्धालुओं की होगी परीक्षा
Updated Mon, 18 Dec 2017 12:19 AM IST
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पिछले कई माह से नहीं तीर्थ में पानी, तीर्थ पर चल रहे निर्माण कार्य
पिहोवा। सोमवती अमावस पर सरस्वती तीर्थ पर पित्तरों के निमित्त पिंडदान करवाने के लिए पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की कड़ी परीक्षा होगी। सरोवर में मौजूदा समय में जल नहीं है। प्रशासन ने अपनी साख को बचाने के लिए एक छोटे से तालाब में पानी का प्रबंध किया है, जो कि तीर्थ पर हजारों की संख्या में पहुंचने वाले श्रद्धालुओं के लिए नाकाफी साबित होगा। ऐसे में स्नान व तर्पण के लिए श्रद्धालुओं की जमकर परीक्षा होगी। तीर्थ में पिछले तीन माह से पानी नहीं है। तीर्थ में पानी ना होने के कारण श्रद्धालुओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। तीर्थ में जल ना होने के कारण दीपावाली सहित अन्य पर्वों तथा हाल ही में जिला स्तरीय गीता जयंती महोत्सव पर भी दीप दान नहीं हो पाया। सोमवती अमावस पर हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं की तीर्थ पर पहुंचने की संभावना है। तीर्थ पर इस समय में बहते जल परियोजना व नए घाटों के निर्माण का काम चलने के कारण जल नहीं है। मुख्य सरोवर में इस समय पानी नहीं है। हालांकि प्रशासन ने एक छोटे से सरोवर में श्रद्धालुओं के लिए स्नान व तर्पण करने की व्यवस्था की है। जो श्रद्धालुओं के लिए नाकाफी होगी।
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पिहोवा। सोमवती अमावस पर सरस्वती तीर्थ पर पित्तरों के निमित्त पिंडदान करवाने के लिए पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की कड़ी परीक्षा होगी। सरोवर में मौजूदा समय में जल नहीं है। प्रशासन ने अपनी साख को बचाने के लिए एक छोटे से तालाब में पानी का प्रबंध किया है, जो कि तीर्थ पर हजारों की संख्या में पहुंचने वाले श्रद्धालुओं के लिए नाकाफी साबित होगा। ऐसे में स्नान व तर्पण के लिए श्रद्धालुओं की जमकर परीक्षा होगी। तीर्थ में पिछले तीन माह से पानी नहीं है। तीर्थ में पानी ना होने के कारण श्रद्धालुओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। तीर्थ में जल ना होने के कारण दीपावाली सहित अन्य पर्वों तथा हाल ही में जिला स्तरीय गीता जयंती महोत्सव पर भी दीप दान नहीं हो पाया। सोमवती अमावस पर हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं की तीर्थ पर पहुंचने की संभावना है। तीर्थ पर इस समय में बहते जल परियोजना व नए घाटों के निर्माण का काम चलने के कारण जल नहीं है। मुख्य सरोवर में इस समय पानी नहीं है। हालांकि प्रशासन ने एक छोटे से सरोवर में श्रद्धालुओं के लिए स्नान व तर्पण करने की व्यवस्था की है। जो श्रद्धालुओं के लिए नाकाफी होगी।