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केयू के इंस्टीटयूट ऑफ इंटीग्रेटेड एंड ऑनर्स स्टडीज में शिक्षकों का टोटा, 300 विद्यार्थियों ने भुगता खामियाजा
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शिक्षकों की किल्लत का खामियाजा भुगत रहे विद्यार्थी
- केयू के इंस्टीटयूट ऑफ इंटीग्रेटेड एंड ऑनर्स स्टडीज 16 के स्थान पर केवल छह शिक्षक तैनात
- बीएससी के पांचवें सेमेस्टर में 300 विद्यार्थियों का कंपार्टमेंट आने से हड़कंप
अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र। विश्वविद्यालय परिसर में स्थित यूनिवर्सिटी कॉलेज को इंस्टीटयूट ऑफ इंटीग्रेटेड एंड ऑनर्स स्टडीज का दर्जा मिलने के बाद भी शिक्षकों किल्लत है। जिसका खामियाजा बीएससी (नान मेडिकल) के पांचवें सेमेस्टर के छात्रों को फिजिक्स जैसे विषय में कंपार्टमेंट के तौर पर भुगतना पड़ रहा है। शिक्षकों की तैनाती की मांग को लेकर बुधवार को संस्थान के छात्रों ने जमकर बवाल काटा और प्राचार्य के दफ्तर में हंगामा किया।
विश्वविद्यालय कैंपस स्टूडेंट कौंसिल के महासचिव शुभम कालिया के नेतृत्व में संस्थान के छात्रों ने बुधवार सुबह विश्वविद्यालय एवं कॉलेज प्रशासन के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। विद्यार्थियों का गुस्सा यही शांत नहीं हुआ, विद्यार्थी नारेबाजी करते हुए कॉलेज प्राचार्य के कार्यालय में घुस गए। वहां मौजूद प्राचार्य ने भड़के विद्यार्थियों को समझाने का काफी प्रयास किया, लेकिन भड़के विद्यार्थियों ने समस्या का समाधान न होने तक मुख्य गेट पर ही धरना शुरू कर दिया और विश्वविद्यायल प्रशासन के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। मामला केयू प्रशासन तक पहुंचा तो डिप्टी प्रॉक्टर मौके पर पहुंची और उन्होंने आश्वासन दिया तो विद्यार्थी शांत हुए। प्रदर्शनकारी विद्यार्थियों ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर 10 मार्च तक उनकी समस्या का समाधान नहीं निकाला गया तो वह मजबूर होकर संस्थान के मुख्यद्वार पर ताला जड़ेंगे। इस अवसर पर एबीवीपी के राष्ट्रीय कलामंच के प्रदेश संयोजक एवं सीआर श्याम रावत व बीपीएसओ के कैंपस अध्यक्ष अरुण गौतम सहित सैकड़ों विद्यार्थी मौजूद रहे।
विभागाध्यक्ष व प्राचार्य के बीच खींचतान,
विद्यार्थियों का आरोप है कि फिजिक्स के विभागाध्यक्ष डा. एसपी गुप्ता और कॉलेज प्राचार्य डॉ. सुरजभान मलिक की आपसी खींचातानी के चलते सैकड़ों विद्यार्थियों के भविष्य से खिलवाड़ किया जा रहा है। बताया कि बीएससी के पांचवें समेस्टर में उनके पास फिजिक्स का कोई शिक्षक नहीं था। उन्होंने खुद कड़ी मेहनत कर फिजिक्स के पेपर की परीक्षा दी, लेकिन कॉलेज प्रशासन ने बीएससी के करीब 300 विद्यार्थियों की इंटरनल असेस्मेंट दर्ज नहीं की। 24 फरवरी को घोषित हुए बीएससी के पांचवें समेस्टर में प्रशासन की इस लापरवाही के चलते सभी विद्यार्थियों की फिजिक्स में कंपार्टमेंट आ गई। इस संदर्भ में पहले भी कई बार कॉलेज प्रशासन को ज्ञापन सौंप चुके हैं, लेकिन प्रशासन अधिकारियों ने कोई कदम नहीं उठाया गया। प्रशासन की अनदेेखी के चलते विद्यार्थी सड़कों पर उतरने को मजबूर हुए हैं। फिजिक्स के विभागाध्यक्ष डॉ. एसपी गुप्ता ने बताया कि शिक्षक पर्याप्त न होने से विद्यार्थी पहले से ही दुखी थे। जब उन्होंने रिप्रेजेंटेशन दी तो करीब आधा दर्जन पर उन्होंने शिक्षकों की कर्मी लिखी। इसके बाद इंटरनल असेसमेंट पर भी लिखा कि न क्लास लगी और न हीं शिक्षक , ऐसे में इस विषय में बच्चों के भविष्य पर विपरित असर पड़ेगा। इसके बावजूद भी प्रशासन ने गंभीरता नहीं दिखाई और इसका खामियाजा विद्यार्थियों को भुगतना पड़ा। एक साथ 300 विद्यार्थियों की कंपार्टमेंट आना बेहद गंभीर एवं सोचनीय विषय है। प्राचार्य एसबी मलिक ने हालांकि इस मामले को लेकर अधिक बातचीत नहीं की , लेकिन उन्होंने दावा किया कि विद्यार्थियों की समस्या का समाधान कर दिया गया है। पहले शिक्षकों की कमी थी जबकि जनवरी माह में सभी पदों पर शिक्षक नियुक्त कर दिए गए है। भविष्य में विद्यार्थियों को शिक्षकों की कमी का सामना नहीं करना पड़ेगा।
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16 में से महज 6 शिक्षक, रिक्त पदों पर नहीं हुई भर्ती
यूनिवर्सिटी कॉलेज को इसी वर्ष जनवरी माह में उक्त संस्थान का दर्जा दिया गया है, लेकिन कुल 70 में से आज भी करीब 12 शिक्षकों की कमी है। इससे पहले भी फिजिक्स विभाग में 10 शिक्षकों का टोटा रहा। जहां 6 स्थाई पदों में से 2 पर आज तक नियुक्ति पाईप लाइन में है तो वहीं पार्ट टाइम शिक्षकों के भी 10 में से 8 पद रिक्त रहे। इसी का खामियाजा विद्यार्थियों को भुगतना पड़ा।
नियमानुसार इंटरनल असेसमेंट की प्रक्रिया
केयू के नियमानुसार किसी भी विषय की इंटरनल असेसमेंट लगाने के लिए तीन प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है। संबंधित शिक्षक कक्षा में विद्यार्थियों की हाजिरी के आधार पांच पर अंक, विद्यार्थी द्वारा उक्त विषय की दो असाइनमेंट जमा करने पर 10 अंक और विद्यार्थी द्वारा उक्त विषय का सेशनल देने पर पांच अंक के आधार पर असेसमेंट लगाई जाती है। बीएससी के पांचवें समेस्टर में फिजिक्स के टीचर की कमी न होने के चलते विद्यार्थियों की इंटरनल असेसमेंट नहीं लगाई गई, जिसकी वजह से करीब 300 बच्चों की फिजिक्स में कंपार्टमेंट आई।
- केयू के इंस्टीटयूट ऑफ इंटीग्रेटेड एंड ऑनर्स स्टडीज 16 के स्थान पर केवल छह शिक्षक तैनात
- बीएससी के पांचवें सेमेस्टर में 300 विद्यार्थियों का कंपार्टमेंट आने से हड़कंप
अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र। विश्वविद्यालय परिसर में स्थित यूनिवर्सिटी कॉलेज को इंस्टीटयूट ऑफ इंटीग्रेटेड एंड ऑनर्स स्टडीज का दर्जा मिलने के बाद भी शिक्षकों किल्लत है। जिसका खामियाजा बीएससी (नान मेडिकल) के पांचवें सेमेस्टर के छात्रों को फिजिक्स जैसे विषय में कंपार्टमेंट के तौर पर भुगतना पड़ रहा है। शिक्षकों की तैनाती की मांग को लेकर बुधवार को संस्थान के छात्रों ने जमकर बवाल काटा और प्राचार्य के दफ्तर में हंगामा किया।
विश्वविद्यालय कैंपस स्टूडेंट कौंसिल के महासचिव शुभम कालिया के नेतृत्व में संस्थान के छात्रों ने बुधवार सुबह विश्वविद्यालय एवं कॉलेज प्रशासन के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। विद्यार्थियों का गुस्सा यही शांत नहीं हुआ, विद्यार्थी नारेबाजी करते हुए कॉलेज प्राचार्य के कार्यालय में घुस गए। वहां मौजूद प्राचार्य ने भड़के विद्यार्थियों को समझाने का काफी प्रयास किया, लेकिन भड़के विद्यार्थियों ने समस्या का समाधान न होने तक मुख्य गेट पर ही धरना शुरू कर दिया और विश्वविद्यायल प्रशासन के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। मामला केयू प्रशासन तक पहुंचा तो डिप्टी प्रॉक्टर मौके पर पहुंची और उन्होंने आश्वासन दिया तो विद्यार्थी शांत हुए। प्रदर्शनकारी विद्यार्थियों ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर 10 मार्च तक उनकी समस्या का समाधान नहीं निकाला गया तो वह मजबूर होकर संस्थान के मुख्यद्वार पर ताला जड़ेंगे। इस अवसर पर एबीवीपी के राष्ट्रीय कलामंच के प्रदेश संयोजक एवं सीआर श्याम रावत व बीपीएसओ के कैंपस अध्यक्ष अरुण गौतम सहित सैकड़ों विद्यार्थी मौजूद रहे।
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विभागाध्यक्ष व प्राचार्य के बीच खींचतान,
विद्यार्थियों का आरोप है कि फिजिक्स के विभागाध्यक्ष डा. एसपी गुप्ता और कॉलेज प्राचार्य डॉ. सुरजभान मलिक की आपसी खींचातानी के चलते सैकड़ों विद्यार्थियों के भविष्य से खिलवाड़ किया जा रहा है। बताया कि बीएससी के पांचवें समेस्टर में उनके पास फिजिक्स का कोई शिक्षक नहीं था। उन्होंने खुद कड़ी मेहनत कर फिजिक्स के पेपर की परीक्षा दी, लेकिन कॉलेज प्रशासन ने बीएससी के करीब 300 विद्यार्थियों की इंटरनल असेस्मेंट दर्ज नहीं की। 24 फरवरी को घोषित हुए बीएससी के पांचवें समेस्टर में प्रशासन की इस लापरवाही के चलते सभी विद्यार्थियों की फिजिक्स में कंपार्टमेंट आ गई। इस संदर्भ में पहले भी कई बार कॉलेज प्रशासन को ज्ञापन सौंप चुके हैं, लेकिन प्रशासन अधिकारियों ने कोई कदम नहीं उठाया गया। प्रशासन की अनदेेखी के चलते विद्यार्थी सड़कों पर उतरने को मजबूर हुए हैं। फिजिक्स के विभागाध्यक्ष डॉ. एसपी गुप्ता ने बताया कि शिक्षक पर्याप्त न होने से विद्यार्थी पहले से ही दुखी थे। जब उन्होंने रिप्रेजेंटेशन दी तो करीब आधा दर्जन पर उन्होंने शिक्षकों की कर्मी लिखी। इसके बाद इंटरनल असेसमेंट पर भी लिखा कि न क्लास लगी और न हीं शिक्षक , ऐसे में इस विषय में बच्चों के भविष्य पर विपरित असर पड़ेगा। इसके बावजूद भी प्रशासन ने गंभीरता नहीं दिखाई और इसका खामियाजा विद्यार्थियों को भुगतना पड़ा। एक साथ 300 विद्यार्थियों की कंपार्टमेंट आना बेहद गंभीर एवं सोचनीय विषय है। प्राचार्य एसबी मलिक ने हालांकि इस मामले को लेकर अधिक बातचीत नहीं की , लेकिन उन्होंने दावा किया कि विद्यार्थियों की समस्या का समाधान कर दिया गया है। पहले शिक्षकों की कमी थी जबकि जनवरी माह में सभी पदों पर शिक्षक नियुक्त कर दिए गए है। भविष्य में विद्यार्थियों को शिक्षकों की कमी का सामना नहीं करना पड़ेगा।
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16 में से महज 6 शिक्षक, रिक्त पदों पर नहीं हुई भर्ती
यूनिवर्सिटी कॉलेज को इसी वर्ष जनवरी माह में उक्त संस्थान का दर्जा दिया गया है, लेकिन कुल 70 में से आज भी करीब 12 शिक्षकों की कमी है। इससे पहले भी फिजिक्स विभाग में 10 शिक्षकों का टोटा रहा। जहां 6 स्थाई पदों में से 2 पर आज तक नियुक्ति पाईप लाइन में है तो वहीं पार्ट टाइम शिक्षकों के भी 10 में से 8 पद रिक्त रहे। इसी का खामियाजा विद्यार्थियों को भुगतना पड़ा।
नियमानुसार इंटरनल असेसमेंट की प्रक्रिया
केयू के नियमानुसार किसी भी विषय की इंटरनल असेसमेंट लगाने के लिए तीन प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है। संबंधित शिक्षक कक्षा में विद्यार्थियों की हाजिरी के आधार पांच पर अंक, विद्यार्थी द्वारा उक्त विषय की दो असाइनमेंट जमा करने पर 10 अंक और विद्यार्थी द्वारा उक्त विषय का सेशनल देने पर पांच अंक के आधार पर असेसमेंट लगाई जाती है। बीएससी के पांचवें समेस्टर में फिजिक्स के टीचर की कमी न होने के चलते विद्यार्थियों की इंटरनल असेसमेंट नहीं लगाई गई, जिसकी वजह से करीब 300 बच्चों की फिजिक्स में कंपार्टमेंट आई।