{"_id":"59d916724f1c1b76678b4955","slug":"181507399282-kurukshetra-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"समय का उचित प्रबंधन जरूरी: प्रो. पवन शर्मा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
समय का उचित प्रबंधन जरूरी: प्रो. पवन शर्मा
Updated Sat, 07 Oct 2017 11:31 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
समय का उचित प्रबंधन जरूरी: प्रो. पवन शर्मा
अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र।
कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के छात्र कल्याण अधिष्ठाता प्रो. पवन कुमार शर्मा ने कहा है कि भारतीय संस्कृति सबसे समृद्ध है। हमारी दिनचर्या हमें समयबद्ध कार्य करने के लिए प्रेरित करती है। पहले हम खेल-खेल में समय प्रबंधन सीख लेते थे, लेकिन अब यह व्यवस्था धीरे-धीरे खत्म हो रही है। समय प्रबंधन हम अपने परिवार से ही सीखते हैं। इसलिए जरूरत है कि परिवार का माहौल इस तरह का हो कि बच्चे अपने आप ही इस व्यवस्था में ढल जाएं। वे शनिवार को यूनिवर्सिटी सीनियर सेकेंडरी मॉडल स्कूल में समय प्रबंधन विषय पर आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला को मुख्यातिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर स्कूल की प्रधानाचार्य प्रोमिला बत्रा ने मुख्या अतिथि प्रो. पवन शर्मा, विशिष्ट अतिथि प्रो. रामकरण और मुख्य वक्ता प्रो. आरके सिंगला के विषय में बताया। कहा कि समय हाथों से फिसलता है, इसलिए इस तरह की कार्यशाला समय-समय पर आयोजित होनी चाहिए।
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र।
कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के छात्र कल्याण अधिष्ठाता प्रो. पवन कुमार शर्मा ने कहा है कि भारतीय संस्कृति सबसे समृद्ध है। हमारी दिनचर्या हमें समयबद्ध कार्य करने के लिए प्रेरित करती है। पहले हम खेल-खेल में समय प्रबंधन सीख लेते थे, लेकिन अब यह व्यवस्था धीरे-धीरे खत्म हो रही है। समय प्रबंधन हम अपने परिवार से ही सीखते हैं। इसलिए जरूरत है कि परिवार का माहौल इस तरह का हो कि बच्चे अपने आप ही इस व्यवस्था में ढल जाएं। वे शनिवार को यूनिवर्सिटी सीनियर सेकेंडरी मॉडल स्कूल में समय प्रबंधन विषय पर आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला को मुख्यातिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर स्कूल की प्रधानाचार्य प्रोमिला बत्रा ने मुख्या अतिथि प्रो. पवन शर्मा, विशिष्ट अतिथि प्रो. रामकरण और मुख्य वक्ता प्रो. आरके सिंगला के विषय में बताया। कहा कि समय हाथों से फिसलता है, इसलिए इस तरह की कार्यशाला समय-समय पर आयोजित होनी चाहिए।