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Kurukshetra News: राज्य स्तरीय नगाड़ा बंचारी प्रतियोगिता में 20 दलों ने दी प्रस्तुति
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कुरुक्षेत्र। सांस्कृतिक कार्य विभाग ने प्रदेश की लोक संस्कृति को बढ़ावा दिया। इसके लिए राज्य स्तरीय नगाड़ा (बंचारी) प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। कला परिषद की भरत मुनि रंगशाला में विभिन्न जिलों से आए 20 दलों ने शानदार नगाड़ा वादन प्रस्तुत किया। इस प्रतियोगिता का उद्देश्य पारंपरिक संगीत और लोक वाद्य कला को प्रोत्साहित करना था।
कलाकारों ने पगड़ी और धोती-कुर्ता जैसे देसी परिधानों में अपनी प्रस्तुति दी। उन्होंने नगाड़ों के साथ बांसुरी, बीन, चिमटा और हारमोनियम जैसे अन्य वाद्य यंत्रों का भी संयोजन किया। निर्णायक मंडल ने इस पहल को पारंपरिक लोक कलाओं के संरक्षण और लोक कलाकारों को प्रोत्साहित करने वाला बताया। उन्होंने कहा कि यह नई पीढ़ी को सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का महत्वपूर्ण कदम है। उपनिदेशिका डॉ. दीपिका और रेणु हुड्डा ने कलाकारों की सहभागिता को लोक संस्कृति के जीवंत होने का संदेश बताया। लेखा अधिकारी सत्यभूषण ने भी प्रस्तुतियों की सराहना की।
विजेता टीमों को मिलेंगे आकर्षक नकद पुरस्कार निर्णायक मंडल में पद्मश्री महाबीर गुड्डू, लोक कलाकार गुलाब सिंह खंडेलवाल और प्रोफेसर लोकेश शर्मा शामिल थे। उन्होंने कला, पारंपरिक शैली, लय और तालमेल के आधार पर दलों का मूल्यांकन किया। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले दलों को नकद पुरस्कार दिए जाएंगे। प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली टीम को 75 हजार रुपये, द्वितीय को 65 हजार रुपये और तृतीय को 55 हजार रुपये मिलेंगे। इसके अतिरिक्त, पांच सांत्वना पुरस्कार के रूप में 10-10 हजार रुपये दिए जाएंगे। विजेता टीमों के नाम की घोषणा शीघ्र की जाएगी।
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कलाकारों ने पगड़ी और धोती-कुर्ता जैसे देसी परिधानों में अपनी प्रस्तुति दी। उन्होंने नगाड़ों के साथ बांसुरी, बीन, चिमटा और हारमोनियम जैसे अन्य वाद्य यंत्रों का भी संयोजन किया। निर्णायक मंडल ने इस पहल को पारंपरिक लोक कलाओं के संरक्षण और लोक कलाकारों को प्रोत्साहित करने वाला बताया। उन्होंने कहा कि यह नई पीढ़ी को सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का महत्वपूर्ण कदम है। उपनिदेशिका डॉ. दीपिका और रेणु हुड्डा ने कलाकारों की सहभागिता को लोक संस्कृति के जीवंत होने का संदेश बताया। लेखा अधिकारी सत्यभूषण ने भी प्रस्तुतियों की सराहना की।
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विजेता टीमों को मिलेंगे आकर्षक नकद पुरस्कार निर्णायक मंडल में पद्मश्री महाबीर गुड्डू, लोक कलाकार गुलाब सिंह खंडेलवाल और प्रोफेसर लोकेश शर्मा शामिल थे। उन्होंने कला, पारंपरिक शैली, लय और तालमेल के आधार पर दलों का मूल्यांकन किया। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले दलों को नकद पुरस्कार दिए जाएंगे। प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली टीम को 75 हजार रुपये, द्वितीय को 65 हजार रुपये और तृतीय को 55 हजार रुपये मिलेंगे। इसके अतिरिक्त, पांच सांत्वना पुरस्कार के रूप में 10-10 हजार रुपये दिए जाएंगे। विजेता टीमों के नाम की घोषणा शीघ्र की जाएगी।
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