फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Kurukshetra News ›   धान का अब तक नहीं हुआ भुगतान, भटक रहे किसान

धान का अब तक नहीं हुआ भुगतान, भटक रहे किसान

Thu, 16 Nov 2017 12:38 AM IST
Updated Thu, 16 Nov 2017 12:38 AM IST
विज्ञापन
धान का अब तक नहीं हुआ भुगतान, भटक रहे किसान
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन

लाडवा।
प्रदेश सरकार ने किसानों को उनके धान का भुगतान 72 घंटे में करने का दावा किया था। यह वादा झूठा साबित हुआ है। लाडवा अनाज मंडी में सरकार को धान बेच चुके किसान और आढ़ती 550 घंटे गुजरने के बाद भी भुगतान के इंतजार में हैं। समय से भुगतान नहीं होने के कारण मंडी के आढ़ती और किसान परेशान हैं। किसान के हाथ खाली होने से बाजार में भी पैसा नहीं पहुंचा है। आज भी लाडवा अनाजमंडी के आढ़तियों और किसानों के करीब 50 करोड़ रुपये सरकारी एजेंसियों के पास हैं।
लाडवा अनाजमंडी में खाद्य आपूर्ति विभाग और हैफड धान की सरकारी खरीद कर रहा है। जिला खाद्य आपूर्ति विभाग ने लाडवा मंडी से करीब 168 करोड़ रुपये का धान खरीदा था। इसमें से विभाग ने अभी तक 23 अक्टूबर तक के ही बिल का भुगतान किया है। खाद्य आपूर्ति विभाग की ओर 22 करोड़ रुपये बकाया हैं। हैफड ने अभी तक 24 अक्टूबर तक की खरीद का भुगतान किया है। उस पर करीब 22 करोड़ का भुगतान बकाया है। किसान अपनी फसल का भुगतान लेने के लिए आढ़तियों के चक्कर लगा रहे हैं। किसानों का काम चलाने के लिए आढ़ती कर्जा लेकर उन्हें पैसे दे रहे हैं। लाडवा अनाजमंडी आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान बिमलेश गर्ग, उपप्रधान बलवंत सिंह नठौडी, सोहन लाल, सुभाष मंढान, सुरेंद्र सिंगला, शिव कुमार कंबोज, नरेंद्र कुमार, देवीदयाल शर्मा, जसबीर सिंह छलौंदी, सतनाम सिंह चट्ठा ने कहा कि धान की सरकारी खरीद का भुगतान 72 घंटे में करने के सरकार ने दावे किए थे। अब 22 दिन से ज्यादा समय गुजरने के बाद भी बकाए का भुगतान नहीं किया जा रहा। मंडी प्रधान बिमलेश गर्ग का कहना है कि वे भुगतान के बारे में जिला खाद्य आपूर्ति नियंत्रक और हैफड के जिला प्रबंधक से संपर्क कर रहे हैं। सरकारी एजेंसियों के अधिकारी चंडीगढ़ से रुपये न आने की बात कह रहे हैं।
विज्ञापन


रुपये मिलते ही करते हैं भुगतान : जांगडा
हैफड के प्रबंधक कुलदीप जांगडा का कहना है कि उनके खाते में जितने रुपये भेजे जाते हैं, उतने का भुगतान तुरंत करा दिया जाता है। उन्होंने बताया कि बुधवार को कुछ भुगतान खाते में आया था। उससे 26 अक्टूबर तक के चेक बना दिए गए है। इन्हें वीरवार को मंडी में भेज दिया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

चंडीगढ ट्रेजरी में अटके हैं बिल : जसबीर सिंह
मार्केट कमेटी लाडवा के सचिव जसबीर सिंह ने बताया कि उनकी जिला खाद्य आपूर्ति नियंत्रक से भुगतान कराने के बारे में बात हुई है। उन्होंने बताया है कि धान खरीद के पांच लाख रुपये से अधिक के बिल पास होने के लिए चंडीगढ ट्रेजरी भेजे जाते हैं। वहां 23 अक्टूबर के बाद के बिल रुके हुए हैं।


ऊपर से नहीं आ रहा पेमेंट : हुकमचंद
खाद्य आपूर्ति निरीक्षक हुकमचंद का कहना है कि धान खरीद का भुगतान ऊपर से नहीं आ रहा है। भुगतान रुकने के कारण के बारे में सही जानकारी जिला खाद्य आपूर्ति नियंत्रक से ही मिल सकेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed