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मक्का व सुरजमुखी के दामों में भी भारी गिरावट से खफा किसानों ने जताया रोष प्रदर्शन
Updated Sun, 18 Jun 2017 11:35 PM IST
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बाबैन। आलू के दाम औंधे मुंह गिरने के बाद अब मक्का और सूरजमुखी के दामों में भी भारी गिरावट से खफा किसानों ने केंद्र और प्रदेश की सरकार के खिलाफ जमकर रोष व्यक्त किया। भाजपा को किसान विरोधी पार्टी की संज्ञा देते हुए किसानों ने आरोप लगाया कि इतिहास गवाह है कि जब-जब भी केंद्र में भाजपा की सरकारें बनी है हर बार किसानों की फसलों को जमकर लुटा जा रहा है, जिससे किसानों पर भारी आर्थिक मार पड़ी है। मंडी में मक्का व सूरजमुखी की फसल लेकर आए किसान राजकुमार सुलतानपुर, फूल सिंह बाबैन, रुप राम कसीथल, नरेंद्र पाल न बरदार व बलदेव सिंह रामसरन माजरा, जोगेंद्र सिंह गणगौरी, भूपेंद्र सिंह प्रहलादपुर और कर्म सिंह चकचानपुर ने आरोप लगाया कि केंद्र एवं प्रदेश सरकारों ने फसलों का समर्थन मूल्य तो बढ़ा दिया है लेकिन सरकार द्वारा समर्थन मूल्य पर किसानों की फसलों को न खरीद कर हर बार किसानों को प्राइवेट खरीददारों के हाथों ही लुटने पर मजबूर होना पड़ा। किसानों ने आरोप लगाया कि गत पिछले वर्षों में 1400 रुपये प्रति क्विंटल से ऊपर बिकने वाला मक्का आज मात्र 700 से 800 रुपये प्रति क्विंटल तक ही बिक रहा है जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान हो रहा है। किसानों ने आरोप लगाया कि सरकार ने सूरजमुखी के दाम तो 4100 रुपये निर्धारित कर रखे है परंतु मंडियों में किसान का सूरजमुखी केवल 2200 से 2500 प्रति क्विंटल की बिक रहा जो किसानों के साथ घोर अन्याय है। किसानों का आरोप है कि एक और तो भाजपा सरकार 2022 तक किसानों की आमदन दुगनी करने की बात कर रही है दूसरी और मौजूदा समय में ही किसानों को उनकी फसलों का समर्थन मूल्य भी न देकर उन्हें बर्बाद करने पर उतारू है। किसानों ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर सरकार ने किसानों का मक्का व सूरजमुखी की फसल को सरकारी समर्थन मूल्य पर तुरंत खरीदना शुरू नहीं किया तो वे मंडियों में मजबूरन अपनी फसलों को जलाने पर बाध्य हो जाएंगे जिसके लिए सरकार ही जिम्मेदार होगी।
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