{"_id":"597396fb4f1c1b7b268b45a0","slug":"191500747515-kurukshetra-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"अतिक्रमण की जद में आई धर्मनगरी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अतिक्रमण की जद में आई धर्मनगरी
Updated Sat, 22 Jul 2017 11:48 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फोटो- 10 से 13
अतिक्रमण से अटी धर्मनगरी, शहर के सौंदर्यकरण पर ग्रहण
पिपली से लेकर थर्ड गेट तक मुख्य सड़क भी अतिक्रमण की भेंट
अतिक्रमण हटाने के लिए छह माह पहले नोटिस देकर भूला प्रशासन
-ईओ बोले जल्द चलाया जाएगा अतिक्रमण हटाने के लिए अभियान
कुरुक्षेत्र।
धर्मनगरी की सड़कों पर अतिक्रमण की भरमार है, इससे लोकनिर्माण विभाग पूरी तरह से बेखबर है। अतिक्रमण करने वालों को नोटिस थमा कर अधिकारी सो गए हैं,मगर उसके बाद भी हालात जस के तस बने हैं। हालांकि नोटिस दिये छह महीने का समय बीत चुका है। बावजूद इसके अधिकारियों ने अतिक्रमण हटाने में कोई रुचि नहीं दिखाई। पुलिस-प्रशासन और नगर परिषद के उदासीन रवैये के चलते सड़कें संकरी होती जा रही हैं। नियमानुसार दुकानदारी करने वाले लोग इसे राजनीतिक शह का नतीजा बता रहे हैं, जिसके दबाव के चलते अतिक्रमण करने वालों पर कार्रवाई की बजाये चेतावनी देकर काम चलाया जा रहा है।
सबसे ज्यादा बुरा रेलवे रोड का है,यहां भी भगवान परशुराम चौक से रेलवे स्टेशन तक दुकानों के अतिक्रमण के चलते दिन में कई बार जाम के हालात रहते हैं। वहीं इधर शहर की सड़कों के किनारे जहां पीडब्ल्यूडी की जगह पर अतिक्रमण है,उसके बारे में विभाग के अधिकारियों को यह जानकारी तक नहीं है कि शहर में किस जगह अवैध कब्जे हो चुके हैं।
विभाग की ओर से केवल खानापूर्ति करने के लिए एलएनजेपी अस्पताल से लेकर थर्ड गेट तक 40 दुकानदारों को दिसंबर 2016 में अतिक्रमण हटाने के नोटिस थमाए थे। नोटिस में दुकानदारों को 30 दिसंबर तक अतिक्रमण हटाने के आदेश दिए गए थे। इसके बाद विभाग ने किसी भी प्रकार का एक्षन नहीं लिया। शहर में बढ़ रहे अतिक्रमण से जहां पर सड़के संकरी होती जा रही है, वहीं सड़कों के संकरे होने से सड़कों पर सारा दिन जाम जैसी स्थिति बनी रहती है। शहर की मुख्य सड़कों पर आए दिन जाम लगने की समस्या देखने को मिलती है। शहर में लगातार बढ़ रहे अतिक्रमण के बाद भी विभाग की नींद नहीं टूटी और अतिक्रमण की समस्या दिन-प्रतिदिन गहराती जा रही है। थर्ड गेट से लेकर पिपली तक 8 किलोमीटर की अवधि में सैकड़ों दुकानें हैं, जहां पर दुकानदारों ने अवैध अतिक्रमण किया हुआ है।
विज्ञापन
अतिक्रमण खासकर गुरुद्वारा से लेकर पुराने बस अड्डे और मोहन नगर चौक से लेकर पिपली गीता द्वार तक है। अगर शहर के बाजार की बात करें तो वहां पर दुकानदारों ने तो यह स्थिति पैदा कर दी है कि वहां पर पैदल चलने वाले भी दुकानदारों द्वारा अवैध तरीके से बढ़ाई दुकान से जा टकराते हैैं, इसी वजह से हर रोज बाजार में कोई न कोई दुर्घटना घटती रहती है।
दुकानदारों द्वारा किए जा रहे अतिक्रमण पर प्रशासन द्वारा भी कोई कार्रवाई नहीं की जाती। मोहन नगर से पिपली द्वार तक हजारों दुकान मौजूद है और इनमें से अधिकतर लोगों ने अपनी दुकान अतिक्रमण कर बढ़ा रखी है। अतिक्रमण करने वाले दुकानदारों में खासकर ऑटो रिपेयर करने वाले, मोटर साइकिल ठीक करने वाले व कुछ अन्य दुकानदार है, जिस पर न तो कोई यातायात कर्मी कुछ कहता है और न ही प्रशासन इस पर कुछ करता है। अगर शहर में ऐसे ही हालात रहे तो आने वाले दिनों में शायद दुकानदार अतिक्रमण कर सड़कों के बीच तक पहु़ंच जाएंगे और प्रशासन ऐसे ही मौन बैठा रहेगा। इधर थानेसर नगर परिषद के ईओ बीएन भारती के मुताबिक अतिक्रमण हटाने के लिए दुकानदारों को चेतावनी दी गई है। जल्द अतिक्रमण हटाने के लिए अभियान चलाया जाएगा।
अतिक्रमण के कारण सड़कों पर जाम की स्थिति
शहरवासी का कहना है कि शहर की मुख्य सड़कों पर दुकानदारों ने अवैध तरीके से अतिक्रमण कर रखा है, जिसके कारण सड़कें संकरी होती जा रही है। सड़कों के संकरे हो जाने से वहां पर हमेशा जाम की स्थिती बनी रहती है और लोगों को जाम की वजह से परेशानी की समस्या का सामना करना पड़ता है।
शहर के मुख्य बाजार में दो पहिया वाहन के आने-जाने में समस्या
शहरवासी प्रदीप ने बताया कि शहर के मुख्य बाजार में दुकानदारों ने यह स्थिति उत्पन्न कर दी है कि बाजार से दो पहिया वाहन भी नहीं गुजर सकते। इसके चलते बाजार में सामान खरीदने आने वाले अधिकतर लोग अपने वाहनों को कहीं ओर खड़ा करते हैं। प्रशासन भी दुकादारों द्वारा किए अवैध अतिक्रमण पर मौन है।
की जाएगी कानूनी कारवाई
पीडब्ल्यूडी केे(बी एंड आर विभाग) एक्सईएएन एसपी सरोहा ने बताया कि अतिक्रमण करने वाले दुकानदारों के अब कानूनी कार्रवाई की जाएगी। विभाग द्वारा जल्द ही टीम का गठन किया जाएगा ,जो अतिक्रमण करने वाले दुकानदारों पर कार्रवाई करेगी व शहर को अतिक्रमण मुक्त करेगी।
विज्ञापन
अतिक्रमण से अटी धर्मनगरी, शहर के सौंदर्यकरण पर ग्रहण
पिपली से लेकर थर्ड गेट तक मुख्य सड़क भी अतिक्रमण की भेंट
अतिक्रमण हटाने के लिए छह माह पहले नोटिस देकर भूला प्रशासन
-ईओ बोले जल्द चलाया जाएगा अतिक्रमण हटाने के लिए अभियान
कुरुक्षेत्र।
धर्मनगरी की सड़कों पर अतिक्रमण की भरमार है, इससे लोकनिर्माण विभाग पूरी तरह से बेखबर है। अतिक्रमण करने वालों को नोटिस थमा कर अधिकारी सो गए हैं,मगर उसके बाद भी हालात जस के तस बने हैं। हालांकि नोटिस दिये छह महीने का समय बीत चुका है। बावजूद इसके अधिकारियों ने अतिक्रमण हटाने में कोई रुचि नहीं दिखाई। पुलिस-प्रशासन और नगर परिषद के उदासीन रवैये के चलते सड़कें संकरी होती जा रही हैं। नियमानुसार दुकानदारी करने वाले लोग इसे राजनीतिक शह का नतीजा बता रहे हैं, जिसके दबाव के चलते अतिक्रमण करने वालों पर कार्रवाई की बजाये चेतावनी देकर काम चलाया जा रहा है।
सबसे ज्यादा बुरा रेलवे रोड का है,यहां भी भगवान परशुराम चौक से रेलवे स्टेशन तक दुकानों के अतिक्रमण के चलते दिन में कई बार जाम के हालात रहते हैं। वहीं इधर शहर की सड़कों के किनारे जहां पीडब्ल्यूडी की जगह पर अतिक्रमण है,उसके बारे में विभाग के अधिकारियों को यह जानकारी तक नहीं है कि शहर में किस जगह अवैध कब्जे हो चुके हैं।
विज्ञापन
विभाग की ओर से केवल खानापूर्ति करने के लिए एलएनजेपी अस्पताल से लेकर थर्ड गेट तक 40 दुकानदारों को दिसंबर 2016 में अतिक्रमण हटाने के नोटिस थमाए थे। नोटिस में दुकानदारों को 30 दिसंबर तक अतिक्रमण हटाने के आदेश दिए गए थे। इसके बाद विभाग ने किसी भी प्रकार का एक्षन नहीं लिया। शहर में बढ़ रहे अतिक्रमण से जहां पर सड़के संकरी होती जा रही है, वहीं सड़कों के संकरे होने से सड़कों पर सारा दिन जाम जैसी स्थिति बनी रहती है। शहर की मुख्य सड़कों पर आए दिन जाम लगने की समस्या देखने को मिलती है। शहर में लगातार बढ़ रहे अतिक्रमण के बाद भी विभाग की नींद नहीं टूटी और अतिक्रमण की समस्या दिन-प्रतिदिन गहराती जा रही है। थर्ड गेट से लेकर पिपली तक 8 किलोमीटर की अवधि में सैकड़ों दुकानें हैं, जहां पर दुकानदारों ने अवैध अतिक्रमण किया हुआ है।
विज्ञापन
अतिक्रमण खासकर गुरुद्वारा से लेकर पुराने बस अड्डे और मोहन नगर चौक से लेकर पिपली गीता द्वार तक है। अगर शहर के बाजार की बात करें तो वहां पर दुकानदारों ने तो यह स्थिति पैदा कर दी है कि वहां पर पैदल चलने वाले भी दुकानदारों द्वारा अवैध तरीके से बढ़ाई दुकान से जा टकराते हैैं, इसी वजह से हर रोज बाजार में कोई न कोई दुर्घटना घटती रहती है।
दुकानदारों द्वारा किए जा रहे अतिक्रमण पर प्रशासन द्वारा भी कोई कार्रवाई नहीं की जाती। मोहन नगर से पिपली द्वार तक हजारों दुकान मौजूद है और इनमें से अधिकतर लोगों ने अपनी दुकान अतिक्रमण कर बढ़ा रखी है। अतिक्रमण करने वाले दुकानदारों में खासकर ऑटो रिपेयर करने वाले, मोटर साइकिल ठीक करने वाले व कुछ अन्य दुकानदार है, जिस पर न तो कोई यातायात कर्मी कुछ कहता है और न ही प्रशासन इस पर कुछ करता है। अगर शहर में ऐसे ही हालात रहे तो आने वाले दिनों में शायद दुकानदार अतिक्रमण कर सड़कों के बीच तक पहु़ंच जाएंगे और प्रशासन ऐसे ही मौन बैठा रहेगा। इधर थानेसर नगर परिषद के ईओ बीएन भारती के मुताबिक अतिक्रमण हटाने के लिए दुकानदारों को चेतावनी दी गई है। जल्द अतिक्रमण हटाने के लिए अभियान चलाया जाएगा।
अतिक्रमण के कारण सड़कों पर जाम की स्थिति
शहरवासी का कहना है कि शहर की मुख्य सड़कों पर दुकानदारों ने अवैध तरीके से अतिक्रमण कर रखा है, जिसके कारण सड़कें संकरी होती जा रही है। सड़कों के संकरे हो जाने से वहां पर हमेशा जाम की स्थिती बनी रहती है और लोगों को जाम की वजह से परेशानी की समस्या का सामना करना पड़ता है।
शहर के मुख्य बाजार में दो पहिया वाहन के आने-जाने में समस्या
शहरवासी प्रदीप ने बताया कि शहर के मुख्य बाजार में दुकानदारों ने यह स्थिति उत्पन्न कर दी है कि बाजार से दो पहिया वाहन भी नहीं गुजर सकते। इसके चलते बाजार में सामान खरीदने आने वाले अधिकतर लोग अपने वाहनों को कहीं ओर खड़ा करते हैं। प्रशासन भी दुकादारों द्वारा किए अवैध अतिक्रमण पर मौन है।
की जाएगी कानूनी कारवाई
पीडब्ल्यूडी केे(बी एंड आर विभाग) एक्सईएएन एसपी सरोहा ने बताया कि अतिक्रमण करने वाले दुकानदारों के अब कानूनी कार्रवाई की जाएगी। विभाग द्वारा जल्द ही टीम का गठन किया जाएगा ,जो अतिक्रमण करने वाले दुकानदारों पर कार्रवाई करेगी व शहर को अतिक्रमण मुक्त करेगी।