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सरकारी फाइलों के चक्रव्यूह में फंसा अमीन का नया नाम अभिमन्यु पुर
Updated Sun, 11 Mar 2018 12:24 AM IST
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सरकारी फाइलों के चक्रव्यूह में फंसा अमीन का नया नाम अभिमन्युपुर
अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र।
सीएम अमीन गांव का नाम अभिमन्यु पुर कर चुके हैं। लेकिन, करीब छह महीने से यह नाम प्रदेश सरकार की फाइलों के चक्रव्यूह में फंसा हुआ है। बता दें कि अमीन वही गांव हैं, जहां पांच हजार साल पहले महाभारत युद्ध के दौरान अभिमन्यु का वध करने के लिए कौरव सेना ने चक्रव्यूह की रचना की थी। गांव अमीन के लोग चाहते थे कि अब नाम परिवर्तन करके अभिमन्युपुर होना चाहिये। इससे इस स्थल की खास पहचान बनी रहे और लोग भी इसे इसी नाम से जानें।
सीएम मनोहर लाल 13 अक्तूबर 2017 को कुरुक्षेत्र में अष्टकोसी परिक्रमा की शुरुआत करते समय गांव अमीन के पौराणिक तीर्थ अदिति वन सूर्यकुंड पहुंचे थे। वहां अमीन के सूर्यकुंड पर आयोजित कार्यक्रम में सीएम ने अमीन का नाम उसी दिन से अभिमन्युपुर करने की घोषणा की थी। उस वक्त सीएम ने महाभारत कालीन वीर अभिमन्यु वध से जुड़े अमीन तीर्थ का अवलोकन किया था। सीएम ने गांव का नाम परिवर्तन करने के साथ ही मुख्य मार्ग को चौड़ा करने, पंचायत के जगह उपलब्ध कराने पर अभिमन्यु का स्मारक बनवाने का भी आश्वासन दिया था। इस घोषणा को करीब छह महीने हो चुके हैं, लेकिन अभी तक स्मारक और सड़कें चौड़ी होना तो दूर गांव के नाम परिवर्तन का नोटिफिकेशन तक जारी नहीं हुआ। गांव के लोगों में इससे रोष है। अमीन निवासी सुमीत कुमार और जसमेर सिंह ने बताया कि सरकार कुरुक्षेत्र के विकास के लिए घोषणाएं तो करती है, लेकिन उन पर काम नहीं होता। सरकार को चाहिए कि महाभारतकालीन इस स्थल का महत्व समझते हुए घोषणाओं को जल्द पूरा करे। इससे अभिमन्यु जैसे क्षेत्र का विकास होगा। साथ ही कुरुक्षेत्र के 48 कोस में स्थित तीर्थों के विकास को गति मिलेगी। थानेसर के एसडीएम का अरिरिक्त कार्यभार संभाल रहे सिटी मजिस्ट्रेट कुंवर सिंह का कहना है कि गांव अमीन का नाम परिवर्तन संबंधित उन्हें जानकारी नहीं है। न ही इस संदर्भ में अभी तक कोई फाइल उनके पास आई है।
सीएम की घोषणाओं में से एक तो पूरी होती : राजेश
पूर्व सरपंच पिंकी देवी के पति राजेश शर्मा का कहना है कि घोषणा को करीब छह महीने होने जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने उनके गांव में आकर मुख्य तीन घोषणाएं की थीं। इनमें से कम से कम एक काम तो होना चाहिये था। उनके मुताबिक अमीन गांव महाभारतकालीन कुरुक्षेत्र के प्रमुख स्थलों में से एक है। इसका महत्व महाभारत से भी पुराना है। यदि यहां स्थित प्रमुख स्थलों का संरक्षण किया जाए तो यह धार्मिक स्थल के साथ ही पर्यटन स्थल भी बन सकता है।
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सीएम की घोषणा के बाद पंचायत पास कर चुकी है प्रस्ताव
गांव अमीन के सरपंच पुनर्वसु ने बताया कि सीएम की घोषणा के बावजूद उनके गांव नाम अभिमन्युपुर नहीं हो सका है। कहा कि शायद नाम परिवर्तन के लिए प्रक्रिया जारी हो। उन्होंने बताया कि गांव का नाम परिवर्तन करने के लिए पंचायत प्रस्ताव पारित कर चुकी है। अब अगली कार्रवाई सरकार को करनी है। उन्होंने मुख्यमंत्री के आगमन के दौरान सड़क चौड़ी करने की मांग रखी थी। इसे पूरा करने की घोषणा सीएम ने की थी। इस पर भी अब तक काम नहीं हुआ है।
सीएम की घोषणा के बाद भी नहीं बदला नाम
जिले के एक बड़े अधिकारी से जब इस बारे में पूछा गया तो वह बोले कि जब मुख्यमंत्री के कहने के बावजूद सरकार के उच्च अधिकारी छह महीने में गांव का नाम परिवर्तन के लिए एक नोटिफिकेन तक नहीं जारी कर सके तो और क्या काम करेंगे। नाम न छापने की शर्त पर यह अधिकारी बोले, चल रही है सरकार भाई साहब, कोई नहीं सुनता किसी की। अंदाजा लगा लो सीएम की इस घोषणा से ही...।
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अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र।
सीएम अमीन गांव का नाम अभिमन्यु पुर कर चुके हैं। लेकिन, करीब छह महीने से यह नाम प्रदेश सरकार की फाइलों के चक्रव्यूह में फंसा हुआ है। बता दें कि अमीन वही गांव हैं, जहां पांच हजार साल पहले महाभारत युद्ध के दौरान अभिमन्यु का वध करने के लिए कौरव सेना ने चक्रव्यूह की रचना की थी। गांव अमीन के लोग चाहते थे कि अब नाम परिवर्तन करके अभिमन्युपुर होना चाहिये। इससे इस स्थल की खास पहचान बनी रहे और लोग भी इसे इसी नाम से जानें।
सीएम मनोहर लाल 13 अक्तूबर 2017 को कुरुक्षेत्र में अष्टकोसी परिक्रमा की शुरुआत करते समय गांव अमीन के पौराणिक तीर्थ अदिति वन सूर्यकुंड पहुंचे थे। वहां अमीन के सूर्यकुंड पर आयोजित कार्यक्रम में सीएम ने अमीन का नाम उसी दिन से अभिमन्युपुर करने की घोषणा की थी। उस वक्त सीएम ने महाभारत कालीन वीर अभिमन्यु वध से जुड़े अमीन तीर्थ का अवलोकन किया था। सीएम ने गांव का नाम परिवर्तन करने के साथ ही मुख्य मार्ग को चौड़ा करने, पंचायत के जगह उपलब्ध कराने पर अभिमन्यु का स्मारक बनवाने का भी आश्वासन दिया था। इस घोषणा को करीब छह महीने हो चुके हैं, लेकिन अभी तक स्मारक और सड़कें चौड़ी होना तो दूर गांव के नाम परिवर्तन का नोटिफिकेशन तक जारी नहीं हुआ। गांव के लोगों में इससे रोष है। अमीन निवासी सुमीत कुमार और जसमेर सिंह ने बताया कि सरकार कुरुक्षेत्र के विकास के लिए घोषणाएं तो करती है, लेकिन उन पर काम नहीं होता। सरकार को चाहिए कि महाभारतकालीन इस स्थल का महत्व समझते हुए घोषणाओं को जल्द पूरा करे। इससे अभिमन्यु जैसे क्षेत्र का विकास होगा। साथ ही कुरुक्षेत्र के 48 कोस में स्थित तीर्थों के विकास को गति मिलेगी। थानेसर के एसडीएम का अरिरिक्त कार्यभार संभाल रहे सिटी मजिस्ट्रेट कुंवर सिंह का कहना है कि गांव अमीन का नाम परिवर्तन संबंधित उन्हें जानकारी नहीं है। न ही इस संदर्भ में अभी तक कोई फाइल उनके पास आई है।
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सीएम की घोषणाओं में से एक तो पूरी होती : राजेश
पूर्व सरपंच पिंकी देवी के पति राजेश शर्मा का कहना है कि घोषणा को करीब छह महीने होने जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने उनके गांव में आकर मुख्य तीन घोषणाएं की थीं। इनमें से कम से कम एक काम तो होना चाहिये था। उनके मुताबिक अमीन गांव महाभारतकालीन कुरुक्षेत्र के प्रमुख स्थलों में से एक है। इसका महत्व महाभारत से भी पुराना है। यदि यहां स्थित प्रमुख स्थलों का संरक्षण किया जाए तो यह धार्मिक स्थल के साथ ही पर्यटन स्थल भी बन सकता है।
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सीएम की घोषणा के बाद पंचायत पास कर चुकी है प्रस्ताव
गांव अमीन के सरपंच पुनर्वसु ने बताया कि सीएम की घोषणा के बावजूद उनके गांव नाम अभिमन्युपुर नहीं हो सका है। कहा कि शायद नाम परिवर्तन के लिए प्रक्रिया जारी हो। उन्होंने बताया कि गांव का नाम परिवर्तन करने के लिए पंचायत प्रस्ताव पारित कर चुकी है। अब अगली कार्रवाई सरकार को करनी है। उन्होंने मुख्यमंत्री के आगमन के दौरान सड़क चौड़ी करने की मांग रखी थी। इसे पूरा करने की घोषणा सीएम ने की थी। इस पर भी अब तक काम नहीं हुआ है।
सीएम की घोषणा के बाद भी नहीं बदला नाम
जिले के एक बड़े अधिकारी से जब इस बारे में पूछा गया तो वह बोले कि जब मुख्यमंत्री के कहने के बावजूद सरकार के उच्च अधिकारी छह महीने में गांव का नाम परिवर्तन के लिए एक नोटिफिकेन तक नहीं जारी कर सके तो और क्या काम करेंगे। नाम न छापने की शर्त पर यह अधिकारी बोले, चल रही है सरकार भाई साहब, कोई नहीं सुनता किसी की। अंदाजा लगा लो सीएम की इस घोषणा से ही...।