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23 फरवरी का आंदोलन सरकार के गले की फांस बनेगा: चढूनी
Updated Sat, 30 Dec 2017 12:13 AM IST
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सरकार के गले की फांस बनेगा 23 फरवरी का आंदोलन : चढूनी
अमर उजाला
शाहाबाद।
भारतीय किसान यूनियन की सात सदस्यीय कोर कमेटी के सदस्य और भाकियू हरियाणा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी ने नारा दिया है कि खुशहाली के दो आयाम ऋणमुक्ति और पूरे दाम। उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि भाकियू सहित देश के सभी किसान संगठन 23 फरवरी से राष्ट्रीय स्तर की आंदोलन की तैयारी में जुटे हैं।
इसमें पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान और यूपी के किसान तो ट्रैक्टर ट्रॉलियों पर दिल्ली का घेराव करेंगे, जबकि शेष राज्यों के किसान अपने अपने संबंधित राज्यों में सड़कों पर उतरेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार समय रहते किसानों की समस्याओं का समाधान करें और मांगें पूरी करें। ऐसा न करने पर 23 फरवरी से आरंभ होने वाला आंदोलन सरकार के गले की फांस बन जाएगा। उन्होंने दोहराया कि संपूर्ण कर्जा माफी उनकी मांग है और यदि सरकार वास्तव में किसान की दशा सुधारना चाहती है तो फसलों के लागत मूल्य पर उन्हें 50 प्रतिशत मुनाफा सुनिश्चत करें जो भाजपा के चुनावी घोषणा पत्र में भी शामिल है। सभी फसलों की खरीद की सरकार गारंटी लें और इनका न्यूनतम समर्थन मूल्य निर्धारित करें। उन्होंने गोभी, टमाटर, आलू, प्याज आदि सब्जियों का एमएसपी तय करने और इनकी खरीद भी सुनिश्चित करने की मांग की।
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अमर उजाला
शाहाबाद।
भारतीय किसान यूनियन की सात सदस्यीय कोर कमेटी के सदस्य और भाकियू हरियाणा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी ने नारा दिया है कि खुशहाली के दो आयाम ऋणमुक्ति और पूरे दाम। उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि भाकियू सहित देश के सभी किसान संगठन 23 फरवरी से राष्ट्रीय स्तर की आंदोलन की तैयारी में जुटे हैं।
इसमें पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान और यूपी के किसान तो ट्रैक्टर ट्रॉलियों पर दिल्ली का घेराव करेंगे, जबकि शेष राज्यों के किसान अपने अपने संबंधित राज्यों में सड़कों पर उतरेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार समय रहते किसानों की समस्याओं का समाधान करें और मांगें पूरी करें। ऐसा न करने पर 23 फरवरी से आरंभ होने वाला आंदोलन सरकार के गले की फांस बन जाएगा। उन्होंने दोहराया कि संपूर्ण कर्जा माफी उनकी मांग है और यदि सरकार वास्तव में किसान की दशा सुधारना चाहती है तो फसलों के लागत मूल्य पर उन्हें 50 प्रतिशत मुनाफा सुनिश्चत करें जो भाजपा के चुनावी घोषणा पत्र में भी शामिल है। सभी फसलों की खरीद की सरकार गारंटी लें और इनका न्यूनतम समर्थन मूल्य निर्धारित करें। उन्होंने गोभी, टमाटर, आलू, प्याज आदि सब्जियों का एमएसपी तय करने और इनकी खरीद भी सुनिश्चित करने की मांग की।
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