फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Kurukshetra News ›   अप्रत्यक्ष छात्र संघ चुनाव विरोध हीरररि

अप्रत्यक्ष छात्र संघ चुनाव विरोध हीरररि

Sun, 14 Oct 2018 12:14 AM IST
Updated Sun, 14 Oct 2018 12:14 AM IST
विज्ञापन
अप्रत्यक्ष छात्र संघ चुनाव विरोध  हीरररि
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन

कुरुक्षेत्र। लाठीचार्ज के बाद शनिवार को एबीवीपी और कुसा को छोड़ अन्य सभी छात्र संगठन लामबंद हुए और अप्रत्यक्ष छात्र संघ चुनाव के विरोध में कुलपति कार्यालय के समक्ष प्रदर्शन करते हुए सीएम का पुतला फूंका। इस दौरान केयू परिसर में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। वहीं छात्र संगठनों ने शुक्रवार को पुलिस द्वारा किए गए लाठीचार्ज और छात्र नेताओं पर मुकदमा दर्ज करने के खिलाफ यूनिवर्सिटी परिसर में रोष मार्च निकाला। इनसो, एनएसयूआई, एसएफआई सहित कई छात्र संगठन शनिवार को सुबह करीब 11 बजे केयू स्थित नेशनल कॉफी हाउस के नजदीक एकत्रित हुए। वहां से प्रत्यक्ष चुनाव की मांग सहित अन्य मांगों को लेकर यूनिवर्सिटी परिसर में रोष मार्च निकाला और कुलपति कार्यालय के समक्ष प्रदर्शन किया। इस दौरान छात्र नेताओं ने केयू प्रशासन पर चुनावी प्रक्रिया में भेदभाव करने के आरोप लगाये। छात्र नेताओं ने सरकार, केयू प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए एबीवीपी को निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि जब एबीवीपी देर रात थर्ड गेट को बंद कर प्रदर्शन करती है, छात्रावासों में जाकर गुंडागर्दी करती है, तब पुलिस ने क्यों नहीं कार्रवाई की। उनका आरोप है कि सरकार एबीवीपी को अपनी गोदी में बैठा छात्र संघ चुनाव करवाना चाहती है, लेकिन केयू के छात्र संगठन इसका विरोध करते रहेंगे। उन्होंने ऐलान किया कि यदि एबीवीपी अप्रत्यक्ष रूप से चुनाव जीतती है तो कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी स्टूडेंटस कार्यकारिणी परिषद कार्यालय में बैठने नहीं देंगे। इस दौरान छात्र नेताओं ने कहा कि केयू प्रशासन परिसर में पुलिस फोर्स तैनात कर यूनिवर्सिटी का माहौल खराब करना चाहता है। जब छात्रों की सुरक्षा की बात आती है तो पुलिस प्रशासन कहां सोया हुआ होता है। शहर में सरेआम नशा बेचा जा रहा है, तब कहां सो जाती है पुलिस। उन्होंने कहा कि पुलिस के डर से करीब 50 प्रतिशत विद्यार्थी अपने घर की तरफ रवाना हो चुके है। उन्होंने केयू प्रशासन के मांग की है कि पुलिस को यूनिवर्सिटी परिसर से बाहर करें। उन्होंने कहा कि सभी छात्र संगठन अप्रत्यक्ष छात्र संघ चुनाव के विरोध में 17 अक्तूबर तक प्रदर्शन करते रहेंगे। इस अवसर पर इनसो केयूके अध्यक्ष विक्रम गुर्जर, बीपीएसओ से अमित बारना, एनएसयूआई से पवन सैंथली, यैंकी मोर, एसएफआई प्रदेशाध्यक्ष सुमन गडवाल, शहनवाज, रजत, जस्सी, रीतू, जैनी, सहज, डीएसएफआई से अशोक, एमपीएसए से रोमी राणा, एचएसएफ से मनदीप लांबा, केयूवीएम से रीकू ग्योंग सहित अन्य संगठनों के कार्यकर्ता मौजूद रहे।

छात्र संगठनों की यह है मुख्य मांगें:-
-छात्र संघ चुनाव को प्रत्यक्ष रूप से बहाल करें।
-इस दौरान नई कार्यकारिणी का गठन किया जाए।
-पुलिस प्रशासन के केयू परिसर से हटाया जाए।
- 12 छात्र नेताओं पर हुए पुलिस केस को वापस लिया जाए।
-चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता बरती जाए।
-केयू में शांतिपूर्वक तरीके से चुनाव करवाए जाए।

यूनिवर्सिटी परिसर पुलिस छावनी में हुुआ तब्दील
छात्र संघ चुनाव के चलते केयू परिसर पुलिस छावनी में तब्दील हो चुका है। प्रशासन ने केयू मेें पुलिस बल ओर तैनात कर दिया है। खुफिया तंत्र सहित पुलिस कर्मी परिसर में चप्पे-चप्पे पर नजर रख रहे है। ताकि कोई अनहोनी न हो। जानकारी के अनुसार केयू परिसर में केयूके थाना छोटू राम, सिटी थाना जसपाल ढिल्लो, एसएचओ झांसा राकेश कुमार, महिला पुलिस कर्मी सहित करीब 100 पुऱ्लिस कर्मचारी तैनात हैं। इसके साथ केयू प्रशासन द्वारा केयू में हल-चल वीडियोग्राफी कराई जा रही है।
विज्ञापन


पांच गाड़ियों में मिले बिंडे
चुनावी माहौल के चलते केयू में चल रही चेकिंग के दौरान केयू थर्ड गेट पर पांच गाड़ियों में बिंडे मिले। सुरक्षा कर्मियों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। पुलिस मौके पर पहुंची और कार चालक को पुलिस चौकी में ले जाकर पूछताछ की। बाद में चेतावनी देकर छोड़ दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन

ये छात्र संगठन नहीं लड़ेंगे चुनाव
जानकारी के अनुसार इनसो, एसएफआई, एनएसयूआई, बीपीएसओ, डीएसएफआई, एमपीएसए, केयूवीएम, असवा, आईसा व दिशा छात्र संगठन अप्रत्यक्ष रूप से हो रहे चुनाव में भाग नहीं लेंगे। इन्होंने नामांकन वापस लेने का ऐलान किया। इन संगठनों से जुड़े छात्र नेताओं का आरोप है कि केयू प्रशासन के चुनावी प्रक्रिया में एबीवीपी के अलावा तमाम छात्र संगठनों के साथ भेदभाव किया है। वे सिर्फ प्रत्यक्ष रूप से चुनाव लड़ेगे।

जनसंघर्ष मंच ने लाठीजार्च की निंदा
जन संघर्ष मंच की राज्य महासचिव सुदेश कुमारी ने कहा कि प्रत्येक छात्र संगठन प्रत्यक्ष रूप से चुनाव चाहता है, लेकिन सरकार अपना तानाशाही रवैया दिखा रहा है। प्रत्यक्ष रूप से चुनाव की मांग कर रहे विद्यार्थियों पर पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। इसके वे निंदा करते है और एसओएसडी इन छात्र संगठनों की मांगों का समर्थन करता है।


एबीवीपी और कुसा होंगे आमने-सामने
जानकारी के अनुसार सिर्फ कुसा और एबीवीपी ही अप्रत्यक्ष रूप से छात्र संघ चुनाव लड़ेंगे। कुसा प्रधान विकास बलाही ने बताया कि कुसा के करीब 80 सीआर ने अपने नामांकन भर दिए है। कुसा का चुनावी प्रचार जोरों पर है। कुसा किसी छात्र संगठन का समर्थन नहीं करता।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed