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कमेटी रूम में देर शाम तक चली केयू प्रशासन और कुंटिया की गुपचुप बैठक
Updated Sat, 06 Jan 2018 12:34 AM IST
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कमेटी रूम में देर शाम तक चली केयू प्रशासन और कुंटिया की गुपचुप बैठक
अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र।
विभिन्न मांगों को लेकर हड़ताल कर रहे गैर शिक्षक कर्मियों के आर-पार की लड़ाई का ऐलान करते ही केयू प्रशासन की सांसें अटक गई हैं। हड़ताल के चलते यूनिवर्सिटी की फजीहत होते देख यूनिवर्सिटी उच्च अधिकारियों ने कुंटिया पदाधिकारियों से बातचीत करने में भलाई समझी और दिन ढलते-ढलते वीसी कार्यालय से बुलावा भी आ गया। बताया जा रहा है कि अवकाश होने पर भी ओवरटाइम करने अधिकांश कर्मी यूनिवर्सिटी आते थे, लेकिन कुंटिया के आह्वान पर किसी भी गैर शिक्षक ने शुक्रवार को यूनिवर्सिटी में कार्य नहीं किया।
नए साल पर कामकाज रफ्तार पकड़ने की बजाय धीमा होता देख यूनिवर्सिटी प्रशासन ने आखिरकार शुक्रवार शाम को कुंटिया कार्यकारिणी को कमेटी रूम में बुला लिया। हालांकि, कुंटिया सदस्यों ने दबे स्वर में बैठक करने का कारण यूनिवर्सिटी का कामकाज लटकने की वजह बताया। बताया जा रहा है कि नववर्ष की शुरुआत में ही प्रशासन कोई बखेड़ा नहीं चाहता। जानकारों के अनुसार शाम चार बजे के करीब शुरू हुई मीटिंग कमेटी रूम में देर शाम तक चली। बताया गया कि अधिकारियों के साथ हुई बैठक बेनतीजा रही। इसके बाद सोमवार को फिर हड़ताल का बिगुल बजने की संभावना है। मीटिंग में रविंद्र तोमर, भूषण कुमार, विष्णु नाथ, नीलकंठ शर्मा, मनीष बालदा आदि ने प्रतिनिधित्व किया।
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अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र।
विभिन्न मांगों को लेकर हड़ताल कर रहे गैर शिक्षक कर्मियों के आर-पार की लड़ाई का ऐलान करते ही केयू प्रशासन की सांसें अटक गई हैं। हड़ताल के चलते यूनिवर्सिटी की फजीहत होते देख यूनिवर्सिटी उच्च अधिकारियों ने कुंटिया पदाधिकारियों से बातचीत करने में भलाई समझी और दिन ढलते-ढलते वीसी कार्यालय से बुलावा भी आ गया। बताया जा रहा है कि अवकाश होने पर भी ओवरटाइम करने अधिकांश कर्मी यूनिवर्सिटी आते थे, लेकिन कुंटिया के आह्वान पर किसी भी गैर शिक्षक ने शुक्रवार को यूनिवर्सिटी में कार्य नहीं किया।
नए साल पर कामकाज रफ्तार पकड़ने की बजाय धीमा होता देख यूनिवर्सिटी प्रशासन ने आखिरकार शुक्रवार शाम को कुंटिया कार्यकारिणी को कमेटी रूम में बुला लिया। हालांकि, कुंटिया सदस्यों ने दबे स्वर में बैठक करने का कारण यूनिवर्सिटी का कामकाज लटकने की वजह बताया। बताया जा रहा है कि नववर्ष की शुरुआत में ही प्रशासन कोई बखेड़ा नहीं चाहता। जानकारों के अनुसार शाम चार बजे के करीब शुरू हुई मीटिंग कमेटी रूम में देर शाम तक चली। बताया गया कि अधिकारियों के साथ हुई बैठक बेनतीजा रही। इसके बाद सोमवार को फिर हड़ताल का बिगुल बजने की संभावना है। मीटिंग में रविंद्र तोमर, भूषण कुमार, विष्णु नाथ, नीलकंठ शर्मा, मनीष बालदा आदि ने प्रतिनिधित्व किया।
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