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केयू में आगजनी मामलाः यूनिवर्सिटी का फायर फाइटिंग सिस्टम बेकार
Updated Fri, 02 Nov 2018 12:45 AM IST
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राजेश शांडिल्य
कुरुक्षेत्र। केयू के डीन भवन में बुधवार रात आठ बजे ही आग गई थी। लेकिन केयू के सिक्योरिटी सिस्टम को इसकी भनक तक नहीं लगी। आग बुझाने में केयू का फायर टेंडर सिस्टम बेअसर साबित हुआ। वहीं डीन भवन में धुआं उठते देख केयू के एक विद्यार्थी ने 101 नंबर पर फोन कर फायर ब्रिगेड को सूचित किया। कुरुक्षेत्र के दमकल केंद्र में आगजनी की सूचना कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी के सिक्योरिटी सिस्टम की ओर से नहीं, बल्कि 9 बजकर 22 मिनट पर एक छात्र की ओर से दी गई थी। इस छात्र ने बताया कि जब वे धुआं देखकर डीन ऑफिस के पास पहुंचे तो उस समय उन्हें वहां कोई भी सिक्योरिटी गार्ड नहीं मिला, जबकि सिक्योरिटी वालों को ढूंढने का प्रयास करते हुए वे भवन के दूसरे हिस्से की ओर जाने पर दिखाई दिए।
यहां बता दें कि इसी डीन भवन में जहां कई महत्वपूर्ण ब्रांच और ऑफिस हैं, वहीं केयू के चीफ सिक्योरिटी ऑफिसर और चीफ विजिलेंस आफिसर का दफ्तर भी इस भी भवन में है। अगर बीती रात केयू का सिस्टम चौकन्ना होता तो संभवत आगजनी की घटना का शुरुआती चरण में ही पता लग सकता था और आगजनी से बचाव के प्रयास और सूचना भी केयू के सिस्टम से ही दमकल केंद्र तक पहुंचती, मगर केयू के सिस्टम तक घटना की जानकारी करीब 10 बजे पहुंची।
घटनाक्रम की होगी थ्री टायर जांच
केयू में भीषण आग और क्षति से केयू प्रशासन सकते में है। अब इस घटनाक्रम की थ्री टायर जांच होगी। यह जांच कमेटी केवल वित्तीय क्षति का ही आंकलन कर रिपोर्ट देगी, इस कमेटी की प्रमुख केयू की रजिस्ट्रार डॉ. नीता खन्ना के अलावा फाइनेंस आफिसर हरजीत सिंह, एक्सईएन सिविल पृथ्वी सैनी, एक्सईएन कंस्ट्रक्शन अशोक मलिक होंगे।
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वहीं दूसरी कमेटी ओवरऑल जांच करेगी। इसकी अध्यक्षता डीन ऑफ कॉलेज प्रोफेसर रजनीश शर्मा, प्रोफेसर डॉ. सीसी त्रिपाठी, प्रोफेसर सुनील यादव, एक प्रोफेसर एनआईटी सिविल इंजीनियरिंग का होगा, एक प्रतिनिधि दमकल केंद्र और एक पीडब्ल्यूडी का होगा। वहीं तीसरी जांच पुलिस करेगी। केयू रजिस्ट्रार ने पुलिस जांच के लिये लिखित कार्रवाई की है। आगजनी में केयू को अपूर्णीय क्षति हुई है, इसकी भरपाई कैसे होगी, इसके लिए भी विचार हो रहा है। पता यह भी चला है कि केयू प्रशासन द्वारा अपने-अपने स्तर पर भी इस घटनाक्रम की जांच कराई जाएगी है।
रात आठ बजे से दोपहर 12 बजे तक
-बुधवार करीब आठ बजे लगी थी आग, पता 10 बजे लगा।
-दमकल केंद्र को एक छात्र ने करीब साढ़े नौ बजे दी सूचना।
-मौके पर फायर ब्रिगेड की चार गाड़ियां पहुंची।
-बुधवार देर रात तक चली आग बुझाने की जद्दोजहद
-बुझाई गई आग वीरवार सुबह फिर भड़कने से पहले बुलाई दो फायर ब्रिगेड की गाड़ियां।
-केयू के करीब छह दशक से ज्यादा के इतिहास में ऐसी आगजनी पहली बार हुई।
-महत्वपूर्ण रिकार्ड और दस्तावेज जलने से हुई अपूर्णीय क्षति।
-डीन भवन को क्षति पहुंचने के अलावा जनरल ब्रांच पूरी तरह से हुआ खाक।
- राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान के निदेशक और डीन लाइफ साइंस के दफ्तर भी जलकर नष्ट।
-वीरवार को हरियाणा दिवस की छुट्टी के दिन रही वीसी ऑफिस में गहमा-गहमी।
-कुलपति डॉ. केसी शर्मा ने वीरवार को 11 बजे दफ्तर में बुलाई आपात बैठक।
-वीसी ने 12 बजे बैठक में की दो जांच कमेटियां गठित।
बच गई महामहिम की कुर्सी
केयू में जिन अति विशेष कार्यक्रम में महामहिम राष्ट्रपति या राज्यपाल की उपस्थिति होती है, ऐसे कार्यक्रमों के लिए यूनिवर्सिटी की जनरल ब्रांच के स्टोर में एक खास चिह्न वाली दो कुर्सियां भी उपलब्ध हैं। आगजनी के दौरान जब बचाव के प्रयास जारी थी, इसी दौरान जैसे तैसे स्टोर में रखी इन कुर्सियों को डीन भवन के मेन गेट के बाहर लाकर रखा गया और इन पर चादर डाल दी गई।
उठ रहे सवाल
बुधवार को डीन भवन में भीषण आग की घटना केयू के सुरक्षा चक्र में चूक को दर्शा रही है। फायर टेंडर से लेकर सिक्योरिटी गार्ड की लापरवाही इस घटनाक्रम में सामने आ रही है। यह दोनों विपरीत हालात में नाकारा साबित हुए। इधर डिजिटल यूनिवर्सिटी होने के बावजूद केयू की जनरल ब्रांच का पूरा रिकार्ड कल रात तक फाइलों में सिमटा था, जो अब राख हो चुका है। बता दें कि केयू में होने वाले तमाम आयोजनों और अन्य बड़े खर्च और केयू की दुकानों की लीज आदि का रिकार्ड भी इसी ब्रांच में था।
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कुरुक्षेत्र। केयू के डीन भवन में बुधवार रात आठ बजे ही आग गई थी। लेकिन केयू के सिक्योरिटी सिस्टम को इसकी भनक तक नहीं लगी। आग बुझाने में केयू का फायर टेंडर सिस्टम बेअसर साबित हुआ। वहीं डीन भवन में धुआं उठते देख केयू के एक विद्यार्थी ने 101 नंबर पर फोन कर फायर ब्रिगेड को सूचित किया। कुरुक्षेत्र के दमकल केंद्र में आगजनी की सूचना कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी के सिक्योरिटी सिस्टम की ओर से नहीं, बल्कि 9 बजकर 22 मिनट पर एक छात्र की ओर से दी गई थी। इस छात्र ने बताया कि जब वे धुआं देखकर डीन ऑफिस के पास पहुंचे तो उस समय उन्हें वहां कोई भी सिक्योरिटी गार्ड नहीं मिला, जबकि सिक्योरिटी वालों को ढूंढने का प्रयास करते हुए वे भवन के दूसरे हिस्से की ओर जाने पर दिखाई दिए।
यहां बता दें कि इसी डीन भवन में जहां कई महत्वपूर्ण ब्रांच और ऑफिस हैं, वहीं केयू के चीफ सिक्योरिटी ऑफिसर और चीफ विजिलेंस आफिसर का दफ्तर भी इस भी भवन में है। अगर बीती रात केयू का सिस्टम चौकन्ना होता तो संभवत आगजनी की घटना का शुरुआती चरण में ही पता लग सकता था और आगजनी से बचाव के प्रयास और सूचना भी केयू के सिस्टम से ही दमकल केंद्र तक पहुंचती, मगर केयू के सिस्टम तक घटना की जानकारी करीब 10 बजे पहुंची।
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घटनाक्रम की होगी थ्री टायर जांच
केयू में भीषण आग और क्षति से केयू प्रशासन सकते में है। अब इस घटनाक्रम की थ्री टायर जांच होगी। यह जांच कमेटी केवल वित्तीय क्षति का ही आंकलन कर रिपोर्ट देगी, इस कमेटी की प्रमुख केयू की रजिस्ट्रार डॉ. नीता खन्ना के अलावा फाइनेंस आफिसर हरजीत सिंह, एक्सईएन सिविल पृथ्वी सैनी, एक्सईएन कंस्ट्रक्शन अशोक मलिक होंगे।
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वहीं दूसरी कमेटी ओवरऑल जांच करेगी। इसकी अध्यक्षता डीन ऑफ कॉलेज प्रोफेसर रजनीश शर्मा, प्रोफेसर डॉ. सीसी त्रिपाठी, प्रोफेसर सुनील यादव, एक प्रोफेसर एनआईटी सिविल इंजीनियरिंग का होगा, एक प्रतिनिधि दमकल केंद्र और एक पीडब्ल्यूडी का होगा। वहीं तीसरी जांच पुलिस करेगी। केयू रजिस्ट्रार ने पुलिस जांच के लिये लिखित कार्रवाई की है। आगजनी में केयू को अपूर्णीय क्षति हुई है, इसकी भरपाई कैसे होगी, इसके लिए भी विचार हो रहा है। पता यह भी चला है कि केयू प्रशासन द्वारा अपने-अपने स्तर पर भी इस घटनाक्रम की जांच कराई जाएगी है।
रात आठ बजे से दोपहर 12 बजे तक
-बुधवार करीब आठ बजे लगी थी आग, पता 10 बजे लगा।
-दमकल केंद्र को एक छात्र ने करीब साढ़े नौ बजे दी सूचना।
-मौके पर फायर ब्रिगेड की चार गाड़ियां पहुंची।
-बुधवार देर रात तक चली आग बुझाने की जद्दोजहद
-बुझाई गई आग वीरवार सुबह फिर भड़कने से पहले बुलाई दो फायर ब्रिगेड की गाड़ियां।
-केयू के करीब छह दशक से ज्यादा के इतिहास में ऐसी आगजनी पहली बार हुई।
-महत्वपूर्ण रिकार्ड और दस्तावेज जलने से हुई अपूर्णीय क्षति।
-डीन भवन को क्षति पहुंचने के अलावा जनरल ब्रांच पूरी तरह से हुआ खाक।
- राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान के निदेशक और डीन लाइफ साइंस के दफ्तर भी जलकर नष्ट।
-वीरवार को हरियाणा दिवस की छुट्टी के दिन रही वीसी ऑफिस में गहमा-गहमी।
-कुलपति डॉ. केसी शर्मा ने वीरवार को 11 बजे दफ्तर में बुलाई आपात बैठक।
-वीसी ने 12 बजे बैठक में की दो जांच कमेटियां गठित।
बच गई महामहिम की कुर्सी
केयू में जिन अति विशेष कार्यक्रम में महामहिम राष्ट्रपति या राज्यपाल की उपस्थिति होती है, ऐसे कार्यक्रमों के लिए यूनिवर्सिटी की जनरल ब्रांच के स्टोर में एक खास चिह्न वाली दो कुर्सियां भी उपलब्ध हैं। आगजनी के दौरान जब बचाव के प्रयास जारी थी, इसी दौरान जैसे तैसे स्टोर में रखी इन कुर्सियों को डीन भवन के मेन गेट के बाहर लाकर रखा गया और इन पर चादर डाल दी गई।
उठ रहे सवाल
बुधवार को डीन भवन में भीषण आग की घटना केयू के सुरक्षा चक्र में चूक को दर्शा रही है। फायर टेंडर से लेकर सिक्योरिटी गार्ड की लापरवाही इस घटनाक्रम में सामने आ रही है। यह दोनों विपरीत हालात में नाकारा साबित हुए। इधर डिजिटल यूनिवर्सिटी होने के बावजूद केयू की जनरल ब्रांच का पूरा रिकार्ड कल रात तक फाइलों में सिमटा था, जो अब राख हो चुका है। बता दें कि केयू में होने वाले तमाम आयोजनों और अन्य बड़े खर्च और केयू की दुकानों की लीज आदि का रिकार्ड भी इसी ब्रांच में था।