{"_id":"5a1dafb84f1c1b001c8b5b0d","slug":"151511894968-kurukshetra-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"चरित्र निर्माण को लेकर कार्यक्रम का आयोजन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चरित्र निर्माण को लेकर कार्यक्रम का आयोजन
Updated Wed, 29 Nov 2017 12:23 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चरित्र निर्माण को लेकर कार्यक्रम का आयोजन
अमर उजाला ब्यूरो
इस्माईलाबाद। गांव ठोल के ऑलिव स्कूल में विद्यार्थियों के चरित्र निर्माण को लेकर एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में नन्हें-मुन्ने विद्यार्थियों ने श्री सुखमणी साहिब के पाठ का उच्चारण किया। इस कार्यक्रम का शुभारंभ स्कूल अध्यक्ष सरिता मनूजा ने किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से सभी में सकारात्मक ऊर्जा का संचार तो होता है। कार्यक्रम में सभी दस गुरुओं के जीवन के बारे में विस्तार से बताया गया। स्कूली बच्चों ने इस कार्यक्रम में शबद कीर्तन के साथ पवित्र भजन भी गाए। स्कूल के विद्यार्थियों ने लंगर बांटने के साथ सभी व्यवस्थाएं संभालीं। बच्चों की इस प्रतिभा की प्रबंधक समिति के सदस्यों, अभिभावकों और स्कूल स्टाफ ने जमकर सराहना की। स्कूल की प्रधानाचार्य शैली बक्शी ने कहा कि ऐसी पहल छात्रों को चरित्र निर्माण, स्वयं से पहले सेवा, टीमवर्क और सभी संस्कृति और परंपराओं के लिए सम्मान में मदद करती है।
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
इस्माईलाबाद। गांव ठोल के ऑलिव स्कूल में विद्यार्थियों के चरित्र निर्माण को लेकर एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में नन्हें-मुन्ने विद्यार्थियों ने श्री सुखमणी साहिब के पाठ का उच्चारण किया। इस कार्यक्रम का शुभारंभ स्कूल अध्यक्ष सरिता मनूजा ने किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से सभी में सकारात्मक ऊर्जा का संचार तो होता है। कार्यक्रम में सभी दस गुरुओं के जीवन के बारे में विस्तार से बताया गया। स्कूली बच्चों ने इस कार्यक्रम में शबद कीर्तन के साथ पवित्र भजन भी गाए। स्कूल के विद्यार्थियों ने लंगर बांटने के साथ सभी व्यवस्थाएं संभालीं। बच्चों की इस प्रतिभा की प्रबंधक समिति के सदस्यों, अभिभावकों और स्कूल स्टाफ ने जमकर सराहना की। स्कूल की प्रधानाचार्य शैली बक्शी ने कहा कि ऐसी पहल छात्रों को चरित्र निर्माण, स्वयं से पहले सेवा, टीमवर्क और सभी संस्कृति और परंपराओं के लिए सम्मान में मदद करती है।