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अहम का त्याग कर देने से जीवन होगा सार्थक : गुरविंद्र सिंह
Updated Tue, 21 Nov 2017 12:30 AM IST
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अहम का त्याग कर देने से जीवन होगा सार्थक : गुरविंद्र सिंह
अमर उजाला ब्यूरो
पिहोवा।
डेरा उदासीन ब्रह्म अखाड़ा लोक भलाई ट्रस्ट मांडी में मनाए जा रहे बाबा श्रीचंद देव के 523वें प्रकाशोत्सव के अंतिम दिन महान संत समागम हुआ। इसमें रागी ढाड़ी जत्थों और संत महात्माओं ने संगत को गुरबाणी के शबदों से निहाल किया। संत बाबा गुरविंद्र सिंह ने कहा कि गुरुबाणी मानवता का सार है। सेवा और सिमरन करना दिनचर्या का हिस्सा होना चाहिए। इससे मानसिक विकारों से मुक्ति मिलती है। सुबह ब्रह्म मुहुर्त में उठकर जो व्यक्ति सिमरन करता है, उस पर कभी कष्ट नहीं होता है।
उन्होंने कहा कि व्यक्ति का सबसे बड़ा शत्रु अहम है। जिस व्यक्ति में अहम का नशा हो जाता है, उस व्यक्ति का नाश हो जाता है। जो व्यक्ति अहम का त्याग कर देता है, उसका जीवन सार्थक हो जाता है। कार्यक्रम में विभिन्न प्रदेशों से आई सिख संगत ने माथा टेका। मेले में लोगों ने झूलों और घुड़सवारी सहित कई चीजों का आनंद लिया। समारोह में 200 से अधिक युवाओं ने अमृत पान कर पूर्ण रूप से सिखी में आस्था जताई। इस मौके पर गुरमति विद्यालय दल बाबा विधि चंद , बहुलवलीन सिंह अकाली जत्था अमृतसर, संत बाबा प्रेम सिंह बुड्डा दल 96 करोड़ी हजूर साहिब, बाबा कश्मीरा सिंह, बाबा अवतार सिंह मुखी दल बाबा विधि चंद, सुर सिंह वाले, तरसेम सिंह मोरांवली, महंत महेश मुनि उदासीन अखाड़ा, सूफी संत गुलाम हैदर अली कादरी बरनाला, बाबा जोगा सिंह असंध, बाबा प्रीतम सिंह राजपुरा, भाई नवलीन सिंह जवधि टकसाल लुधियाना, बाबा ज्ञान देव हरिद्वार, संत बाबा हरि सिंह, बाबा बंता सिंह, ज्ञानी अवतार सिंह शीतल हेड ग्रंथी हजूर साहिब नांदेड़, हरमंदिर साहिब के हेड ग्रंथी ज्ञानी जगतार सिंह, ज्ञानी कुलवंत सिंह लुधियाना, पिहोवा से विधायक जसविंद्र सिंह संधू, विधायक बख्शीश सिंह विर्क, विधायक दिनेश कौशिक, चेयरमैन भारत भूषण भारती, कांग्रेस नेता अमन चीमा, पूर्व मंत्री हरमोहिंद्र सिंह चट्ठा, मनदीप चट्ठा, एसजीपीसी सदस्य अपार सिंह, हरभजन मसाना आदि संगत मौजूद रही।
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अमर उजाला ब्यूरो
पिहोवा।
डेरा उदासीन ब्रह्म अखाड़ा लोक भलाई ट्रस्ट मांडी में मनाए जा रहे बाबा श्रीचंद देव के 523वें प्रकाशोत्सव के अंतिम दिन महान संत समागम हुआ। इसमें रागी ढाड़ी जत्थों और संत महात्माओं ने संगत को गुरबाणी के शबदों से निहाल किया। संत बाबा गुरविंद्र सिंह ने कहा कि गुरुबाणी मानवता का सार है। सेवा और सिमरन करना दिनचर्या का हिस्सा होना चाहिए। इससे मानसिक विकारों से मुक्ति मिलती है। सुबह ब्रह्म मुहुर्त में उठकर जो व्यक्ति सिमरन करता है, उस पर कभी कष्ट नहीं होता है।
उन्होंने कहा कि व्यक्ति का सबसे बड़ा शत्रु अहम है। जिस व्यक्ति में अहम का नशा हो जाता है, उस व्यक्ति का नाश हो जाता है। जो व्यक्ति अहम का त्याग कर देता है, उसका जीवन सार्थक हो जाता है। कार्यक्रम में विभिन्न प्रदेशों से आई सिख संगत ने माथा टेका। मेले में लोगों ने झूलों और घुड़सवारी सहित कई चीजों का आनंद लिया। समारोह में 200 से अधिक युवाओं ने अमृत पान कर पूर्ण रूप से सिखी में आस्था जताई। इस मौके पर गुरमति विद्यालय दल बाबा विधि चंद , बहुलवलीन सिंह अकाली जत्था अमृतसर, संत बाबा प्रेम सिंह बुड्डा दल 96 करोड़ी हजूर साहिब, बाबा कश्मीरा सिंह, बाबा अवतार सिंह मुखी दल बाबा विधि चंद, सुर सिंह वाले, तरसेम सिंह मोरांवली, महंत महेश मुनि उदासीन अखाड़ा, सूफी संत गुलाम हैदर अली कादरी बरनाला, बाबा जोगा सिंह असंध, बाबा प्रीतम सिंह राजपुरा, भाई नवलीन सिंह जवधि टकसाल लुधियाना, बाबा ज्ञान देव हरिद्वार, संत बाबा हरि सिंह, बाबा बंता सिंह, ज्ञानी अवतार सिंह शीतल हेड ग्रंथी हजूर साहिब नांदेड़, हरमंदिर साहिब के हेड ग्रंथी ज्ञानी जगतार सिंह, ज्ञानी कुलवंत सिंह लुधियाना, पिहोवा से विधायक जसविंद्र सिंह संधू, विधायक बख्शीश सिंह विर्क, विधायक दिनेश कौशिक, चेयरमैन भारत भूषण भारती, कांग्रेस नेता अमन चीमा, पूर्व मंत्री हरमोहिंद्र सिंह चट्ठा, मनदीप चट्ठा, एसजीपीसी सदस्य अपार सिंह, हरभजन मसाना आदि संगत मौजूद रही।
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