{"_id":"5af344044f1c1b3b0b8b8fc6","slug":"161525892100-kurukshetra-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"नगर परिषद के 411 सफाई कर्मचारी हड़ताल पर, शहर में चरमराने लगी सफाई व्यवस्था","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नगर परिषद के 411 सफाई कर्मचारी हड़ताल पर, शहर में चरमराने लगी सफाई व्यवस्था
Updated Thu, 10 May 2018 12:25 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कुरुक्षेत्र। नगर परिषद के नियमित से लेकर अनुबंधित व दैनिक वेतन भोगी सहित सभी 411 सफाई कर्मचारी विभिन्न मांगों को लेकर तीन दिन के लिए हड़ताल पर चले गए हैं इससे पहले दिन ही शहर में सफाई व्यवस्था चरमराने लगी है। शहर में पहले दिन से ही कूड़े के ढेर नजर आने लगे है तो वहीं अगले दो दिन ओर यह समस्या गहराने की उम्मीद बनी हुई है, जिसके चलते नगर परिषद अधिकारियों के हाथ-पांव फूले हुए हैं और पूरे हालात से जिला उपायुक्त को भी अवगत करा दिया गया है। अधिकारी दिन भर सरकार की ओर से हड़ताल पर गए कर्मचारियों के खिलाफ की जाने वाली कार्रवाई के आदेशों की बाट जोहते रहे।
राजकीय आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय प्रशासन को भी स्कूल के बाहर पड़ी गंदगी से बच्चों में बीमारी फैलने की आशंका बनी हुई है, जिससे नगर परिषद प्रशासन को अवगत करवा दिया है। लोगों की शिकायतों पर भी अधिकारी कोई जवाब नहीं दे पा रहे हैं। परिषद के कर्मचारियों के पास सुबह ही जहां टेलीफोन से गंदगी पड़ी होने की दर्जनों शिकायतें आने लगी तो वहीं करीब दर्जन भर शिकायतें लिखित में भी पहुंची। हालांकि प्रशासन ने इस शिकायतों पर जल्द सफाई व्यवस्था दुरुस्त करवाने का आश्वासन दिया, लेकिन इसके साथ ही अपनी बेबसी भी जाहिर की। बता दें कि करीब तीन माह पहले शहर में चलाए गए सफाई अभियान से जहां कूड़े के ढेर कम होने लगे थे तो वहीं स्वच्छता सर्वेक्षण टीम के निरीक्षण के दौरान शहर को चकाचक बनाए जाने के भरसक प्रयास किए गए थे। अब इन प्रयासों पर ग्रहण लगता दिखाई देने लगा है।
दिन भर दिया धरना, जमकर की नारेबाजी
अपनी मांगों को लेकर सफाई कर्मचारी सुबह से ही नगर पालिका कर्मचारी संघ के बैनर तले हड़ताल पर उतर आए और परिषद कार्यालय पर ही दिन भर धरना दिया तो जमकर रोष भी जताया। धरने की अध्यक्षता फतेह सिंह ने की जबकि संचालन राज्य कार्यकारिणी सदस्य सुभाष गुंसर ने किया। इस दौरान सर्व कर्मचारी संघ के जिला उपप्रधान आनंद, ओमप्रकाश, बनारसी , गुरचरण, सतीश दरोगा, धर्मपाल, राजेंद्र, मोहन लाल, नरेश, सुरेंद्र, प्रदीप, धर्मवीर, नीरा, उषा, शंकुतला, मूर्ति, कमलेश सहित भारी संख्या में कर्मचारी उपस्थित रहे। हड़ताल पर उतरे कर्मचारियों को एसकेएस के अलावा जनस्वास्थ्य विभाग, बिजली निगम कर्मचारी संघ ने भी समर्थन किया। उधर इस धरने में फायर ब्रिगेड के अस्थाई कर्मचारी भी शामिल रहे।
विज्ञापन
गंदगी के कारण बच्चों में बीमारी फैलने का खतरा : शर्मा
राजकीय मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल की प्राचार्य संतोष शर्मा ने नगर परिषद ईओ को पत्र लिखा है, जिसमें उन्होंने स्पष्ट कहा कि स्कूल के बाहर व आसपास सफाई का कोई प्रबंध नहीं है। गंदगी पड़ी होने से बच्चों में बीमारी फैलने का खतरा बना हुआ है तो वहीं स्कूल के मुख्य गेट के बाहर खड़ी रहने वाली रेहड़ियां गंदगी के ढेर बढ़ा रही है। इन रेहड़ियों से हादसा होने की आशंका से भी इंकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने सफाई करवाए जाने व रेहड़ियां हटाने की मांग की है। इसके लिए बकायदा एक पत्र एसएचओ केयूके थाना को भी दिया गया ।
बुधवार को नगर परिषद के हड़ताल पर गए सफाई कर्मचारियों का ब्योरा
कर्मचारी कुल कर्मचारी हड़ताल पर ड्यूटी पर छुट्टी पर
नियमित 94 93 कोई नहीं 1
अनुबंधित 316 314 2 कोई नहीं
दैनिक वेतनभोगी 4 4 कोई नहीं कोई नहीं
आउट सोर्सिंग एजेंसी डंपर ड्राइवर 88 कोई नहीं 84 4
यहां आउट सोर्सिंग सफाई कर्मी करते रहे काम
सेक्टर 2, 3, 5, 7, 13 के अलावा गीता द्वार पिपली रोड से केयू थर्ड गेट तक आउट सोर्सिंग सफाई कर्मियों द्वारा काम किए जाने का दावा नगर परिषद अधिकारियों द्वारा किया गया ।
जिला उपायुक्त से कराया हालात से अवगत
नगर परिषद के अधिकारी जहां हड़ताल पर उतरे कर्मचारियों के समक्ष बेबस नजर आए वहीं पूरे हालात से जिला उपायुक्त को लिखित में अवगत कराया गया। इसमें स्पष्ट किया गया कि कितने कर्मचारी सफाई के लिए तैनात है और कितने हड़ताल पर गए है और इनसे शहर का कितना क्षेत्र प्रभावित हुआ है।
ये हैं मांगें
- सरकार के साथ वर्ष 2017 में हुए समझौते को लागू किया जाए।
- ठेका प्रथा बंद कर अस्थायी कर्मचारियों को पक्का किया जाए।
- इसके अलावा अग्निशमन विभाग में 1360 अस्थायी कर्मचारियों को फायर आपरेटर के पदों पर समायोजित किया जाए ।
- 1646 फायर आपरेटरों की भर्ती को रद्द किया जाए।
- समान काम, समान वेतन लागू किया जाए ।
- 7वें वेतन आयोग की विसंगतियों को दूर किया जाए।
सरकार के आदेशानुसार की जाएगी कार्रवाई : भारती
नगर परिषद ईओ बीएन भारती का कहना है कि सभी सफाई कर्मचारी हड़ताल पर उतरे हुए है। उनके पास अनेकों शिकायतें सफाई व्यवस्था को लेकर पहुंची है। कर्मचारियों ने तीन दिन की हड़ताल का ऐलान किया हुआ है। इन कर्मचारियों को ड्यूटी पर लौटने की अपील की गई है, लेकिन हड़ताल पर अड़े हुए है। पूरे हालात से जिला उपायुक्त से लेकर प्रदेश सरकार को भी अवगत करवा दिया है। जैसे ही आदेश होंगे उसी अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
फोटो नंबर: 21
पिहोवा में भी तीन दिन की हड़ताल पर कर्मचारी
पिहोवा। अपनी मांगों के समर्थन में पालिका सफाई व अग्निशमन विभाग के कर्मचारियों ने पालिका परिसर में सरकार के खिलाफ धरना प्रदर्शन किया। यूनियन के प्रधान राजकुमार ने कहा कि प्रदेश सरकार उनकी मांग की तरफ ध्यान नहीं दे रही है। इससे कर्मचारियों में रोष व्याप्त है। हड़ताल पर उतरे कर्मचारियों को एसकेएस के अलावा जन स्वास्थ्य विभाग, बिजली निगम कर्मचारी संघ ने भी समर्थन किया। इस मौके पर पोलाराम, सुनील कुमार, सुरेश कुमार, अब्दुल्ला, राजकुमार, अमित शर्मा, कुलवंत राय, कृष्णा देवी, गेजो देवी, ऊषा देवी सहित कई कर्मचारी मौजूद रहे।
विज्ञापन
राजकीय आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय प्रशासन को भी स्कूल के बाहर पड़ी गंदगी से बच्चों में बीमारी फैलने की आशंका बनी हुई है, जिससे नगर परिषद प्रशासन को अवगत करवा दिया है। लोगों की शिकायतों पर भी अधिकारी कोई जवाब नहीं दे पा रहे हैं। परिषद के कर्मचारियों के पास सुबह ही जहां टेलीफोन से गंदगी पड़ी होने की दर्जनों शिकायतें आने लगी तो वहीं करीब दर्जन भर शिकायतें लिखित में भी पहुंची। हालांकि प्रशासन ने इस शिकायतों पर जल्द सफाई व्यवस्था दुरुस्त करवाने का आश्वासन दिया, लेकिन इसके साथ ही अपनी बेबसी भी जाहिर की। बता दें कि करीब तीन माह पहले शहर में चलाए गए सफाई अभियान से जहां कूड़े के ढेर कम होने लगे थे तो वहीं स्वच्छता सर्वेक्षण टीम के निरीक्षण के दौरान शहर को चकाचक बनाए जाने के भरसक प्रयास किए गए थे। अब इन प्रयासों पर ग्रहण लगता दिखाई देने लगा है।
विज्ञापन
दिन भर दिया धरना, जमकर की नारेबाजी
अपनी मांगों को लेकर सफाई कर्मचारी सुबह से ही नगर पालिका कर्मचारी संघ के बैनर तले हड़ताल पर उतर आए और परिषद कार्यालय पर ही दिन भर धरना दिया तो जमकर रोष भी जताया। धरने की अध्यक्षता फतेह सिंह ने की जबकि संचालन राज्य कार्यकारिणी सदस्य सुभाष गुंसर ने किया। इस दौरान सर्व कर्मचारी संघ के जिला उपप्रधान आनंद, ओमप्रकाश, बनारसी , गुरचरण, सतीश दरोगा, धर्मपाल, राजेंद्र, मोहन लाल, नरेश, सुरेंद्र, प्रदीप, धर्मवीर, नीरा, उषा, शंकुतला, मूर्ति, कमलेश सहित भारी संख्या में कर्मचारी उपस्थित रहे। हड़ताल पर उतरे कर्मचारियों को एसकेएस के अलावा जनस्वास्थ्य विभाग, बिजली निगम कर्मचारी संघ ने भी समर्थन किया। उधर इस धरने में फायर ब्रिगेड के अस्थाई कर्मचारी भी शामिल रहे।
विज्ञापन
गंदगी के कारण बच्चों में बीमारी फैलने का खतरा : शर्मा
राजकीय मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल की प्राचार्य संतोष शर्मा ने नगर परिषद ईओ को पत्र लिखा है, जिसमें उन्होंने स्पष्ट कहा कि स्कूल के बाहर व आसपास सफाई का कोई प्रबंध नहीं है। गंदगी पड़ी होने से बच्चों में बीमारी फैलने का खतरा बना हुआ है तो वहीं स्कूल के मुख्य गेट के बाहर खड़ी रहने वाली रेहड़ियां गंदगी के ढेर बढ़ा रही है। इन रेहड़ियों से हादसा होने की आशंका से भी इंकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने सफाई करवाए जाने व रेहड़ियां हटाने की मांग की है। इसके लिए बकायदा एक पत्र एसएचओ केयूके थाना को भी दिया गया ।
बुधवार को नगर परिषद के हड़ताल पर गए सफाई कर्मचारियों का ब्योरा
कर्मचारी कुल कर्मचारी हड़ताल पर ड्यूटी पर छुट्टी पर
नियमित 94 93 कोई नहीं 1
अनुबंधित 316 314 2 कोई नहीं
दैनिक वेतनभोगी 4 4 कोई नहीं कोई नहीं
आउट सोर्सिंग एजेंसी डंपर ड्राइवर 88 कोई नहीं 84 4
यहां आउट सोर्सिंग सफाई कर्मी करते रहे काम
सेक्टर 2, 3, 5, 7, 13 के अलावा गीता द्वार पिपली रोड से केयू थर्ड गेट तक आउट सोर्सिंग सफाई कर्मियों द्वारा काम किए जाने का दावा नगर परिषद अधिकारियों द्वारा किया गया ।
जिला उपायुक्त से कराया हालात से अवगत
नगर परिषद के अधिकारी जहां हड़ताल पर उतरे कर्मचारियों के समक्ष बेबस नजर आए वहीं पूरे हालात से जिला उपायुक्त को लिखित में अवगत कराया गया। इसमें स्पष्ट किया गया कि कितने कर्मचारी सफाई के लिए तैनात है और कितने हड़ताल पर गए है और इनसे शहर का कितना क्षेत्र प्रभावित हुआ है।
ये हैं मांगें
- सरकार के साथ वर्ष 2017 में हुए समझौते को लागू किया जाए।
- ठेका प्रथा बंद कर अस्थायी कर्मचारियों को पक्का किया जाए।
- इसके अलावा अग्निशमन विभाग में 1360 अस्थायी कर्मचारियों को फायर आपरेटर के पदों पर समायोजित किया जाए ।
- 1646 फायर आपरेटरों की भर्ती को रद्द किया जाए।
- समान काम, समान वेतन लागू किया जाए ।
- 7वें वेतन आयोग की विसंगतियों को दूर किया जाए।
सरकार के आदेशानुसार की जाएगी कार्रवाई : भारती
नगर परिषद ईओ बीएन भारती का कहना है कि सभी सफाई कर्मचारी हड़ताल पर उतरे हुए है। उनके पास अनेकों शिकायतें सफाई व्यवस्था को लेकर पहुंची है। कर्मचारियों ने तीन दिन की हड़ताल का ऐलान किया हुआ है। इन कर्मचारियों को ड्यूटी पर लौटने की अपील की गई है, लेकिन हड़ताल पर अड़े हुए है। पूरे हालात से जिला उपायुक्त से लेकर प्रदेश सरकार को भी अवगत करवा दिया है। जैसे ही आदेश होंगे उसी अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
फोटो नंबर: 21
पिहोवा में भी तीन दिन की हड़ताल पर कर्मचारी
पिहोवा। अपनी मांगों के समर्थन में पालिका सफाई व अग्निशमन विभाग के कर्मचारियों ने पालिका परिसर में सरकार के खिलाफ धरना प्रदर्शन किया। यूनियन के प्रधान राजकुमार ने कहा कि प्रदेश सरकार उनकी मांग की तरफ ध्यान नहीं दे रही है। इससे कर्मचारियों में रोष व्याप्त है। हड़ताल पर उतरे कर्मचारियों को एसकेएस के अलावा जन स्वास्थ्य विभाग, बिजली निगम कर्मचारी संघ ने भी समर्थन किया। इस मौके पर पोलाराम, सुनील कुमार, सुरेश कुमार, अब्दुल्ला, राजकुमार, अमित शर्मा, कुलवंत राय, कृष्णा देवी, गेजो देवी, ऊषा देवी सहित कई कर्मचारी मौजूद रहे।