फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Kurukshetra News ›   अच्छी शुरुआत के बावजूद निराश कर रहा है मानसून

अच्छी शुरुआत के बावजूद निराश कर रहा है मानसून

Wed, 19 Jul 2017 12:07 AM IST
Updated Wed, 19 Jul 2017 12:07 AM IST
विज्ञापन
अच्छी शुरुआत के बावजूद निराश कर रहा है मानसून
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन

कुरुक्षेत्र।
सावन माह के शुरू होते ही मानसून ने भी भले ही कुछ राहत दी हो, लेकिन इसके बाद अब तक निराशा ही मिल रही है। बारिश न होने से जिला भर में सूखे जैसे हालात बन गए हैं, जिससे अनेक क्षेत्रों में लगाए धान के खेतों में दरार पड़ने लगी है तो किसानों के चेहरों पर चिंता की लकीरें भी दिखाई पड़ने लगी है। बारिश न होने से गर्मी व उमस ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। मौसम वैज्ञानिकों द्वारा की जा रही भविष्यवाणी के चलते आम लोगों से लेकर किसान भी हर पिछले एक सप्ताह से बारिश होने की हर रोज उम्मीद कर रहे हैं, इसके बावजूद सूखे का ही सामना करना पड़ रहा है। जून माह के अंत में धान रोपाई के दौरान ही हुई तेज बारिश से किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ा और सैकड़ों एकड़ क्षेत्र में फसल नष्ट हो गई तो अब फसल सूखे की मार झेल रही है। ऐसे हालात में धान उत्पादन पर असर पड़ने की संभावना भी जताई जाने लगी है। पिछले वर्ष ही इस दौरान 129 एमएम बारिश दर्ज की गई थी जबकि अभी तक जिला भर में महज 29 एमएम बारिश ही हुई है।
------------------------------
मौसम वैज्ञानिकों की भविष्यवाणी फेल
पिछले कुछ माह भले ही मौसम विभाग की भविष्यवाणी सटीक रही हो, लेकिन इस माह इंद्र देव ने भविष्यवाणी भी फेल साबित कर दी है। मौसम वैज्ञानिकों की ओर से भविष्यवाणी की गई थी कि 10 जुलाई से 16 जुलाई तक बारिश होगी, लेकिन इन दिनों बारिश तो दूर लोगों को भीषण गर्मी का ही सामना करना पड़ा। यहां तक कि 17 जुलाई को बारिश होने की संभावना भी सटीक नहीं बैठ पाई। इस बार जिला भर में 105 हेक्टेयर क्षेत्र में धान की रोपाई की गई है। इसके साथ ही बासमती धान की पछेती किस्म की रोपाई इस माह भी की जाती है, लेकिन अनेक किसानों ने बारिश न होने के चलते यह रोपाई कार्य रोक लिया है।
विज्ञापन

---------------------
धान की फसल बीमारियों की चपेट में
बारिश न होने के चलते ही अब धान की फसल पता लपेट तथा अन्य बीमारियों की चपेट में आने लगी है, जिससे भी फसलों को नुकसान की संभावना बनने लगी है। किसानों का कहना है कि बारिश में अधिकतर बीमारियां फसलों से साफ हो जाती है, लेकिन सूखे में बीमारियां और भी बढ ़ जाती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

------------------------
बारिश के लिए यज्ञ का सहारा
सूखे से त्रस्त होते किसान अब बारिश की आस को लेकर इंद्र देव को प्रसन्न करने के लिए यज्ञ का आयोजन भी करने लगे है। तीन दिन पूर्व ही शाहाबाद में यज्ञ का आयोजन किया गया तो वहीं लोगों का मानना है कि ऐसे धार्मिक अनुष्ठान से इंद्र देव प्रसन्न होते है और बारिश हो जाती है।
-------------------------------------------
मुरझाने लगी धान : संदीप
गांव किरमिच निवासी किसान संदीप का कहना है कि पिछले करीब 15 दिनों से बारिश न होने से धान की फसल मुरझाने लगी है और अनेक क्षेत्रों में तो कुछ उंचाई वाले खेतों में दरार भी पड़ने लगी है। सूखे जैसे हालात बन चुके है, जिससे किसानों को भारी नुकसान की चिंता सताने लगी है।
------------------------
इसी माह ही बारिश की अधिक जरूरत : सुरजीत
गांव तंगोर निवासी किसान सुरजीत का कहना है कि जुलाई में ही धान की फसल के लिए बारिश की सबसे अधिक जरूरत होती है। इसी माह का अधिकतर समय सूखे में बीत चुका है। उनका कहना है कि श्रावण माह तो पूरी तरह से भीगा होना चाहिए था और किसान इसी माह में अच्छी बारिश होने की उम्मीद लगाते है।
----------------------------------
पैदावार पर पड़ सकता है असर : उपनिदेशक
कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के उपनिदेशक डॉ. कर्मचंद का मानना है कि जुलाई माह में विशेष रूप से धान की फसल के लिए अच्छी बारिश की जरूरत होती है। जरूरत व उम्मीद के अनुसार अभी तक इस माह बारिश नहीं हो पाई। हालांकि अगले एक-दो दिन में अच्छी बारिश की संभावना है, लेकिन अगले एक सप्ताह तक बारिश नहीं हुई तो धान की पैदावार पर असर पड़ने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता।

--------------------------------
बिगड़ गए किसानों के सारे समीकरण
इस्माईलाबाद। पिछले कई दिनों से कस्बा व क्षेत्र में बरसात न होने के चलते जहां मौसम में उमस व गर्मी बढ़ने के चलते लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं बरसात न होने धान के खेतों में दरारें पड़ गई, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। सीजन की शुरुआत में अच्छी बरसात होने से किसानों को इस वर्ष अच्छी बरसात होने की आस थी, लेकिन बारिश न होने से किसानों की सारे समीकरण बिगड़ गए है। किसान बलदेव शर्मा ने बताया कि सावन माह में अच्छी बरसात होने के आसार थे लेकिन अब तक बारिश न होने से धान की फसल खराब होने लगी है। धान के पौधे के फुटाव के लिए यही समय है और इस समय धान सूखे के कारण धान का पौधा वहीं रुका हुआ है। उन्होंने कहा कि अगर मौसम यही बेरुखी रही तो धान की फसल की पैदावार काफी कम होने आसार है। किसान निर्मल सिंह का कहना है कि इस माह अब तक बरसात न होने के कारण धान की फसल बूरी तरह से प्रभावित हुई है। बरसात न होने के कारण रोपाई की धान के खेतों में दरारे पड़ गई है। उन्होंने कहा कि ट्यू्बवेल से जो सिंचाई की जा रही है और गर्मी व उमस के चलते पानी की लागत भी बढ़ गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed